काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में वार्षिक अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस का आयोजन, 40 देशों की सांस्कृतिक विविधता से सजा स्वतंत्रता भवन…

वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में गुरुवार को वार्षिक अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विभिन्न देशों के विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को अंतरराष्ट्रीय रंगों से सराबोर कर दिया.
कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विदेशी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना, उनकी संस्कृति का सम्मान करना तथा वैश्विक एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना रहा. आयोजन में लगभग 40 देशों के विद्यार्थियों ने भाग लिया, जबकि वर्तमान में बीएचयू में करीब 800 विदेशी छात्र अध्ययनरत हैं.
विद्यार्थियों ने अपने-अपने देशों की पारंपरिक वेशभूषा, संगीत, नृत्य और कला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत प्रस्तुत की. कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न देशों के विद्यार्थियों की रैंप वॉक से हुई, जिसमें बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, तिब्बत, युगांडा समेत कई देशों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली. श्रीलंका के विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं भूटान के छात्रों ने पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया. बांग्लादेश के विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की कथा पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी.
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि कला, संगीत और नृत्य पूरी दुनिया को एक सूत्र में बांधने की शक्ति रखते हैं. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी बीएचयू परिसर की विविधता और शैक्षणिक वातावरण को और समृद्ध बनाते हैं. उन्होंने शिक्षा पूर्ण कर रहे विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे बीएचयू की यादों को दुनिया भर में लेकर जाएंगे.
कार्यक्रम में नवीन अंतरराष्ट्रीय महिला छात्रावास की प्रशासनिक संरक्षक प्रो. मौसमी मुत्सुद्दी ने स्वागत भाषण दिया। इस दौरान स्पोर्ट्स वीक के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह, अंतरराष्ट्रीय केंद्र के समन्वयक प्रो. राजेश कुमार सिंह, प्रो. अख्तर अली समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे.



