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बनारस की इन प्राचीन मंदिरों की बदलेगी सूरत, तैयार हुआ मास्टर प्लान

बनारस की इन प्राचीन मंदिरों की बदलेगी सूरत, तैयार हुआ मास्टर प्लान
May 03, 2026, 11:57 AM
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Posted By Preeti Kumari

These ancient temples of Banaras will be transformed, master plan ready


वाराणसी: पूर्वांचल के गाजीपुर और वाराणसी के तीन प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों और खंडहर हो चुके स्थानों को संरक्षित किया जाएगा. इसके लिए पर्यटन और पुरातत्व विभाग ने एक जबरदस्त मास्टर प्लान तैयार किया है. जिस प्राचीन मंदिरों के लिए ये प्लान तैयार किया गया है उनमें अश्वारी शिव मंदिर, गोपाल लाल विला और पाली राधा कृष्ण मंदिर शामिल है, जिनके जर्जर और बेकार हुई संरचनाओं को दुबारा से मजबूत कर यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित किये जाने का फैसला लिया गया है.


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ऐतिहासिक मंदिरों की जल्द मरम्मत


इस प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिरों की मरम्मत कराने में राजातालाब अश्वारी स्थित शिव मंदिर, अर्दली बाजार स्थित गोपाल लाल विला और गाजीपुर के पाली स्थित राधा कृष्ण मंदिर शामिल हैं, जर्जर हुए इन मंदिरों की दुबारा से खूबसूरती निखारी जाएगी, ताकि पर्यटन और श्रद्धालुओं के लायक बन सके. जो विकास के साथ-साथ रोजगार का भी जरिया बनेगा.


बात करें अश्वारी स्थित शिव मंदिर की जो वाराणसी के राजातालाब क्षेत्र के अश्वारी स्थित शिव मंदिर का इतिहास पेशवाओं से जुड़ा है. इस मंदिर की बनावट, विशेषकर इसके शिखर और नक्काशीदार पत्थर, उन उत्तर भारतीय मंदिरों की याद दिलाते हैं, जिनका पुनर्निर्माण पेशवाओं ने 290 वर्ष पहले वाराणसी के धार्मिक पुनरुद्धार के समय कराया था. मंदिर के गर्भगृह और बाहरी दीवारों पर पेशवा कालीन निर्माण शैली स्पष्ट रूप से झलकती है, यह उस दौर की याद दिलाता है जब पेशवाओं ने काशी को सांस्कृतिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए शहर के बाहरी इलाकों तक मंदिरों का जाल बिछाया था.


गोपाल लाल विला


अर्दली बाजार, एलटी कॉलेज परिसर में स्थित गोपाल लाल विला आज खंडहर में तब्दील हो चुका है, इस भवन के खंडहर लगभग 50 वर्गमीटर के क्षेत्रफल में स्थित हैं।इसके भीतर छोटे-छोटे कमरे बने हुए हैं. फिलहाल इस संपत्ति पर शिक्षा विभाग का मालिकाना हक है, यहां स्वामी विवेकानंद ने अपने अंतिम दिनों में लगभग सवा महीने तक प्रवास किया था. वर्ष 1902 में जब विवेकानंद बीमार हुए, तब उन्हें यहीं पर स्वास्थ्य लाभ मिला था.


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गाजीपुर का राधा कृष्ण मंदिर


400 वर्ष पुराने मंदिर का निर्माण 56 खंभों के साथ किया गया है, पुरनिए बताते हैं कि मंदिर का निर्माण राजस्थानी शैली में हुआ है, मंदिर में राधा कृष्ण की अष्टधातु की मूर्ति मौजूद है, ब्रिटिश हुकूमत के दौरान ब्रिटानी बैंक में मंदिर के नाम से कुछ पैसा भी जमा था, जिसका आज भी कुछ ब्याज मिलता है. गाजीपुर का पंच मंदिर, वाराणसी में पंचकोशी यात्रा मार्ग पर शिव मंदिर एवं एलटी कॉलेज परिसर में स्थित गोपाललाल विला अपनी प्राचीन वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं, इसे इस आधार पर विकसित किया जा रहा है.


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पंडितपुर बना डेंगू मुक्त मॉडल गांव, ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ अभियान ने बदली तस्वीर...
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वाराणसी: रोहनिया क्षेत्र के पंडितपुर गांव ने डेंगू और मलेरिया के खिलाफ सामुदायिक जागरूकता का एक सफल उदाहरण पेश करते हुए खुद को एक मॉडल गांव के रूप में स्थापित किया है. मच्छर भगाने वाले प्रमुख ब्रांड ‘ऑल आउट’ की सामुदायिक पहल ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ अभियान ने सोमवार को अपने सफल संचालन का एक वर्ष पूरा कर लिया. इस अवसर पर अभियान संचालित करने वाली ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी पहली इम्पैक्ट रिपोर्ट जारी की, जिसमें पंडितपुर गांव में हुए सकारात्मक बदलावों को साझा किया गया.विश्व डेंगू दिवस 2025 के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मच्छरों के पनपने वाले स्थलों को खत्म करना तथा सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करना था. एक वर्ष के दौरान अभियान ने गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.अभियान की सबसे खास पहल रही ‘दबंग डेंगू जासूस’, जिसमें गांव के बच्चों को जागरूकता दूत बनाया गया. इन बच्चों ने घर-घर जाकर लोगों को डेंगू के लक्षण, बचाव के उपाय और स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी. बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे गांव में जागरूकता फैलाने में अहम योगदान दिया.जारी इम्पैक्ट रिपोर्ट के अनुसार, पंडितपुर गांव में डेंगू और मलेरिया के प्रति जागरूकता का स्तर बढ़कर 97 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इसके अलावा 90 प्रतिशत से अधिक परिवार अब नियमित रूप से घरों और आसपास जमा पानी को बदलने या हटाने लगे हैं, जिससे मच्छरों के प्रजनन स्थलों में कमी आई है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि लोगों में डेंगू के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की प्रवृत्ति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रतनजीत दास ने कहा कि डेंगू जैसी बीमारियों से लड़ाई केवल दवाओं या उपचार से नहीं, बल्कि जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से जीती जा सकती है. उन्होंने कहा कि पंडितपुर में मिले परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि जब पूरा समुदाय एकजुट होकर स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए काम करता है तो बड़े बदलाव संभव होते हैं.वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जे. नायक ने इस पहल को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सामुदायिक कार्रवाई में बदलने का उत्कृष्ट उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियान न केवल बीमारियों की रोकथाम में मदद करते हैं बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं.कार्यक्रम में उपस्थित जिला मलेरिया अधिकारी एस.सी. पांडेय ने भी अभियान की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि पंडितपुर की सफलता अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल साबित हो सकती है.ALSO READ : दान और चढ़ावा घोटाले में एसआईटी पर भरोसा नहीं, आप नेता ने योगी सरकार पर लगाया आरोप ...अभियान के अगले चरण में भी ‘ऑल आउट’ और ब्रिलॉन कंज्यूमर प्रोडक्ट्स द्वारा जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक गतिविधियां और स्वच्छता संबंधी पहल जारी रखी जाएंगी, ताकि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के खिलाफ लोगों को लगातार जागरूक किया जा सके और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दिया जा सके.
दान और चढ़ावा घोटाले में एसआईटी पर भरोसा नहीं, आप नेता ने योगी सरकार पर लगाया आरोप ...
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वाराणसी : अयोध्‍या में दान और चढ़ावा घोटाले के आरोपों से सियासत गरमा गई है. इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के राज्‍यसभा सदस्‍स्‍य संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि 22 जुलाई 2024 को अयोध्या के उप-जिलाधिकारी द्वारा यह सत्यापित किया गया की खरीदी गई जमीन नजूल की थी. इससे साफ पता चलता है कि इसका खरीद फरोख्त अवैध रूप से किया गया था. संजय सिंह ने बताया कि नजूल की जमीन सरकारी जमीन होती है और उसे खरीदा या बेचा नहीं जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमीन को बेचने वाले महंत मुरली दास हैं, जो बाबा पुरन दास के चेले हैं और खरीदने वाले चंपत राय हैं, जिसमें मिथिलेश्वर नामक शख्स को गवाह बनाया गया है.चंदे की बंदरबांटसंजय सिंह ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया है कि जिस तरह से अयोध्या में चंदे में बंदरबाट की गई है, उसका आंकड़ा 200 करोड़ के पार है. उन्होंने आरोप लगाया कि दान और चढ़ावे के करोड़ों रुपये मिलीभगत से लोगों ने डकार लिए. संजय सिंह ने कहा है कि उन्हें एसआईटी की जांच पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. वहीं, उन्होंने आरोप लगाया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में 40 दान पत्र मौजूद है, जिनमें प्रत्येक दिन 15 से 20 लाख रुपये की चोरी होती थी.8 महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीटसंजय सिंह ने ट्रस्ट को भंग किए जाने की मांग की है. इसके साथ ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की है. संजय सिंह ने कहा है कि ट्रस्ट में सिर्फ और सिर्फ ईमानदार लोगों को ही रखा जाए. संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी डिलीट किया गया है. उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की 8 महीने की फुटेज को डिलीट किया गया है, ताकि चंदे के पैसे को गबन किया जा सके.आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या में चल रहे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि राम मंदिर के नाम पर देश के कोने-कोने से मिले चंदे के पैसे से अयोध्या में कम पैसे की जमीन बहुत अधिक रेट में अयोध्या में ट्रस्ट के नाम पर खरीदी गई. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस जमीन की खरीद फरोख्त में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है.ALSO READ : अंडर-19 राष्ट्रीय T10 टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का ट्रायल, BHU में जुटें युवा खिलाड़ी...24 करोड़ में खरीदी 2.92 करोड़ की जमीनआम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि 2 अप्रैल 2024 को चंपत राय ने अयोध्या में 645 वर्ग मीटर की एक जमीन खरीदी थी, जिसका गाटा संख्या 247 है. उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान इस जमीन की कीमत 2 करोड़ 92 लाख 86 हजार रुपये थी, लेकिन इस जमीन को चंपत राय ने 24 करोड़ में खरीदा और इसे खरीदने में देशभर के लोगों द्वारा दान दिए गए पैसे का इस्तेमाल हुआ.
अंडर-19 राष्ट्रीय T10 टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का ट्रायल,  BHU में जुटें युवा खिलाड़ी...
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वाराणसी : खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है. T10 टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित होने वाली अंडर-19 राष्ट्रीय T10 टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए उत्तर प्रदेश टीम के चयनार्थ ट्रायल का आयोजन 15 जून 2026 को प्रातः 8 बजे बीएचयू के बिरला ग्राउंड, वाराणसी में किया गया. इस ट्रायल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी हिस्सा लिये और राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाने के लिए अपना दमखम दिखाया.आयोजकों के अनुसार ट्रायल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम के लिए किया किया. चयनित खिलाड़ी एक से 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली 3rd जूनियर नेशनल T10 टेनिस बॉल क्रिकेट चैंपियनशिप के लिए आगामी 29 सितंबर को जम्मू-कटरा में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय T10 टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता चैंपियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे. यह प्रतियोगिता देशभर के युवा क्रिकेटरों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच साबित होगा.राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले इस महाकुंभ में देश के 28 राज्यों की टीमें भाग लेंगी. प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पूर्वांचल, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, गोवा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, असम, तेलंगाना, गुजरात सहित कई राज्यों के खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों का प्रतिनिधित्व करेंगे. ऐसे में यह प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने और भविष्य में खेल जगत में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर होगी.T10 टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया लगातार युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने और उन्हें राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करता रहा है. इसी क्रम में वाराणसी में आयोजित यह ट्रायल प्रदेश के उभरते क्रिकेटरों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.एसोसिएशन ने प्रदेश के सभी पात्र और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से समय पर ट्रायल स्थल पर पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है. आयोजकों का कहना है कि चयन पूरी पारदर्शिता और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा, ताकि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने का अवसर मिल सके.ALSO READ : अब गलियों की सफाई से लेकर सड़कों के गड्ढों पर रहेगी नजर, कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में लगेंगे कैमरे...इस अवसर पर बोर्ड के सचिव अभिषेक कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी धनेश्वर साहनी तथा कोच अमृत कुमार चौबे एवं अध्यक्ष अजय सिंह बॉबी सहित एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी एवं खेल प्रेमी भी उपस्थित रहेंगे. सभी अधिकारियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए अधिक से अधिक संख्या में ट्रायल में भाग लेने का आह्वान किया है.