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बनारस लिटरेचर फेस्टिवल-4 - काशी की साहित्यिक फिजा में सृजन, स्मृति और साधना का अद्भुत संगम, अनुपम खेर ने रखे विचार

बनारस लिटरेचर फेस्टिवल-4 - काशी की साहित्यिक फिजा में सृजन, स्मृति और साधना का अद्भुत संगम, अनुपम खेर ने रखे विचार
Jan 30, 2026, 10:15 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : देश की सांस्‍कृतिक राजधानी काशी की साहित्यिक फिजा में सृजन, स्मृति और साधना का अद्भुत संगम देखने को मिला. अवसर वाराणसी स्थित होटल ताज में शुक्रवार को बनारस लिटरेचर फेस्टिवल-4 के उद्घाटन का था. इस दौरान पद्मभूषण से सम्मानित प्रख्यात अभिनेता अनुपम खेर के दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ. मंच पर अनुभव, संघर्ष और प्रेरणा का भी प्रकाश फैला हुआ था.


उद्घाटन सत्र में स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाट्य मंचन को देखकर अनुपम खेर भाव विभोर हो उठे. उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि यह प्रस्तुति उन्हें अपने स्कूल के दिनों की याद दिला गई. उन्होंने अपने जीवन के पहले नाटक की स्मृति साझा की, जिसमें उन्हें पृथ्वीराज चौहान की भूमिका मिली थी, जबकि जयचंद की भूमिका दूधवाले के बेटे नंदू को दी गई थी. अनुपम खेर ने हंसते हुए कहा, “मुझे चुनने की ‘क्वालिफिकेशन’ बस इतनी थी कि मैं गोरा और पतला था.”


उन्होंने उस नाटक का एक रोचक प्रसंग सुनाया, जिसमें उनका संवाद था— “चला जा, चला जा, तू बकवास ना कर”— जिसे तीन बार बोलना था और हर बार जयचंद को गिरना था. दो बार तो नंदू गिर गया, लेकिन तीसरी बार गिरने से पहले उसके पिता की आवाज़ गूँज उठी— “अब तू गिरा तो घर मत अइयो.” इस संस्मरण को सुनाते हुए पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा.

अपने वक्तव्य की शुरुआत में अनुपम खेर ने एक सशक्त सूत्रवाक्य दिया. उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिभा से अधिक परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही किसी कलाकार को गढ़ता है. उन्होंने कहा कि अभिनय केवल मंच या कैमरे की कला नहीं, बल्कि जीवन को गहराई से देखने और महसूस करने की साधना है.


सत्र के अंत में अनुपम खेर ने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया, उनके प्रश्नों के उत्तर दिए और स्मृतिचिह्न स्वरूप उनके साथ फोटो भी खिंचवाए. यह पल बच्चों के लिए प्रेरणा का स्थायी दीप बन गया. बीएलएफ के अध्यक्ष दीपक मधोक ने स्वागत भाषण में कहा कि काशी से ज्यादा उपयुक्त स्थान कोई और हो ही नहीं सकता। यहां धर्म, आध्यात्म, संस्कृति, संस्कार, संस्कृत आदि का अविरल प्रवाह है. उन्होंने मार्क ट्वेन को उद्धृत करते हुए काशी की महिमा का बखान किया. मधोक ने कहा कि बनारस लिटरेचर फेस्टिवल एक संगठित टीम वर्क है. इस बार फेस्टिवल में 167 सेलिब्रिटीज आए हुए हैं और कई कार्यक्रम एक साथ संचालित हैं. उन्होंने सभागार में मौजूद सैकड़ों संस्कृति एवं कला प्रेमियों को कार्यक्रम का साक्षी बनने का आह्वान किया.


बीएलएफ के सचिव बृजेश सिंह ने इस फेस्टिवल के कॉन्सेप्ट को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि यह बनारस की निरंतर आनंदयुक्त संस्कृति की वाहक है. बाबा काशी विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा की असीम कृपा से यह फेस्टिवल चौथे वर्ष भी भव्य रूप से आयोजित हो रहा है. इसमें 13 देशों के परफॉर्मेंस और 50 से अधिक देशों के दर्शक आए हुए हैं. उन्होंने कहा कि अनुमानतः एक फरवरी को महोत्सव के समापन तक लगभग एक लाख लोग इसके साक्षी बनेंगे.


पंडित चंद्रमौली उपाध्याय ने कहा कि यह आयोजन सामान्य नहीं, बल्कि बहुत कठिन है. इसे पूर्ण करने के लिए जो प्रयत्न किया जा रहा है, वह अतिमहत्वपूर्ण है. नेपाल से आए विशेष अतिथि विनोद चौधरी ने कहा कि नेपाल और काशी का संबंध अद्भुत और अटूट है. डॉ. नीरजा माधव ने काशी की जीवनशैली और मिज़ाज को रेखांकित करते हुए कहा कि काशी के अधिपति बाबा काशी विश्वनाथ का स्वभाव जैसा है, वैसा ही उनके काशीवासियों का भी है.


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उद्घाटन से पूर्व सनबीम लहरतारा के छात्रों ने “चोला टाइगर्स: द एवेंजर्स ऑफ सोमनाथ” नाटक का प्रभावशाली मंचन किया, जिसने दर्शकों में देशभक्ति का ज्वार पैदा कर दिया. बीएलएफ-4 के उद्घाटन सत्र के दौरान दो पुस्तकों का विमोचन भी हुआ, जिसमें सीआरपीएफ के डीआईजी निशित कुमार की पुस्तक 'द बेंगलोर कांसेप्ट' शामिल है.इस दौरान 61 हजार बुक मार्क का भी विमोचन किया गया, जो बच्चों द्वारा बनाए गए थे.

पर्याप्त डीजल-पेट्रोल और सिलेंडर उपलब्ध, अफवाह फ़ैलाने वालों और कालाबाजारी पर रखी जा रही नजर: डीएम 
पर्याप्त डीजल-पेट्रोल और सिलेंडर उपलब्ध, अफवाह फ़ैलाने वालों और कालाबाजारी पर रखी जा रही नजर: डीएम 
वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि जनपद में पर्याप्त डीजल-पेट्रोल एवं सिलेंडर उपलब्ध है. किसी भी तरह की किल्लत नहीं है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से निरन्तर समन्वय स्थापित कर सुचारू रूप से पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि जनपद के सभी पेट्रोल पंपों, गैस एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल, पेट्रोल एवं घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध है. किसी भी तरह की अफवाह फ़ैलाने और कालाबाजारी करने वालों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी. जिलाधिकारी ने पीएनजी गैस सप्लाई को सुचारू बनाये रखने के लिए भी निर्देश दिए हैं. हॉस्पिटल और एजुकेशनल संस्थाओं में भी गैस की सप्लाई सुचारू बनी हुई है. यह भी पढ़ें: वाराणसी में महायज्ञ का होगा आयोजन, 24 घंटे विष्णु सहस्रनाम पाठ और एक लाख बिल्वार्चनागैस किल्लत को लेकर अफवाहों पर योगी सरकार सख्त है. जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ बैठक करके मौजूदा स्थिति का आकलन किया गया है. बैठक में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने जानकारी दी कि स्थिति सामान्य है. किसी भी प्रकार से आमजन को परेशानी नहीं होने दी जाएगी.जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से भी अपील भी की कि किसी भी अफवाह में पड़ कर घबराए नहीं. सभी उपभोक्ताओं को घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल सामान्य तरीके से मिलता रहेगा. उन्होंने बताया कि औसतन परिवार में घरेलू गैस लगभग 1 महीने चलता है. लोग इसका अनुचित प्रयोग न करें, इसलिए गैस प्राप्त करने के पश्चात 25 दिन का समय बुक करने के लिए रखा गया है. जिलापूर्ति अधिकारी के.बी सिंह ने बताया कि वाराणसी में गैस एजेंसियों की संख्या 81 एवं उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 10. 36 लाख है. प्रतिदिन औसतन लगभग 23,600 उपभोक्ताओं की गैस रिफिल की जाती है, जो पूर्व की तरह सुचारू रूप से चल रही है. इसमें किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं है. सभी को होम डिलीवरी के माध्यम से घरेलू गैस उपलब्ध हो रहा है.
वाराणसी में महायज्ञ का होगा आयोजन, 24 घंटे विष्णु सहस्रनाम पाठ और एक लाख बिल्वार्चना
वाराणसी में महायज्ञ का होगा आयोजन, 24 घंटे विष्णु सहस्रनाम पाठ और एक लाख बिल्वार्चना
वाराणसी: काशी में विश्व शांति और धर्म रक्षा के संकल्प के साथ एक भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है. श्रृंगेरी शारदा पीठम के दोनों जगद्गुरुओं के दिव्य आशीर्वाद से कल्वाकोलानु चितरंजन दास मेमोरियल सेवा संगठन, हैदराबाद (तेलंगाना) की ओर से काशी के मुमुक्षु भवन परिसर स्थित सहस्त्रलिंगेश्वर क्षेत्र में ‘शिवाय विष्णु रूपाय’ नामक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. इस आयोजन का नेतृत्व ब्रह्मश्री कल्वाकोलानु रामचन्द्रमूर्ति और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती जयलक्ष्मी रामचन्द्रमूर्ति के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. कार्यक्रम की शुरुआत महा संकल्प और गणपति पूजन से होगी. इसके बाद पुण्य वाचन, मंडप स्थापना और यज्ञशाला प्रवेश के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे.यह भी पढ़ें: अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट, शुरू हुई ड्रोन से निगरानीतीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में गणपति हवन, रुद्र हवन, नवग्रह हवन, गायत्री हवन जैसे विशेष यज्ञ आयोजित किए जाएंगे. मंदिर परिसर में विष्णु सहस्रनाम का 24 घंटे अखंड पारायण किया जाएगा. इसके साथ ही एक लाख बिल्वार्चना और एक लाख रुद्राक्ष अर्चना का भी आयोजन होगा. इसके अलावा महिलाओं द्वारा हनुमान चालीसा पारायण, सौंदर्य लहरी पाठ और ललिता सहस्रनाम पारायण भी किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान अस्सी घाट के तट पर ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक संध्यावंदन भी किया जाएगा. आयोजन के अंत में मंत्र पुष्प और प्रसाद वितरण के साथ अनुष्ठान का समापन होगा.देश-विदेश से आएंगे श्रद्धालुआयोजकों के अनुसार इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में करीब 1500 से 2000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी श्रद्धालु काशी पहुंच रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन विश्व शांति और मानव कल्याण के उद्देश्य से किया जा रहा है. उनका मानना है कि मंत्र जाप और यज्ञ के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और विश्व में शांति का संदेश जाएगा. संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि इससे पहले भी संस्था ने अयोध्या में शतकोटि गायत्री महायज्ञ और काशी में महारुद्र यज्ञ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों का सफल आयोजन किया है. आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जाति, लिंग और आयु के भेदभाव के बिना सभी लोग इस आध्यात्मिक उत्सव में शामिल होकर भगवान की पूजा-अर्चना करें और विश्व कल्याण के संकल्प में सहभागी बनें.
अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट, शुरू हुई ड्रोन से निगरानी
अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट, शुरू हुई ड्रोन से निगरानी
वाराणसी: ईद और अलविदा जुमे की नमाज को लेकर वाराणसी में पुलिस हाई अलर्ट मोड पर रही. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की गश्‍त बढा दी गई. इसी क्रम में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को शहर के दालमंडी इलाके में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. पुलिस प्रशासन की ओर से शहर के संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.इसके अलावा ड्रोन कैमरों और CCTV के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने दालमंडी क्षेत्र में पैदल गश्त की. इस दौरान पुलिस टीम ज्ञानवापी क्षेत्र तक पहुंची और वहां की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया.गश्त के दौरान पीएसी, महिला कमांडो और भारी पुलिस बल के साथ पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया गया, ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे और किसी भी तरह की अफवाह या असामाजिक गतिविधि पर नजर रखी जा सके. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि जिले की सभी मस्जिदों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार पेट्रोलिंग और रूट मार्च कर रहे हैं.यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्र पर बाबा विश्‍वनाथ धाम में भक्‍तों को होगा नया अनुभव, हर दिन अलग आयोजनउन्होंने कहा कि जिन मस्जिदों में अधिक भीड़ होने की संभावना है, वहां अधिकारियों को स्वयं मौजूद रहकर नमाज को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए. साथ ही धार्मिक गुरुओं से भी बातचीत की गई है और लोगों से अपील की गई है कि ऐसी जगहों पर नमाज अदा न करें जहां ट्रैफिक बाधित हो सकता हो. अगर किसी स्थान पर भीड़ अधिक हो तो नमाज दो पालियों में पढ़ने की व्यवस्था की जा सकती है. इस दौरान पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. इनमें एसीपी, एडीसीपी और डीसीपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.