पहली ही बारिश में खुली बनारस रेलवे स्टेशन की व्यवस्थाओं की पोल, प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर पंखों और शेड से टपका पानी

वाराणसी: आधुनिक सुविधाओं और मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किए गए बनारस रेलवे स्टेशन की पहली ही बारिश में व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। सोमवार को हुई बारिश के दौरान स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर लगे सीलिंग फैन से तेज़ी से पानी टपकता दिखाई दिया। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए शेड से भी लगातार पानी रिसता रहा, जिससे प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्टेशन पर किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव पर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि बारिश का पानी सीधे बिजली के उपकरणों तक पहुंच रहा है, तो यह किसी बड़े हादसे की आशंका को भी जन्म दे सकता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

इस मामले में जब स्टेशन डायरेक्टर से बातचीत कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे मीडिया से बातचीत करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इसके बाद यह सवाल और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि आखिर इस मामले में जवाबदेही किसकी है और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कौन जिम्मेदार है।
बनारस रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन पहली ही बारिश में सामने आई यह स्थिति निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे को जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
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अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर जांच कराता है या नहीं, और यदि निर्माण या रखरखाव में कोई लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।



