बंगाल में भड़की हिंसा पर सख्त चुनाव आयोग, अब उपद्रवियों की खैर नहीं

Election Commission takes strict action against violence in Bengal, says no mercy for rioters
Bengal Post-poll Violence: पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल करते हुए ममता बनर्जी को करारी शिकस्त दी. जिसके चलते बंगाल पर अब भाजपा का हुक्म चलेगा. इसी माहौल के बीच बंगाल में एक बड़ी हिंसा भड़क उठी, जहां खूब तोड़फोड़ हुई. जिसे काबू में कर पाना काफी मुश्किल रहा. लेकिन अब इस मामले पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है. आयोग ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिये है.

CEC ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, DGP, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के DGs सहित सभी DMs, SPs और पुलिस अधिकारियों को निरंतर गश्त पर रहने के आदेश दिए. पश्चिम बंगाल मे हिंसा भड़काने और तोड़फोड़ करने वाले तुरंत गिरफ़्तार होंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये जानकारी दी कि, निर्वाचन आयोग ने इस मामले में कतई बर्दाशत नहीं करने की नीति अपनाने की बात कही है.

बंगाल हिंसा में कई कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़
निर्वाचन आयोग ने यह निर्देश तब जारी किया, जब बंगाल में हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की हत्या कर दी गई और कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई. इसी के आगे अधिकारी ने कहा, यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शांति बनी रहे और इसे बिगाड़ने के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाए, निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा कि, वे चुनाव के बाद होने वाली किसी भी तरह की हिंसा के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करें, इस संबंध में कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति होनी चाहिए, चाहे इसमें कोई भी शामिल हो.'

निर्वाचन आयोग के निर्देश
बंगाल में भड़की हिंसा को लेकर चुनाव निर्वाचन आयोग का कहना है कि, राज्य के अधिकारियों और केंद्रीय बलों- दोनों को ही सतर्क रहने तथा किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा, 'स्थिति नियंत्रण में रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बीच घनिष्ठ समन्वय पर ज़ोर दिया गया है.' बीते मंगलवार को कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में भाजपा के एक कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इस कार्यकर्ता का नाम मधु मंडल बताया जा रहा है.

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आरोप है कि इस घटना में टीएमसी समर्थकों का हाथ है. इस हत्या के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा.




