वाराणसी में अब 4 घंटे में दूर होंगी बुनियादी समस्याएं, 21 जुलाई से 25 वार्डों में शुरू होगी स्मार्ट शिकायत प्रणाली.

वाराणसी: नगर निगम वाराणसी ने शहरवासियों को त्वरित और पारदर्शी नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ी पहल करते हुए 21 जुलाई से 'त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट' शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में गंगा तटवर्ती 25 वार्डों में यह व्यवस्था लागू होगी, जिसके तहत सफाई, सीवर, स्ट्रीट लाइट और जलभराव जैसी बुनियादी समस्याओं का अधिकतम चार घंटे के भीतर निस्तारण किया जाएगा।
सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि यह परियोजना 27 जून को हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि नागरिक अब कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 8601872601 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
महापौर ने बताया कि शिकायत दर्ज करने के लिए नागरिकों को चैटबॉट पर "Hi" भेजना होगा। इसके बाद वार्ड का चयन, समस्या का प्रकार, लाइव जीपीएस लोकेशन और मौके की फोटो अपलोड करनी होगी। शिकायत दर्ज होते ही स्वचालित प्रणाली संबंधित अधिकारी के मोबाइल एप पर सूचना भेज देगी और शिकायतकर्ता को टिकट आईडी प्राप्त हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेंगे और जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करेंगे। बैकएंड सिस्टम द्वारा सत्यापन के बाद शिकायत स्वतः क्लोज हो जाएगी तथा शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप पर निस्तारण की सूचना भेज दी जाएगी। पूरी व्यवस्था मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त और पूरी तरह पारदर्शी होगी।
ALSO READ: 45 दिनों के प्रशिक्षण और अनुसाशन से जन्म लेते हैं, रामनगर की रामलीला के पात्र
महापौर के अनुसार इस परियोजना के तहत नगर निगम के छह विभागों की 14 प्रमुख नागरिक समस्याओं को शामिल किया गया है। इनमें सफाई, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, नालियों की सफाई, सीवर ओवरफ्लो, पेयजल लाइन लीकेज, जलभराव, स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायतें, उद्यानों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थानों पर मृत पशुओं के निस्तारण जैसी सेवाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में आदमपुर, भेलूपुर, दशाश्वमेध और कोतवाली जोन के 25 वार्डों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। परियोजना की लाइव मॉनिटरिंग के लिए नगर निगम ने एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया है, जहां आईटी एक्सपर्ट, डेटा एनालिस्ट और ऑपरेटरों की टीम सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक शिकायतों की निगरानी करेगी।
महापौर ने विश्वास जताया कि यह तकनीक आधारित व्यवस्था नागरिकों को समयबद्ध राहत देने के साथ नगर निगम की जवाबदेही और पारदर्शिता को भी मजबूत करेगी। सफल होने पर इस परियोजना का विस्तार शहर के अन्य वार्डों में भी किया जाएगा।



