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बीएचयू में समर्थ पोर्टल पर कर्मचारियों को मिला हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, हॉस्टल आवंटन और ऑनलाइन अवकाश आवेदन की दी जानकारी..

बीएचयू में समर्थ पोर्टल पर कर्मचारियों को मिला हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, हॉस्टल आवंटन और ऑनलाइन अवकाश आवेदन की दी जानकारी..
Jul 31, 2026, 01:21 PM
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Posted By gagan arora

वाराणसी: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ द्वारा विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए "समर्थ पोर्टल: हॉस्टल आवंटन एवं अवकाश आवेदन" विषय पर द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन प्रबंधन संस्थान की कंप्यूटर प्रयोगशाला में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को समर्थ पोर्टल के माध्यम से हॉस्टल आवंटन एवं ऑनलाइन अवकाश आवेदन की प्रक्रिया का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था।


प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्वयं पोर्टल पर कार्य करने का अवसर दिया गया, जिससे वे ऑनलाइन प्रक्रियाओं का व्यवहारिक अनुभव प्राप्त कर सके। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं प्रशासनिक इकाइयों के 33 कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के लिए निर्धारित सीटों से लगभग दोगुने आवेदन मिलने पर क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ ने इसे दो चरणों में आयोजित किया। पहला प्रशिक्षण 25 जुलाई और दूसरा 30 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया।


कार्यक्रम के संसाधन व्यक्ति श्री मनोज कुमार गुप्ता, सहायक कुलसचिव (समर्थ), ने प्रतिभागियों को समर्थ पोर्टल के हॉस्टल आवंटन एवं अवकाश आवेदन मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के प्रभावी उपयोग से कार्यकुशलता, पारदर्शिता और समयबद्धता बढ़ाने के उपायों पर भी प्रकाश डाला।


क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. सुजीत कुमार दुबे ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कर्मचारियों की उल्लेखनीय सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि प्रकोष्ठ विश्वविद्यालय समुदाय की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। उन्होंने भविष्य में भी कर्मचारियों के ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।


इस अवसर पर क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ (गैर-शिक्षण) की सह-समन्वयक डॉ. शिखा मिश्रा ने प्रतिभागियों से संवाद कर उनकी प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं, सुझावों और अपेक्षाओं को जाना, ताकि भविष्य के कार्यक्रमों को और अधिक उपयोगी बनाया जा सके।


प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि हाथों-हाथ अभ्यास से समर्थ पोर्टल पर कार्य करने में उनका आत्मविश्वास और दक्षता बढ़ी है, जिससे विश्वविद्यालय की डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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देश में स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय), वाराणसी और भारतीय नौसेना के बीच 30 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित नौसेना मुख्यालय में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.

एमओयू पर वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार, एवीएसएम, वीएसएम, कंट्रोलर ऑफ मैटेरियल (सीओएम), भारतीय नौसेना तथा प्रो. राजेश कुमार, डीन (अनुसंधान एवं विकास), आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर प्रो. सुशांत कुमार श्रीवास्तव, प्रोफेसर इंचार्ज, आउटरीच एंड इंडस्ट्री रिलेशंस तथा डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव, सलाहकार, आउटरीच एंड इंडस्ट्री रिलेशंस, आईआईटी बीएचयू भी उपस्थित रहे.

150 वाहनों के काफिले के साथ निकला मदहे सहाबा का जुलूस, ‘सरकार की आमद मरहबा’ से गूंजा शहर
150 वाहनों के काफिले के साथ निकला मदहे सहाबा का जुलूस, ‘सरकार की आमद मरहबा’ से गूंजा शहर
वाराणसी. ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार को शहर में मदहे सहाबा का जुलूस निकाला गया। करीब 150 वाहनों के काफिले के साथ रेवड़ी तालाब से शुरू हुआ जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ा, रास्ते में अकीदतमंदों की भीड़ जुड़ती गई। जुलूस में शामिल लोगों ने नात और धार्मिक नारों के जरिए अपनी आस्था का इजहार किया। ‘सरकार की आमद मरहबा’ के नारों से शहर की सड़कें गूंजती रहीं।जुलूस में बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। वाहनों को झंडों और धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया है। रास्ते में जगह-जगह लोग जुलूस को देखने के लिए खड़े नजर आए। ईद मिलादुन्नबी को लेकर पहले से की गई सजावट ने भी माहौल को खास बना दिया है।रेवड़ी तालाब से बेनियाबाग तक जाएगा काफिलामदहे सहाबा का जुलूस रेवड़ी तालाब से शुरू होकर भेलूपुर, मदनपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, बांसफाटक, चौक, नीचीबाग, मैदागिन, लोहटिया, कबीरचौरा और पियरी होते हुए बेनियाबाग पहुंचेगा। आयोजकों के अनुसार जुलूस के करीब 10 बजे तक बेनियाबाग पहुंचने की संभावना है।शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त इलाकों से जुलूस गुजरने के कारण रास्ते में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। हालांकि, पुलिसकर्मी प्रमुख चौराहों और जुलूस के मार्ग पर व्यवस्था संभाल रहे हैं।एक हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, ड्रोन से निगरानीजुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि जुलूस के पूरे रास्ते में करीब एक हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई है।उन्होंने बताया कि जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की जा रही है। पुलिस अधिकारी लगातार पूरे रूट पर नजर बनाए हुए हैं। जुलूस के आयोजकों से भी प्रशासन की ओर से निर्धारित नियमों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।ALSO READ : भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वागदलमंडी से पीलीकोठी तक रोशनी से सजी सड़केंईद मिलादुन्नबी को लेकर दलमंडी, नई सड़क, बेनिया, लोहता, सरैया, ककरमत्ता, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब और पीलीकोठी समेत कई इलाकों में आकर्षक सजावट की गई है। नई सड़क पर रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से की गई सजावट लोगों का ध्यान खींच रही है।बारिश के बाद जुलूस देर से रवाना हुआ, लेकिन मौसम की चुनौती भी अकीदतमंदों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। जुलूस में शामिल लोग पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों के साथ युवाओं और बच्चों की मौजूदगी ने आयोजन को नई पीढ़ी की भागीदारी का भी रंग दिया। धार्मिक नारों, सजी हुई गलियों और वाहनों के काफिले के बीच शहर में ईद मिलादुन्नबी की रौनक नजर आ रही है।
भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वाग
भगवान झूलेलाल की शोभायात्रा का दशाश्वमेध व्यापार मंडल ने किया स्वाग
वाराणसी. चालिया महोत्सव के समापन पर पूज्य झूलेलाल भक्त सेवा समिति की ओर से भगवान झूलेलाल की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। लक्सा स्थित झूलेलाल मंदिर से शुरू हुई यात्रा गिरजाघर, गोदौलिया और दशाश्वमेध होते हुए राजेंद्र प्रसाद घाट पहुंची।यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर में भगवान झूलेलाल और हिंगलाज माता की प्रतिमा के समक्ष दीपदान और पल्लव प्रार्थना की गई। इसके बाद सिंधी समाज के प्रमुख जय प्रकाश बालानी ने भगवान झूलेलाल की ध्वजा उठाकर शोभायात्रा को रवाना किया। इसमें सिंधी समाज की महिलाओं ने भजन और पारंपरिक डोकला नृत्य प्रस्तुत किया।रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। दशाश्वमेध व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश तुलस्यान, सचिव दीपक वासवानी, मनु जेसवानी, विनय यादव, दीपक राजदेव, तुलसी खान चंदानी, प्रदीप नरसिंहानी, विक्की खान चंदानी, कोषाध्यक्ष भगवान दास जजानी, अशोक जायसवाल और नारायण खेमका समेत अन्य पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया।ALSO READ : प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेशराजेंद्र प्रसाद घाट पर भगवान झूलेलाल के छायाचित्र की आरती की गई और मां गंगा का पूजन हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं को सिंधी व्यंजन दाल पकवान, साई भाजी और सिंधी कढ़ी प्रसाद के रूप में वितरित की गई।आयोजन में जेपी बालानी, अनिल शर्मा, रोहित बलानी, गोपाल सचदेवा, सतीश छाबड़ा, चंद्रा सचदेवा, वासुदेव नागवानी, मुस्कान शर्मा, अमृता अठवानी, अजय रूपेजा, देवानंद, मोनिका, कृष्णा होतवानी, घनश्याम लालवानी और कन्हैया टेक चंदानी सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।
प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश
प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ से राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का संदेश
वाराणसी. काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय की राजभाषा समिति के तत्वावधान में मंगलवार को ‘कार्यालयी कामकाज में राजभाषा हिंदी का क्रियान्वयन’ विषय पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक और प्रभावी प्रयोग के लिए कर्मचारियों को प्रेरित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन समन्वयिका डॉ. छाया सोनी ने किया।ALSO READ : त्योहारों पर वाराणसी पुलिस का मेगा प्लान, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजरमुख्य वक्ता राजभाषा प्रकोष्ठ के हिंदी अधिकारी डॉ. शिव कुमार त्रिपाठी ने राजभाषा हिंदी के संवैधानिक और कार्यालयी महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यालयी पत्राचार, टिप्पणियों तथा द्विभाषी कार्यप्रणाली में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की जानकारी दी।राजभाषा प्रकोष्ठ, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के श्री रमेश ने ‘प्रेम, प्रेरणा और प्रोत्साहन’ के माध्यम से हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कर्मचारियों को हिंदी प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और तकनीकी प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता के लिए भी प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में अनुभाग अधिकारी श्री अशोक कुमार वर्मा, श्री मनोज कुमार मिश्रा, श्री काशीनाथ समेत संकाय के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में राजभाषा समिति के सदस्य डॉ. मुदित पाण्डेय ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।