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वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में बीएचयू ने सुधारी अपनी स्थिति, पहली बार इस श्रेणी में हुआ शामिल...

वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में बीएचयू ने सुधारी अपनी स्थिति, पहली बार इस श्रेणी में हुआ शामिल...
Jun 20, 2026, 08:15 AM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : बीएचयू ने विश्वस्तर पर प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. विश्वविद्यालय ने वर्ष 2026 में 1001–1200 श्रेणी से आगे बढ़ते हुए वर्ष 2027 में 951–1000 श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है. विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार है जब बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय इस श्रेणी में शामिल हुआ है. यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध प्रभाव तथा वैश्विक सहभागिता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है. नवीनतम मूल्यांकन के अनुसार विश्वविद्यालय ने विभिन्न प्रमुख मानकों पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है.


प्रति संकाय उद्धरण (साइटेशन्स पर फैकल्टी) का स्कोर 18.8 से बढ़कर 20.8 हो गया है, जो यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय के शोध कार्यों को वैश्विक स्तर पर अधिक मान्यता प्राप्त हो रही है. अंतर्राष्ट्रीय शोध नेटवर्क का स्कोर 59.3 से बढ़कर 67.4 हो गया है, जिससे विश्वभर के विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के साथ बीएचयू के बढ़ते सहयोग का संकेत मिलता है. इसके अतिरिक्त, अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी अनुपात में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो विश्वविद्यालय की वैश्विक उपस्थिति और परिसर की विविधता को और सुदृढ़ करती है. विश्वविद्यालय की नियोजक प्रतिष्ठा (एम्प्लॉयर रिप्यूटेशन) का स्कोर भी 10.6 से बढ़कर 11.4 हो गया है.


सबसे उल्लेखनीय प्रगति सततता (सस्टेनेबिलिटी) के क्षेत्र में देखने को मिली है, जहाँ विश्वविद्यालय का स्कोर 44.5 से बढ़कर 61.3 हो गया है, जो एक वर्ष में लगभग 37.8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. यह उपलब्धि पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, हरित परिसर पहलों तथा समाज के प्रति सार्थक योगदान के प्रति विश्वविद्यालय की गहरी और साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है.


इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा, “काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार 951–1000 श्रेणी में स्थान प्राप्त करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि हम यहाँ तक समर्पण, सहयोग और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर पहुँचे हैं.


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सततता के क्षेत्र में हमारी उल्लेखनीय प्रगति इस बात का संकेत है कि विश्वविद्यालय केवल कक्षाओं तक सीमित न रहकर व्यापक सामाजिक एवं वैश्विक दायित्वों को भी ध्यान में रखकर कार्य कर रहा है. यह उपलब्धि प्रत्येक विद्यार्थी, शिक्षक तथा कर्मचारी की है, जिन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है. हमारा उद्देश्य केवल रैंकिंग प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसा विश्वविद्यालय बनाना है जो इन उपलब्धियों का वास्तविक अधिकारी हो.”


विश्वविद्यालय की यह उन्नत रैंकिंग उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, प्रभावशाली शोध, नवाचार तथा सतत विकास को बढ़ावा देने के उसके निरंतर प्रयासों को प्रतिबिंबित करती है. साथ ही यह वैश्विक स्तर पर ज्ञान सृजन एवं शिक्षण के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित होने की विश्वविद्यालय की दीर्घकालिक दृष्टि को भी सुदृढ़ करती है.

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को 48वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में 'दहेज मुक्त भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए युवाओं से इसके खिलाफ जनजागरण का आह्वान किया।मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. शैफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि दहेज प्रथा केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समानता और मानवीय गरिमा के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों से दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। उन्होंने युवाओं से दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कहा कि शिक्षित समाज ही दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। वहीं डॉ. कंचन शुक्ला ने समाज में समानता, महिला सम्मान और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया।ALSO READ : दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, चौक थाने में प्राथमिक दर्जभाषण प्रतियोगिता में जाह्नवी गुप्ता, विकास कुमार, विकास यादव, दीपाली यादव और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने 'दहेज मुक्त भारत' का सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम का स्वागत डॉ. प्रतिभा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया