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BHU में PHD प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, साल में दो बार होगा दाखिला

BHU में PHD प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, साल में दो बार होगा दाखिला
May 21, 2026, 08:08 AM
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Posted By Preeti Kumari

Major changes in BHU's PhD admission process, admissions will be done twice a year


वाराणसी: बीएचयू की विद्वत परिषद की बैठक में अहम प्रस्‍ताव सामने आए. कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई इस बैठक में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और विद्यार्थी‑अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए. बैठक में प्रवेश प्रक्रिया को वर्ष में दो बार आयोजित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई. कुलपति ने कहा कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी तथा पेशेवर ढंग से संपन्न कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है और इस संबंध में विश्वविद्यालय निरंतर प्रयासरत है.


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पारित प्रस्ताव के अंतर्गत सभी विभागों को यह स्वतंत्रता दी जाएगी कि वे पीएचडी प्रवेश हेतु साक्षात्कार से पहले यदि आवश्यकता हो तो, स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित कर सकें. अभी तक सभी अर्ह अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जा सकता है. अब विभाग यह तय कर सकेंगे कि एक स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए.


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इस स्क्रीनिंग परीक्षा के स्वरूप तथा अन्य पक्षों पर निर्णय विश्वविद्यालय स्तर की एक समिति करेगी, जिसके गठन को विद्वत परिषद् द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गई है. एक अन्य प्रस्ताव के अनुसार अब पीएचडी प्रवेश के लिए विभागों में मुख्य विषय और संबद्ध विषयों की एक समावेशित मेरिट सूची तैयार की जाएगी. इस सूची में स्थान पाने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित विभाग में प्रवेश प्रदान किया जाएगा.


ऐसा करने से मुख्य विषय तथा संबद्ध विषय का भेद समाप्त हो सकेगा, प्रवेश प्रक्रिया की जटिलता को दूर करने में मदद मिलेगी. विद्वत परिषद ने मुख्य परिसर, महिला महाविद्यालय, दक्षिणी परिसर, संबद्ध महाविद्यालय आदि सभी को मिलाकर आरक्षित सीटों की गणना विभाग की कुल सीटों के आधार पर करने, सभी श्रेणियों की सीटों की सूचना प्रवेश पूर्व ही अभ्यर्थियों देने तथा इसके बाद संबंधित इकाइयों में आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों का आवंटन उसी श्रेणी के अनुरूप करने का भी प्रस्ताव पारित किया, ताकि किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी को हानि न हो और प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़े.


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इस बैठक में लिए गए निर्णयों से देश भर से प्रतिभावान विद्यार्थी विश्वविद्यालय की ओर तो आकर्षित होंगे ही, साथ ही प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध तरीक़े से अल्प अवधि में पूर्ण भी किया जा सकेगा. पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया समय से पूरा होने से शैक्षणिक कैलेंडर का प्रभावी रूप से संचालन संभव हो सकेगा और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा.


काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
वाराणसी : काशी स्टेशन की होगा कायाकल्प एयरपोर्ट की तरह अपडेट होगा. रेल प्रशासन ने इसके लिये काशी स्टेशन पर 100दिनों का मेगा ब्लाक ( 6 जून से 13 सितंबर तक ) लिया है इस फ़ैसले के बाद सिर्फ दो प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन का आवा गवन चालू है प्लेटफॉर्म एक और दो गुजारी जाने लगी हैं, जबकि तीन और चार की रेल लाइनों तोड़ी जा रही हैं. वहीं कई ट्रेनो को रद्द कर दिया गया है और कई रेल को पंडित दीनदयाल जंक्शन से किया जा रहा है.काशी रेलवे स्टेशन बनेगा कैंट का सैटेलाइट स्टेशनकाशी जहां विश्व में अपनी एक पहचान बना रहा है. वहीं काशी स्टेशन विदेश की तरह बनाने की योजना 2023 में तैयार की गई थी. इसे एयर पोर्ट की तरह विकसित किया जाएगा और सार्वजानिक भवन बनाया जाना है. इसका पहला और दूसरा एंड्री गेट को भवन के छतों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा.इसके साथ ट्रेनों का इंतजार यात्री प्रथम तल पर करेंगे. जहां सारी सुविधा मौजूद होगी. इस समय दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिल का भवन तैयार है जिसके लिए मेगा ब्लाक लिया गया है.भविष्य को देखते हुए बन रहा है स्टेशन 2050 के दृष्टिगत और भविष्य को देखते हुए काशी रेलवे स्टेशन को बनाया जा रहा है.यात्री की पहुंच बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा. आगे जा के यह कैंट रेलवे स्टेशन का सैटलाइट स्टेशन होगा. यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो लोग यही से ट्रेन पकड़ेंगे .ALSO READ : मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...स्टेशन के पास ही नामो घाट मौजूद है जिसे पर्यटक के दृष्टि से बनाया गया है इसके लिए काशी स्टेशन टूरिस्ट व टूरिज्म के बहुत महत्वपूर्ण होगा यह कि स्टेशन शहर के बाहरी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है.स्टेशन को मालवीय पुल से आपस में जोड़ा जाएगाकाशी रेलवे स्टेशन के पुन निर्माण के बाद कुल 10 ट्रैक होगे.सभी रेल ट्रैक राजघाट पुल से जुड़े होगे. 1200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे राजघाट का निर्माण 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है वहीं वर्ष 2027 में स्टेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
वाराणसी: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवपुर का निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने गर्भवतियों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने प्रसव पूर्व जांच, प्रयोगशाला सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद लाभार्थियों से बातचीत कर उपचार, जांच और परामर्श संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की. साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं.ALSO READ:वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और नियमित फॉलोअप बेहद आवश्यक है. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे मामलों की लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. अभियान के तहत बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के प्रति जागरूक भी किया गया.स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी. इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज दुबे, स्टाफ नर्स, एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं. सीएमओ ने अभियान के सफल संचालन में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...
वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...
वाराणसी : शहर के लंका थानांतर्गत नगवा क्षेत्र में एक खौफनाक घटना सामने आई, जिसमें पेंटिंग के ठेकेदार सोनू यादव ने खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी. घटना उस जगह हुई जहां पेंटिंग का काम चल रहा था. युवक का शव उसके हाथ में पिस्‍तौल के साथ पाया गया. गोली चलने की आवाज सुनकर लोगों का ध्यान इस ओर गया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी.घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस आत्महत्या के कारणों की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है.स्थानीय लोगों के अनुसार, डाफी क्षेत्र निवासी सोनू यादव एक सामान्य युवक था और उसके व्यवहार में कोई असामान्य परिवर्तन नहीं देखा गया था. उसकी आत्महत्या ने सभी को चौंका दिया है. पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.ALSO READ:मनीष सिंह हत्‍याकांड के चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, वकीलों ने की मुफ्त पैरवी...पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है. उसके पास असलहा कहां से आया इसकी भी जांच की जा रही है. घटना की सूचना सोनू के परिजनों को दी गई. परिजनों ने बताया है कि सोनू ने यह कदम क्यों उठाया इस बात की उन्हें जानकारी नहीं है. पुलिस ने असलहे को कब्‍जे में ले लिया है.