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BHU में संतों का समागम, सोमनाथ स्वाभिमान संगोष्‍ठी काे सीएम ने किया संबोधित

BHU में संतों का समागम, सोमनाथ स्वाभिमान संगोष्‍ठी काे सीएम ने किया संबोधित
May 12, 2026, 10:38 AM
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Posted By Preeti Kumari

The Chief Minister addressed the gathering of saints at BHU and the Somnath Swabhiman seminar.


वाराणसी: ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, अटूट आस्था की गौरव गाथा’ के अवसर पर मंगलवार को संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन ने आध्यात्मिक संगोष्ठी का आयोजन किया. इस संगोष्ठी में देशभर के प्रमुख संत-महात्माओं ने भाग लिया. संगोष्ठी का आयोजन दोपहर दो बजे से बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में किया गया. इस सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सभा को संबोधित किया.


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भारत की संस्कृति और परंपराएं विश्व में अद्वितीय हैं


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की संस्कृति और परंपराएं विश्व में अद्वितीय हैं. उन्होंने कहा कि सोमनाथ का इतिहास केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक भी है. काशी विश्वनाथ और सोमनाथ धर्म के स्तंभ हैं, उन्होंने कहा कि सरकार संतों के मार्गदर्शन में समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रही है. संगोष्ठी में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई, जिसमें भारतीय संस्कृति, योग, ध्यान और आध्यात्मिकता के महत्व पर जोर दिया गया. इस संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देना है. संतों ने अपने विचारों के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारे और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश दिया. संगोष्ठी में उपस्थित संतों ने कहा कि आज के समय में आध्यात्मिकता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है. उन्होंने युवाओं को सही मार्ग पर चलने और अपने जीवन में नैतिकता को अपनाने की प्रेरणा दी.


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इस संगोष्ठी में देशभर के प्रमुख संतों में आचार्य महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा हरिद्वार के स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से स्वामी रामदेव और साध्वी देवप्रिया, परमार्थ आश्रम ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती, स्वामी नारायण गुजरात के भद्रेश दास महाराज, दिव्य सेवा मिशन हरिद्वार के डा. आशीष गौतम, अयोध्या के जगदगुरु वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर महाराज


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सिद्धपीठ हनुमन्निवास के मिथिलेश नंदिनी शरण, महामंडलेश्वर कैलाश मठ काशी निरंजनी अखाड़ा के आशुतोषानंद गिरि, धर्मसंघ पीठाधीश्वर काशी के स्वामी शंकर चैतन्य ब्रह्मचारी, बिहार के स्वामी विश्वंभर दास, राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक, बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी, संपूर्णानंद संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा आदि भी अपने विचार रख रहे हैं.


प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।