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BHU में अब चार वर्षीय B.Ed कोर्स, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सुनहरा मौका

BHU में अब चार वर्षीय B.Ed कोर्स, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सुनहरा मौका
Mar 17, 2026, 11:55 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: बीएचयू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों को लागू करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है. शिक्षा संकाय ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 से एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आइटीईपी) अंतर्गत चार वर्षीय बीए बीएड (सेकेंडरी स्टेज) डिग्री कोर्स शुरू करने की घोषणा की है. अब तक की पारंपरिक व्यवस्था में छात्र पहले तीन साल की ग्रेजुएशन (बीए, बीएससी या बीकाम) करते थे और फिर दो साल का बीएड करते, यानी शिक्षक बनने के लिए कुल पांच साल लगते थे लेकिन बीएचयू में शुरू किए जा रहे इस एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम के बाद समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा.


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आठ सेमेस्टर में विभाजित कार्यक्रम


यह कार्यक्रम आठ सेमेस्टर में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 180 क्रेडिट होंगे. इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ड्यूल-मेजर व्यवस्था है. प्रथम मेजर (शिक्षा) में कुल 96 क्रेडिट होंगे, जो छात्र को पेशेवर शिक्षक के रूप में तैयार करेंगे. द्वितीय मेजर (विषय) में कला या सामाजिक विज्ञान के किसी एक विषय में 84 क्रेडिट अर्जित करने होंगे. यह कार्यक्रम शिक्षा संकाय द्वारा कला और सामाजिक विज्ञान संकाय के सहयोग से संचालित किया जाएगा.


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शिक्षा संकाय के वरिष्ठ प्रोफेसर सुनील सिंह ने बताया कि अभी तक यह व्यवस्था वसंत कालेज फार विमेन राजघाट और आर्य महिला पीजी कालेज चेतगंज में प्रभावी की जा रही है लेकिन भविष्य की नीतिगत स्थिति के अनुसार मुख्य कैंपस में भी लागू किया जा सकता है. दोनों कालेजों में कुल सौ सीटों पर प्रवेश होगा. खास बात यह है कि विषय संबंधी पाठ्यक्रम वही होंगे, जो विश्वविद्यालय के अन्य स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में लागू हैं ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता और मानकों में एकरूपता बनी रहे. ऐसे में छात्रों का समय बचेगा, चार साल के भीतर ही स्नातक और बीएड दोनों की डिग्री हासिल कर सकेंगे.


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मल्टीपल एंट्री-एग्जिट की व्यवस्था होगी, इस कोर्स में बीच में पढ़ाई छोड़ने या पुनः जुड़ने का विकल्प भी उपलब्ध होगा, इसे विशेष तौर से माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह अध्यादेश भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन और एनसीटीई के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जो आने वाले समय में देश को उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षक प्रदान करेगा.


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इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका समानांतर ढांचा है, जहां पुराने ढर्रे में छात्र पहले विषय पढ़ते थे और फिर शिक्षण सीखते थे लेकिन विवि का यह नया माडल दोनों को साथ लेकर चलेगा. इस कोर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र अपनी विषय विशेषज्ञता व शिक्षक प्रशिक्षण में संतुलन बना सके. इनका विस्तार प्रथम छह सेमेस्टर (तीन वर्ष) तक रहेगा. यानी छात्र अपने चुने हुए विषय (जैसे इतिहास, भूगोल, या राजनीति शास्त्र) की गहराई को शुरुआती तीन सालों में ही आत्मसात कर लेगा. शिक्षा शास्त्र पूरे आठ सेमेस्टर (4 वर्ष) तक चलेगा.

वाराणसी में ट्रक ने ईंट लदे ट्रैक्‍टर को मारी टक्‍कर, युवक की मौत, पिता जख्‍मी
वाराणसी में ट्रक ने ईंट लदे ट्रैक्‍टर को मारी टक्‍कर, युवक की मौत, पिता जख्‍मी
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के भोहर गांव के पास बीती रात तेज रफ्तार ट्रक ने ईंट लदी ट्रैक्टर-टॉली को टक्कर मार दी. हादसे में ट्रैक्टर पर सवार अनिल वनवासी (22) की मौत हो गई जबकि उसके पिता पारस बनवासी (44) घायल हो गए. पिता-पुत्र दोनों ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे. टक्कर के बाद ट्रक लेकर चालक भाग निकला. पिता ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है.जौनपुर केराकत थाना क्षेत्र के बेहड़ा निवासी पारस और अनिल चंदवक थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुर गांव में भट्ठे पर मजदूरी करते थे. रात आठ बजे पिता-पुत्र ट्रैक्टर-ट्राली चालक के साथ ईंट लादकर वाराणसी के लिए निकले. रात 10 बजे आजमगढ़ - वाराणसी मार्ग पर भोहर गांव के पास पिंक हॉस्पिटल के पास सामने से आए तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-टॉली में टक्कर मार दी. ट्रैक्टर-टॉली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और पिता-पुत्र सड़क पर गिरकर घायल हो गए. हादसे में अनिल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. पुलिस ने शव को कब्‍जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.ALSO READ : नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी, 10 किलो काजू के साथ आरोपी गिरफ्तारथाना प्रभारी सधुवन राम गौतम ने बताया कि पिता पारस बनवासी को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. पारस की तहरीर पर ट्रक चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. आरोपी ट्रक चालक की तलाश की जा रही है. परिजनों ने बताया कि अनिल का विवाह एक साल पहले ही करिश्मा से हुआ था. एक महीने की मासूम बेटी भी है. परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत से उनके सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है.
नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी, 10 किलो काजू के साथ आरोपी गिरफ्तार
नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी, 10 किलो काजू के साथ आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी : कोतवाली पुलिस ने चोरी की एक घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए करीब 10 किलो काजू बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने की बात स्वीकार की है।पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कतुआपुरा रामागंज कटरा से गोविन्द कुमार अग्रहरी पुत्र कन्हैया अग्रहरी, निवासी पुराना पुल, सारनाथ को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर चोरी के 10 किलो काजू से भरी एक बाल्टी बरामद की गई।पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे नशे की लत है और इसी लत को पूरा करने के लिए उसने चोरी की थी। मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 206/2026, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।ALSO READ : लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क धंसी, गड्ढा मुक्‍त की खुली पोलयह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में चौकी प्रभारी प्रिन्स तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क धंसी, गड्ढा मुक्‍त की खुली पोल
लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क धंसी, गड्ढा मुक्‍त की खुली पोल
वाराणसी : भारी बारिश ने शहरी विकास के दावों की पोल खोल दी है. इसका ताजा उदाहरण लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के बगल में देखने को मिला, जहां सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक करीब 10 फीट नीचे धंस गया, जिससे मौके पर गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया है. यह मार्ग अत्यंत व्यस्त है और यहां प्रतिदिन मरीजों, तीमारदारों, छात्रों तथा आम नागरिकों का आवागमन होता है. हालांकि गड्ढे को बैरिकेड कर दिया गया है. लोगों ने सड़क को दुरुस्‍त करने की मांग की है.मौके की तस्वीरें सड़क निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. हाल की भारी बारिश के बाद बीएचयू और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पहले ही सामने आ चुकी है और मरीजों-तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है. लोगों का कहना है कि सरकार आधुनिक तकनीक से मजबूत सड़कों और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन लंका के मुख्य मार्ग पर सड़क का इस तरह धंस जाना उन दावों की जमीनी हकीकत की पोल खोल रही है.ALSO READ : IMA के प्रस्तावित सात मंजिला नवीन भवन का भव्य भूमि पूजन संपन्नप्रदेश सरकार गड्ढा मुक्त सड़कें बनाने की बात करती है. सवाल है कि जब बीएचयू ट्रॉमा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण स्थान के पास मुख्य सड़क ही करीब 10 फीट धंस जाए, तो आखिर यह गड्ढा किस व्यवस्था की हकीकत को बयां कर रहा है. यह सिर्फ सड़क का गड्ढा नहीं, बल्कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता, भ्रष्टाचार और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला गड्ढा है.महानगर अध्यक्ष, बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी अमन यादव की मांग है कि संबंधित विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क को सुरक्षित कराए, धंसने के कारणों की तकनीकी जांच कराए और यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.