BHU ट्रामा सेंटर में घोटाले की शिकायत खारिज, लोकपाल ने प्रभारी सौरभ को दी क्लीन चिट

Complaint of scam at BHU Trauma Centre dismissed, Lokpal gives clean chit to in-charge Saurabh
वाराणसी: घोटाले मामले में बीएचयू ट्रामा सेंटर के प्रभारी सौरभ सिंह को राहत मिल गई है. ट्रामा सेंटर में मशीनों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई शिकायतों को लोकपाल ने खारिज कर दिया है. लोकपाल न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ ने 21 मई को अपना फैसला सुनाते हुए ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रोफेसर सौरभ सिंह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया.

ट्रामा सेंटर में खरीदे गए सभी उपकरण
24 पृष्ठों के आदेश में लोकपाल ने कहा कि ट्रामा सेंटर में खरीदे गए सभी उपकरण और चिकित्सा सामग्री नियमानुसार खरीदी गईं तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों की तुलना में कम कीमत पर प्राप्त की गईं. पीठ ने अपने आदेश में खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया और शिकायतों को निराधार मानते हुए अपील खारिज कर दी.
ट्रामा सेंटर में मरीजों की जांच
ट्रामा सेंटर में मरीजों की जांच और इलाज के लिए आवश्यक मशीनों एवं अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GEM पोर्टल के माध्यम से की गई थी. कुछ लोगों ने इस खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं की शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग, सीबीआई, कैग और लोकपाल से की थी. शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और कुछ सामान ऊंचे दामों पर खरीदे गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकपाल की एकल पीठ ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी.

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सीबीआई की टीम ने वाराणसी पहुंचकर खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच की थी. जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए. विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर सीबीआई ने हाल ही में लोकपाल को सौंपी थी. सीबीआई रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के अध्ययन के बाद लोकपाल की सात सदस्यीय पीठ ने 21 मई को अपना अंतिम निर्णय सुनाया. आदेश में कहा गया कि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के प्रमाण नहीं मिले हैं.



