बिल्ली पालने वाले हो जाए सावधान! नहीं तो हो जाएगा ये इंफेक्शन
आज की लाइफस्टाइल में अक्सर कुछ लोग अपने घरों में बिल्ली पालने के बड़ा ही शौखीन होते है. अपने इस शौख के चक्कर में शायद वो ये भूल बैठते है कि, बिल्ली पालने से उन्हें काफी हानिकारक भी हो सकता है. जी हां, इस बात से काफी लोग अनजान है कि बिल्ली पालने से बीमारी भी होती है. स्पोरोथ्रिक्स ब्रासिलिएन्सिसनाम का ये फंगस जो स्किन इंफेक्शन का कारण बनता है. फंगस से फैलने वाली यह बीमारी अब साउथ अमेरिका में तेजी से फैलता हुआ नजर आ रहा है. एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सिर्फ एक केस नहीं बल्कि एक ऐसे इंफेक्शन की शुरुआत है जिसे कंट्रोल करना आसान नहीं होगा. चलिए आपको बताते हैं कि यह कैसे फैलता है और इसको रोकने के लिए क्या किया जा सकता है.

जानें इस फंगल्स का कारण
रिपोर्ट के अनुसार, इस बीमारी का कारण बिल्लियां बन रही हैं. रिसर्च में पाया गया कि उरुग्वे के कई इलाकों में इंसानों और जानवरों में यह संक्रमण बिल्लियों के जरिए फैलता है. खास बात यह रही कि कई इंफेक्टेड बिल्लियों का आपस में कोई कनेक्शन नहीं था, जिससे साफ है कि यह फंगस अब लोकल स्तर पर फैल चुका है. स्पोरोथ्रिक्स ब्रासिलिएन्सिसनाम एक इमर्जिंग फंगल थ्रेट है, जो पहले ब्राजील तक सीमित था लेकिन अब दूसरे देशों में भी तेजी से फैल रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण बिल्लियों के जरिए होने वाला ट्रासमिशन है.

क्या हैं इस बीमारी के कारण
इस बीमारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण इंफेक्टेड बिल्लियों के शरीर पर बने घाव है, जो इस फंगस का मुख्य केंद्र होते हैं. खासकर उनके चेहरे, नाक और पंजों के आसपास फंगस की मात्रा ज्यादा होती है. जब ये बिल्लियां किसी इंसान को खरोंचती या काटती हैं, जिसके चलते फंगस इंसान की त्वचा में प्रवेश कर जाते है, जिसकी वजह से इंफेक्शन शुरू हो जाता है.

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इस बीमारी के फैलने की वजह एक ये भी है कि, सड़क पर रहने वाली बिल्लियां लगातार घूमती रहती हैं और आपस में लड़ती हैं. इससे संक्रमण एक जगह से दूसरी जगह फैलता रहता है और लोगों को इसकी भनक भी नहीं लगती. यह फंगस अपने रूप को भी बदल सकता है. बाहर यह धागे जैसा होता है, लेकिन शरीर के अंदर जाकर यह यीस्ट जैसे रूप में बदल जाता है, जिससे यह त्वचा के अंदर तेजी से बढ़ने लगता है.

जानें बीमारी के लक्षण
बिल्लियों से फैलने वाली बीमारी के लक्षणों की बात करें तो यह इंफेक्शन आमतौर पर एक छोटे लाल दाने से शुरू होता है, जो बाद में घाव जैसा रूप ले लेता है. हैरानी की बात तो यह है कि बिल्लियों में यह घाव जल्दी ठीक नहीं होता है, जिससे उनके बाल झड़ने लगते हैं. जिससे बिल्ली को खुजली जैसा होने लगता है.

वहीं इंसानों में यह बीमारी के लक्षण दिखते ही इसका सही इलाज जरूर से जरूर करवाना चाहिए, ताकि किसी दूसरे को भी ये संक्रमण ना फैले, क्योंकि, ये छूआछूत का भी कारण होता है. फिलहाल, यहीं कारण है कि लोगों को बिल्ली पालने से काफी दूर रहना चाहिए.



