करोड़ों रूपयों से बिछेगा सीवर और पेयजल पाइपलाइन का जाल, PM मोदी रखेंगे आधारशिला

वाराणसी: केंद्र व राज्य सरकार वाराणसी शहर के बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करने में जुटा हुआ है. इस क्रम में शासन वाराणसी नगर निगम के 18 अति-प्रभावित वार्डों और विस्तारित क्षेत्रों के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत 259 करोड़ रुपये से अधिक की सीवर व पेयजल की तीन बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे. शासन द्वारा इसकी प्रथम किश्त भी अवमुक्त कर दी गई है और नगर निगम ने टेंडर की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं. ऐसे में सीवर व पेयजल की पाइप लाइन बिछाने का कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है.

प्रधानमंत्री के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्पों से अब शहर की पेयजल और सीवर व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव होना तय है. वहीं नव विस्तारित क्षेत्र रामनगर व सूजाबाद में सीवर और पाइपलाइनों का जाल बिछने जा रहा है . रामनगर जोन में सीवर नेटवर्क और हर घर को सीवर कनेक्शन से जोड़ने के लिए शासन ने 190 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. रामनगर के तीनों वार्डों में 69. 98 किमी ब्रांच लाइन व 3.4 राइजिंग ( मेन लाइन) लाइन के बिछाई जाएगी. इसके अलावा 10 एमएलडी की एसटीपी, दो सीवर पपिंग स्टेशन (एसपीएस) बनाया जाएगा . इसी तरह, सूजाबाद जोन में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के विस्तार के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये की योजना को हरी झंडी मिली है. खास बात यह है कि 13645 घरों में सीवर का कनेक्शन मुफ्त दिया जाएगा.

विकास की राह में नहीं आएगी धन की कमी
इसका मुख्य उद्देश्य पुराने शहर के उन हिस्सों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है. शासन के संयुक्त सचिव देवेश मिश्र की ओर से जारी आदेश कहा गया है कि वाराणसी के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. आदेश में कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा कराने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि लागत न बढ़े और जनता को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके.
पानी के लाइन लॉस पर लगेगा लगाम
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवर व पेयजल की पाइप लाइन करीब 200 साल पुरानी है. इसके कारण शहर में सीवर ओवरफ्लो गंभीर समस्या बनी हुई है. वहीं लीकेज होने के कारण 48 प्रतिशत पानी लाइनलॉस होता है. 18 वार्डों में सीवर के साथ-साथ पेयजल की भी नई पाइप लाइन भी बिछने से पानी के लाइन लॉस पर लगाम लगना तय है. ऐसे में पेयजल आपूर्ति का प्रेशर भी बढ़ेगा.

महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में रामनगर सीवर नेटवर्क के लिए 190.09 करोड़ रुपये की स्वीकृति, 35.09 करोड़ रुपये अवमुक्त.
सूजाबाद में पेयजल योजना के लिए 34.77 करोड़ रुपये की स्वीकृति, 6.42 करोड़ रुपये अवमुक्त.
18 प्रभावित वार्ड में 33.44 करोड़ रुपये की स्वीकृति, 6.18 करोड़ रुपये अवमुक्त.

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"प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में काशी विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रही है. प्रधानमंत्री के सबका साथ-सबका विकास के मंत्र और मुख्यमंत्री की विकासोन्मुखी नीतियों से प्रेरित यह परियोजनाएं काशीवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी. अमृत-2.0 के तहत स्वीकृत यह धनराशि शहर के विस्तारित क्षेत्रों की तस्वीर बदल देगी. विशेष रूप से रामनगर और सूजाबाद की जनता को अब सीवर और पेयजल की समस्या से स्थायी मुक्ति मिलेगी. हम सुनिश्चित करेंगे कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे हों." - अशोक कुमार तिवारी, महापौर



