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देश का सबसे तेजी से विकसित होने वाला राज्य बना UP: प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना

देश का सबसे तेजी से विकसित होने वाला राज्य बना UP: प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना
Mar 26, 2026, 11:15 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: विकास और सतत् समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को आयोजित “विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश” विषयक 8 दिवसीय भव्य चित्र प्रदर्शनी का नाटी इमली स्थित ऐतिहासिक भरत मिलाप मैदान में गरिमामय समापन हुआ. प्रदर्शनी का समापन प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य तथा जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा किया गया, जबकि उद्घाटन प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल द्वारा किया गया था.


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26 मार्च तक आयोजित प्रदर्शनी


यह प्रदर्शनी 19 से 26 मार्च तक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा उपलब्धियों को चित्रों, चार्ट और मॉडल आदि माध्यमों के जरिए आम जनता के समक्ष प्रस्तुत किया गया. प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास की तस्वीर को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों को सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक करना था.


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विकास की गाथा को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया, साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रदेशवासियों के नाम लिखी जा रही "पाती" को भी इस चित्र प्रदर्शनी में जनसामान्य के अवलोकनार्थ प्रदर्शित किया गया, जो विशेष रूप से आकर्षण बना रहा. प्रदर्शनी में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि, रोजगार सृजन, निवेश और कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में हुए सुधारों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया.

मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं.


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कानून व्यवस्था में सुधार, निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण और पारदर्शी प्रशासन ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है. योगी सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले 9 वर्षों में हर वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए अनेक योजनाएं चलाई हैं. गरीबों को आवास, किसानों को सम्मान निधि, युवाओं को रोजगार और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं. उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है. पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं विकास के प्रतीक बन चुकी हैं. साथ ही, मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से आम जनता को बेहतर इलाज उपलब्ध हो रहा है.


"यूपी आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से बढ़ रहा"


मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाना है. इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रदेश सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.


समापन अवसर पर शामिल कई मंत्री


प्रदर्शनी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्राप्त की. विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. लोगों ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से उन्हें सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिलती है. समापन अवसर पर प्रभारी मंत्री के साथ महापौर अशोक तिवारी, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे.

वाराणसी एयरपोर्ट पर 'हब एंड स्पोक' विमान सेवा की शुरुआत, मंत्री ने चार यात्रियों को दिए बोर्डिंग पास...
वाराणसी एयरपोर्ट पर 'हब एंड स्पोक' विमान सेवा की शुरुआत, मंत्री ने चार यात्रियों को दिए बोर्डिंग पास...
वाराणसी : लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट पर बुधवार की शाम केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने 'हब एंड स्पोक' विमान सेवा का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने चार यात्रियों को बोर्डिंग पास दिया. इस मॉडल का उद्देश्य भारत को दुनिया से और दुनिया को भारत से जोड़ना है. ईज़ी कनेक्ट सर्विस के तहत पहली फ्लाइट एआई 1111 आज सुबह 9:23 बजे वाराणसी से रवाना हुई. इस फ्लाइट में ऐसे अंतरराष्ट्रीय यात्री सवार थे जो दिल्ली से आगे भारत के बाहर 9 गंतव्यों - जैसे दुबई, कोलंबो, जेद्दा, रियाद, काठमांडू और फुकेत - के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेने वाले थे. उत्तर प्रदेश के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्‍हा और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष विपिन कुमार की उपस्थिति में एक विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन के अपर सचिव पुनीत कंसल और मंडलायुक्त वाराणसी एस. राजलिंगम भी इस अवसर पर मौजूद रहे.हब एंड स्‍पोक एक विमानन नेटवर्क प्रणाली है, जहाँ एक केंद्रीय हवाई अड्डे (हब) का उपयोग यात्री यातायात को केंद्रित करने और उसे छोटे हवाई अड्डों (स्पोक) से जोड़ने के लिए किया जाता है. इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने कहा कि यहां की हवा, पानी, धरती और मिट्टी के हर कण में शंकर की शक्ति नजर आती है. यह हम सबके लिए एक महत्वपूर्ण दिन है. आज का यह विशेष कार्यक्रम वाराणसी से शुरू होकर भारत में इतिहास रचने वाला है. इसके लिए सभी को आनंद और गौरव की अनुभूति हो रही है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और उनके नेतृत्व में शुरू हो रहा है. भारत इस कार्यक्रम का लंबे समय से इंतजार कर रहा था. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार ने कहा कि पिछले 12 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हवाई यात्रा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. नगर विमानन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विकास देखने को मिला है. विश्व में किसी अन्य देश में ऐसा विकास नहीं देखा गया है. 2014 में भारत में 74 हवाई अड्डे थे, जो अब 160 से अधिक हो गए हैं। दुनिया इतने कम समय में इतने हवाई अड्डे बनने से हैरान है. यात्रियों की संख्या भी दोगुनी हो गई है.वहीं एयर इंडिया ने वाराणसी से दिल्ली के माध्यम से विश्व के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों को जोड़ने वाली अपनी पहली हब एंड स्पोक उड़ान सेवा का शुभारंभ किया. एयर इंडिया ने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से जोड़ा है, जिसके तहत भारत को वैश्विक विमानन हब और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है.नई व्यवस्था के तहत वाराणसी से दिल्ली पहुंचने वाले यात्रियों को दिल्ली हब के माध्यम से यूरोप, उत्तरी अमेरिका, खाड़ी देशों, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए बेहतर और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे पूर्वांचल के यात्रियों, व्यापारियों, छात्रों और पर्यटकों को विशेष लाभ होने की उम्मीद है.ALSO READ : वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...एयर इंडिया के स्टेशन मैनेजर आतिफ इदरीश ने बताया कि हब एंड स्पोक मॉडल के माध्यम से क्षेत्रीय शहरों को देश के प्रमुख विमानन केंद्रों से जोड़कर यात्रियों को अधिक विकल्प, बेहतर कनेक्शन समय और व्यापक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक शहर को वैश्विक नेटवर्क से जोड़ना एयर इंडिया की रणनीति का अहम हिस्सा है.वाराणसी एयरपोर्ट के निदेशक पुनीत गुप्ता ने कहा कि इस सेवा के शुरू होने को पूर्वांचल की हवाई कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है.
वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...
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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.