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इजराइल में कई जगह बमबारी, ईरान ने खोली पोल

इजराइल में कई जगह बमबारी, ईरान ने खोली पोल
Mar 11, 2026, 08:01 AM
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Posted By Preeti Kumari

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच कई दिनों से चल रहे जंग का आज बुधवार को 12वां दिन है. इस महायुद्ध में अब तक की 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 140 सैनिक गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. इन सभी के बीच ईरान का कहना है कि उसके देश में हुए मिसाइल हमलों में करीब 8000 घरों को नुकसान पहुंचा है और 1300 से ज्यादा लोग अपनी जान भी गवा चुके है.


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संयुक्त राष्ट्र यानि (UN) में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी के मुताबिक, इस युद्ध के जरिए देश में करीब 9600 सिविलियन इलाकों को निशाना बनाया गया, इनमें घरों के अलावा बाजार, अस्पताल, मेडिसिन सेंटर्स, स्कूल समेत कई जगहों को मिसाइल द्वारा हमला किया गया हैं. इतना ही नहीं, इस बीच ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने इजराइल के कई शहरों पर मिसाइल हमले किए हैं, जहां हाइफा, यरुशलम और तेल अवीव को निशाना बनाया गया है.


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खाड़ी देश न्यूक्लियर आपदा से बचाव की कर रहे तैयारी


अमेरिका-ईरान जंग के बीच खाड़ी देशों ने न्यूक्लियर डिजास्टर से बचने की तैयारी शुरू कर दी है. जिसके लिए बहरीन की एक एजेंसी ने चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी से संपर्क बनाना भी शुरू कर दिया है. इस एजेंसी ने कंपनी से ये पूछा है कि क्या वह न्यूक्लियर इमरजेंसी में काम आने वाली ‘प्रुशियन ब्लू’ कैप्सूल बड़ी मात्रा में बना सकती है. जानकारी के मुताबिक, उनसे करीब 1 करोड़ कैप्सूल बनाने की क्षमता के बारे में पूछा गया है. इसी के साथ ही यह भी पूछा कि, अलग-अलग उम्र के लोगों को इसकी कितनी डोज देनी होगी. यह दवा शरीर में पहुंचे रेडियोएक्टिव यानि (रेडिएशन वाले) तत्वों के असर को कम करती है.


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ये वो तत्व हैं जो शरीर में पहुंचते ही यह कैप्सूल उन्हें आंतों में बांधकर मल के जरिए बाहर निकालने में मददगार साबित होते है. इससे पहले यह दवा ज्यादातर अमेरिका और यूरोप में बनती थी, लेकिन भारत में इसका कमर्शियल प्रोडक्शन करीब दो साल पहले ही शुरू हो चुका है. इस दवा की इन्हीं खूबियों को देखते हुए यह डील तय होने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि यह दवा बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन जैसे खाड़ी देशों को भी भेजी जा सकती है.


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ईरान जंग ने थाईलैंड में लिफ्ट के इस्तेमाल पर लगाई रोक


कुछ दिनों से चल रहे ईरानी जंग का असर अब एशिया के कई देशों में भी दिखाई देने लगा है. तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने के कारण कम से कम 9 एशियाई देशों में ऊर्जा संकट गहराने लगा है. हालात ऐसे हैं कि अलग-अलग देशों को ईंधन बचाने और ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े हैं. थाईलैंड ने सरकारी दफ्तरों में लिफ्ट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है और कर्मचारियों को सीढ़ियों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही कर्मचारियों को सूट-टाई जैसे औपचारिक कपड़े पहनने से भी मना किया गया है,


ताकि एयर कंडीशनर के इस्तेमाल को कम किया जा सके. दूसरी ओर पाकिस्तान में खर्च कम करने के लिए मंत्रियों की सैलरी और विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी गई है, साथ ही सरकारी खर्च और ईंधन उपयोग में कटौती के फैसले लिए गए हैं.


आइलैंड की बढ़ी अहमियत


अमेरिका, इजराइल और ईरान में जारी जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट के पास मौजूद खार्ग आइलैंड की अहमियत अचानक बढ़ गई है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स, दावा किया गया है कि ट्रम्प सरकार इस आइलैंड पर कब्जे को लेकर सैन्य विकल्पों पर विचार कर रही है, क्योंकि यह ईरान की तेल कमाई का सबसे बड़ा सेंटर माना जाता है. दरअसल ईरान के करीब 80 से 90% कच्चे तेल का निर्यात इसी आइलैंड से होता है. यहां बड़े तेल टर्मिनल, पाइपलाइन, स्टोरेज टैंक और जहाजों में तेल भरने की फैसिलिटी मौजूद हैं, इसे हर दिन करीब 70 लाख बैरल तक तेल जहाजों में भरा जा सकता है. 1960 के दशक में विदेशी निवेश के बाद इस जगह को बड़े ऑयल एक्सपोर्ट सेंटर के तौर पर डेवलप किया गया था और तब से यह ईरान की ऑयल सप्लाई की रीढ़ बन गया.


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अमेरिकी सेना ने किए महंगे हथियार इस्तेमाल


अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के पहले दो दिनों में करीब 5.6 अरब डॉलर (लगभग 46 हजार करोड़ रुपए) खर्च किए. यह जानकारी अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने संसद को एक रिपोर्ट में दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी सेना ने बड़ी संख्या में महंगे और आधुनिक हथियार इस्तेमाल किए, इनमें लंबी दूरी तक मार करने वाली प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइलें और दूसरे एडवांस हथियार शामिल हैं. इसके अलावा अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए भी काफी बड़ी संख्या में एयर डिफेंस हथियार इस्तेमाल करने पड़े.

वाराणसी के ऐतिहासिक कोतवाली थाने का कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए भवन का उद्घाटन
वाराणसी के ऐतिहासिक कोतवाली थाने का कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नए भवन का उद्घाटन
वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक कोतवाली थाना परिसर का शुक्रवार को भव्य रूप से लोकार्पण किया गया पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर नवनिर्मित थाना भवन का उद्घाटन किया इस मौके पर उन्होंने बताया कि कोतवाली थाना शहर का सबसे महत्वपूर्ण थाना है, जिसे बाबा काल भैरव की चौकी के रूप में भी विशेष पहचान प्राप्त है वर्ष 1901 में अंग्रेजों के समय निर्मित इस भवन की हालत समय के साथ जर्जर हो गई थी, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं के साथ पूरी तरह से पुनर्निर्मित किया गया है.करीब सवा सौ साल पुराने इस भवन के जीर्णोद्धार पर लगभग 25 लाख रुपये खर्च किए गए हैं. इस दौरान न केवल थाना भवन को नया स्वरूप दिया गया, बल्कि उससे जुड़ी सड़क और सामने स्थित पार्क का भी सुंदरीकरण किया गया है.मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा लगातार पुराने थानों का कायाकल्प किया जा रहा है. इससे पहले चौक थाने को भी हेरिटेज स्वरूप में विकसित किया जा चुका है.उन्होंने कहा कि इस पहल से पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनके कार्य करने के माहौल में सुधार होगा.उन्होंने आगे जानकारी दी कि जल्द ही जैतपुरा थाना, चेतगंज थाना समेत अन्य पुराने थानों का भी नवीनीकरण किया जाएगा, ताकि उन्हें आधुनिक और सुव्यवस्थित रूप दिया जा सके.20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाईअधिकारियों का मानना है कि थाना परिसर के नवीनीकरण से पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और फरियादियों को भी बेहतर एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा.इस अवसर पर डीआईजी शिवहरी मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बसंवाल, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाई
20 हजार घूस लेते जेई और लाइनमैन गिरफ्तार, एंटी करप्‍शन टीम ने की कार्रवाई
वाराणसी : सरकारी महकमे में भ्रष्‍टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्‍शन विभाग की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर और लाइनमैन को 20 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया. दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.शिकायत के आधार पर एंटी करप्‍शन टीम ने जाल बिछायाजानकारी के अनुसार 10 अप्रैल 2026 समय लगभग 2.55 बजे शिकायतकर्ता शुभम श्रीवास्‍तव निवासी उत्‍तरी ककरमत्‍ता थाना मंडुआडीह वाराणसी ने एंटी करप्‍शन टीम से शिकायत की थी कि विद्युत विभाग के अधिकारी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्‍वत मांग रहे हैं. शिकायत के आधार पर एंटी करप्‍शन टीम ने जाल बिछाया और 33/11 केवी डीपीएच पावर हाउस मंडुआडीह के पास से दोनों आरोपियों को रिश्‍वत लेते हुए दबोच लिया.यह भी पढ़ें: पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तारगिरफ्तार आरोपियों में लक्ष्‍मण कुमार लाइनमैन संविदाकर्मी निवासी नैपुरा कला थाना लंका और नवनीत कुमार जूनियर इंजीनियर निवासी जवांवा थाना गोपीगंज भदोही शामिल हैं. टीम ने दोनों आरोपियों को 20 हजार रुपये रिश्‍वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ थाना रोहनिया कमिश्‍नरेट वाराणसी में भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्‍यक विधिक कार्यवाही की जा रही है. इसके बाद विभाग में हडकंप मच गया है.
पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस की सख्‍ती, रोडवेज और रेलवे स्‍टेशन पर अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाएं गिरफ्तार
वाराणसी: सिगरा पुलिस ने लगातार मिल रही शिकायत के बाद यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए अभियान चलाकर रोडवेज और कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास अराजकता फैलाने वाली 10 महिलाओं को गिरफ्त में लिया है. यह कार्रवाई थाना प्रभारी संजय मिश्रा के नेतृत्व में की गई. अभियान के दौरान रोडवेज चौकी प्रभारी कुमार गौरव सिंह, दरोगा दुर्गा प्रसाद, दरोगा प्रशांत बंधु और दरोगा जावेद अशरफ सहित पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी.शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं राहगीरों और श्रद्धालुओं को परेशान करने, अनावश्यक भीड़ इकट्ठा करने और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था फैलाने में संलिप्त थीं. स्थानीय नागरिकों और यात्रियों द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी महिलाओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस का कहना है कि इनकी गतिविधियों से आमजन को असुविधा हो रही थी और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी. फिलहाल सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है.यह भी पढ़ें: 24 साल पुराना शूटआउट केस कानूनी निष्‍कर्ष के करीब, जल्‍द आ सकता फैसलामुकदमा दर्ज कर की जाएगी कानूनी प्रक्रिया पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से ऐसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह अव्‍यवस्‍था बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी.