ब्रिक्स प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक सहयोग पर विचार किए साझा, कापीराइट के संरक्षण के लिए एआइ दखल पर जताई चिंता...

वाराणसी : ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की होटल ताज में दूसरे दिन शुक्रवार को बैठक जारी रही. ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर आगे की चर्चा शुरू की. इस दौरान सदस्य देशों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए. उम्मीद है कि इसमें एक समावेशी कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी जिस पर ब्रिक्स के सदस्य देश मिलकर काम करेंगे. इसके पूर्व रचनात्मक अर्थव्यवस्था पर बल देने के लिए गुरुवार को चर्चा हुई. साथ ही कापीराइट के संरक्षण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) के दखल पर भी चिंता जताई. ब्रिक्स प्रतिनिधियों का समावेशी विकास, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने और डिजिटल नवाचार के लिए साझा प्रयास पर मंथन हुआ. पैनल में पहली चर्चा रचनात्मक अर्थव्यवस्था में जन-सहयोग, नवाचार, साझेदारी और इस पर होने वाले कार्यों को लेकर हुई. बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल कर रहे हैं.

काशी में चल रही दूसरी बैठक में भारत के अलावा सदस्य 10 देशों में से ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, दक्षिण अफ्रीका व संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए हैं. तीन देशों इथियोपिया, मिस्र व रूसी संघ के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं.
कार्यक्रम कें अंत में प्रदेश सरकार के पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ब्रिक्स प्रतिनिधियों को रात्रि भोज देंगे. भोज में जहां काशी और पूर्वांचल की खान पान होगा तो शिल्प कला की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. इसके साथ ही संगीत की समृद्ध विरासत से अतिथियों का स्वागत किया जाएगा.
डिजिटल नवाचार के लिए सकारात्मक साझा प्रयास पर मंथन
बैठक में रचनात्मक अर्थव्यवस्था की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई. सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी साझेदारी बढ़ाते हुए प्रमुख रूप से ऐसे कार्य करने का सुझाव दिया जिससे सामाजिक एकजुटता बढ़े और एक-दूसरे देश के बीच कला, संस्कृति का आदान- प्रदान हो सके. विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को सहेजा जाए और उसका विश्व पटल पर उसकी विशेषता को भी प्रमुखता से उठाया जाए. सदस्य देशों ने एजेंडा मदों पर अपनी प्राथमिकताएं और दृष्टिकोण साझा किए.
ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने संस्कृति कार्य समूह के एजेंडा पर अपने- अपने देश की प्राथमिकताएं और उसको लेकर किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की.
क्रिएटिव इकोनॉमी में नवाचार व साझेदारी पर चर्चा
पैनल में पहली चर्चा रचनात्मक अर्थव्यवस्था में जन-सहयोग, नवाचार, साझेदारी और इस पर होने वाले कार्यों को लेकर हुई. इसका संचालन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने किया. चर्चा में रचनात्मक अर्थव्यवस्था की भूमिका के लिए साझा प्रयास और जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया. इसमें सांस्कृतिक मूल्यों को समाहित करते हुए नवाचार को अपनाने पर बल दिया गया.
कॉपीराइट व इथिकल एआई में बढ़ाएं अच्छे प्रयास
दूसरे पैनल चर्चा में रचनात्मक अर्थव्यवस्था में कॉपीराइट और नैतिक एआई के अच्छे प्रयासों को आगे बढ़ाने पर मंथन हुआ. इसका संचालन आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी ने किया. चर्चा में कॉपीराइट संरक्षण, सांस्कृतिक सुदृढ़ता और रचनात्मक कार्यों में एआइ के सार्थक उपयोग पर विचार- विमर्श किया गया. इस विषय पर ब्रिक्स के सदस्य देशों के बीच भविष्य में आपसी सहयोग के अवसरों पर सकारात्मक भूमिका अपनाते हुए आगे बढ़ने की बात कही.
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कलर्स आफ इंडिया देख मंत्रमुग्ध हुए विदेशी मेहमान
सीडब्ल्यूजी की मीटिंग के बाद कलर्स ऑफ इंडिया थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए. इसमें भारत की समृद्ध संस्कृति और विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखी. सधी कलाकारी से कलाकारों ने विदेशी मेहमानों का दिल जीत लिया. भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता को दर्शाने के लिए यहां के विभिन्न प्रांतों के विशिष्ट संगीत को कलाकारों ने प्रस्तुत किया. देश भर के शास्त्रीय और लोक नृत्य की श्रृंखला देख अतिथि मंत्रमुग्ध हो गए. तालियों की गड़गड़ाहट से मेहमानों ने कलाकारों का हौसला बढ़ाया.



