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ब्रिक्स प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक सहयोग पर विचार किए साझा, कापीराइट के संरक्षण के लिए एआइ दखल पर जताई चिंता...

ब्रिक्स प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक सहयोग पर विचार किए साझा, कापीराइट के संरक्षण के लिए एआइ दखल पर जताई चिंता...
Jun 05, 2026, 08:36 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की होटल ताज में दूसरे दिन शुक्रवार को बैठक जारी रही. ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग की प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर आगे की चर्चा शुरू की. इस दौरान सदस्य देशों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए. उम्मीद है कि इसमें एक समावेशी कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी जिस पर ब्रिक्स के सदस्य देश मिलकर काम करेंगे. इसके पूर्व रचनात्मक अर्थव्यवस्था पर बल देने के लिए गुरुवार को चर्चा हुई. साथ ही कापीराइट के संरक्षण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) के दखल पर भी चिंता जताई. ब्रिक्स प्रतिनिधियों का समावेशी विकास, सामाजिक एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने और डिजिटल नवाचार के लिए साझा प्रयास पर मंथन हुआ. पैनल में पहली चर्चा रचनात्मक अर्थव्यवस्था में जन-सहयोग, नवाचार, साझेदारी और इस पर होने वाले कार्यों को लेकर हुई. बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल कर रहे हैं.

BRICS


काशी में चल रही दूसरी बैठक में भारत के अलावा सदस्य 10 देशों में से ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, दक्षिण अफ्रीका व संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए हैं. तीन देशों इथियोपिया, मिस्र व रूसी संघ के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं.

कार्यक्रम कें अंत में प्रदेश सरकार के पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ब्रिक्स प्रतिनिधियों को रात्रि भोज देंगे. भोज में जहां काशी और पूर्वांचल की खान पान होगा तो शिल्प कला की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. इसके साथ ही संगीत की समृद्ध विरासत से अतिथियों का स्वागत किया जाएगा.



डिजिटल नवाचार के लिए सकारात्मक साझा प्रयास पर मंथन


बैठक में रचनात्मक अर्थव्यवस्था की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई. सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी साझेदारी बढ़ाते हुए प्रमुख रूप से ऐसे कार्य करने का सुझाव दिया जिससे सामाजिक एकजुटता बढ़े और एक-दूसरे देश के बीच कला, संस्कृति का आदान- प्रदान हो सके. विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को सहेजा जाए और उसका विश्व पटल पर उसकी विशेषता को भी प्रमुखता से उठाया जाए. सदस्य देशों ने एजेंडा मदों पर अपनी प्राथमिकताएं और दृष्टिकोण साझा किए.

ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने संस्कृति कार्य समूह के एजेंडा पर अपने- अपने देश की प्राथमिकताएं और उसको लेकर किए जा रहे कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की.


क्रिएटिव इकोनॉमी में नवाचार व साझेदारी पर चर्चा


पैनल में पहली चर्चा रचनात्मक अर्थव्यवस्था में जन-सहयोग, नवाचार, साझेदारी और इस पर होने वाले कार्यों को लेकर हुई. इसका संचालन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने किया. चर्चा में रचनात्मक अर्थव्यवस्था की भूमिका के लिए साझा प्रयास और जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया. इसमें सांस्कृतिक मूल्यों को समाहित करते हुए नवाचार को अपनाने पर बल दिया गया.


कॉपीराइट व इथिकल एआई में बढ़ाएं अच्छे प्रयास


दूसरे पैनल चर्चा में रचनात्मक अर्थव्यवस्था में कॉपीराइट और नैतिक एआई के अच्छे प्रयासों को आगे बढ़ाने पर मंथन हुआ. इसका संचालन आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी ने किया. चर्चा में कॉपीराइट संरक्षण, सांस्कृतिक सुदृढ़ता और रचनात्मक कार्यों में एआइ के सार्थक उपयोग पर विचार- विमर्श किया गया. इस विषय पर ब्रिक्स के सदस्य देशों के बीच भविष्य में आपसी सहयोग के अवसरों पर सकारात्मक भूमिका अपनाते हुए आगे बढ़ने की बात कही.


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कलर्स आफ इंडिया देख मंत्रमुग्ध हुए विदेशी मेहमान


सीडब्ल्यूजी की मीटिंग के बाद कलर्स ऑफ इंडिया थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए. इसमें भारत की समृद्ध संस्कृति और विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखी. सधी कलाकारी से कलाकारों ने विदेशी मेहमानों का दिल जीत लिया. भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता को दर्शाने के लिए यहां के विभिन्न प्रांतों के विशिष्ट संगीत को कलाकारों ने प्रस्तुत किया. देश भर के शास्त्रीय और लोक नृत्य की श्रृंखला देख अतिथि मंत्रमुग्ध हो गए. तालियों की गड़गड़ाहट से मेहमानों ने कलाकारों का हौसला बढ़ाया.

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई को, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अध्यक्षता
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई को, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अध्यक्षता
वाराणसी: सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के मुख्य भवन में आयोजित किया जाएगा। समारोह का शुभारंभ सुबह 9 बजे होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी।दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारत के प्रख्यात वैज्ञानिक, पद्मभूषण सम्मानित एवं भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (NSA) के अध्यक्ष प्रो. आशुतोष शर्मा होंगे। वे स्नातकों को संबोधित करते हुए दीक्षांत भाषण देंगे और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करेंगे।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के उपाधिधारियों को डिग्रियां एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और अन्य सम्मान भी दिए जाएंगे।विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गुलाब देवी समारोह में शामिल होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और इसे गरिमामय एवं भव्य रूप देने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।Also read : हैरान कर देगा एटीएम से कैश उड़ाने का शातिराना अंदाज, छह ठग गिरफ्तार...सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय देश के प्रमुख संस्कृत विश्वविद्यालयों में शामिल है। वर्ष 1791 में संस्कृत पाठशाला के रूप में स्थापित इस संस्थान ने भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विश्वविद्यालय का यह 44वां दीक्षांत समारोह शिक्षा, संस्कृति और शोध की समृद्ध परंपरा का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
हैरान कर देगा एटीएम से कैश उड़ाने का शातिराना अंदाज, छह ठग गिरफ्तार...
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वाराणसी: कमिश्नरेट की भेलूपुर पुलिस ने एटीएम में तकनीकी जुगाड़ के जरिए लोगों के रुपये पर हाथ साफ करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपी एटीएम के कैश आउटलेट पर लोहे की प्लेट लगाकर रुपये बाहर निकलने से रोक देते थे और ग्राहक के वहां से चले जाने के बाद फंसे हुए कैश को निकालकर फरार हो जाते थे. पैसे की निकासी हो जाने से पीडित खुद को ठगा महसूस करते थे. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपी फतेहपुर जनपद के रहने वाले हैं और पिछले कुछ समय से वाराणसी में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे.एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने बताया कि हिताची पेमेंट सर्विसेज के चैनल एग्जीक्यूटिव सत्येंद्र शर्मा की शिकायत पर भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. 23 जुलाई की रात ककरमत्ता स्थित एसबीआई एटीएम में संदिग्ध गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थीं. जांच में सामने आया कि कैश मशीन में फंसा नहीं था, बल्कि सुनियोजित तरीके से चोरी किया गया था.पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर बीएचयू कॉलोनी, बैजनत्था-बिरदोपुर क्षेत्र से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु सिंह, आदर्श कुमार, सचिन कुमार, अभय राजपूत, राजकुमार और प्रिंस कुमार के रूप में हुई है. सभी की उम्र 18 से 24 वर्ष के बीच बताई गई है.also read:गोरक्षा एवं सम्‍मान यात्रा निकालकर जिला मुख्‍यालय पहुंचे साधु-संत, सौंपा ज्ञापन...जुगाड़ से देते थे घटना को अंजामपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एटीएम के कैश आउटलेट पर लोहे की प्लेट लगाकर उसके ऊपर मोटा कागज और टेप चिपका देते थे. इससे मशीन से निकलने वाला कैश बाहर आने के बजाय प्लेट पर ही फंस जाता था. ग्राहक जब पैसे न निकलने की सोचकर वहां से चला जाता था, तब आरोपी प्लेट हटाकर कैश निकाल लेते थे. गिरोह आमतौर पर रात के समय सुनसान इलाकों में स्थित एटीएम को निशाना बनाता था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹39,800 नकद, 4 लोहे की प्लेटें, 1 सफेद टेप और 1 काले रंग का मोटा कागज बरामद किया है. मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
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वाराणसी : गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर चलाए जा रहे गो सम्मान आह्वान अभियान का दूसरा चरण सोमवार 27 जुलाई को देशभर में एक साथ आयोजित किया गया. काशी में इस अभियान के तहत साधु संताें एवं गोभक्‍तों की सहभागिता से बुलडोज़र के साथ गो-सम्मान एवं गोरक्षा पदयात्रा निकाली गई. यात्रा के समापन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया. इस दौरान डीएम कार्यालय के पोर्टिको में प्रदर्शन किया और अपनी मांग उठाई.काशी में अभियान की शुरुआत शिवपुर मिनी स्टेडियम से गो-संकीर्तन यात्रा के साथ हुई. यात्रा में साधु-संत, गोसेवक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे. कार्यक्रम का शुभारम्भ निर्धारित शुभ मुहूर्त में गोमाता के पूजन, शंखनाद एवं "श्री राम जय राम जय जय राम" विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुजा. इसके उपरांत गोभक्त झंडे, बैनर, अभियान संदेशों वाले प्लेकार्ड एवं भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण एवं अनुशासित प्रार्थना-यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचे.प्रार्थना-यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूप, गोमाता की झांकी तथा अभियान के अंतर्गत संकलित हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया. तत्पश्चात संत-महात्माओं, जिला कार्यकारिणी, विभित्र सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन एवं हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा.इस अवसर पर अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण आधार है. कहा कि यह अभियान शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संधानिक तरीके से संचालित किया जा रहा है तथा तक चरणबद्ध रूप से आगे भी जारी होगा. इस अवसर पर जिले के संत-महात्मा दिभित्र सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं गोभक्त उपस्थित रहे.पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने बताया कि यात्रा में साधु-संत, गोसेवक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. यात्रा गोमाता के सम्मान, संरक्षण और संवर्धन का संदेश देते हुए जिला मुख्यालय तक पहुंची. उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार से गोहत्या निषेध के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने की मांग की गई. साथ ही गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति लागू करने सहित कुल 36 मांगों को पूरा करने का आग्रह किया गया.ALSO READ:दुकान पर तीन बच्‍चों को छोड़कर आटो चालक फरार, पुलिस ने बालगृह भेजा...जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने कहा कि इन मांगों के समर्थन में देशभर में जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है. अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में गो-संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और सरकार तक जनभावनाएं पहुंचाई जाएंगी. काशी में यात्रा के दौरान गोमाता के संरक्षण और संवर्धन का संकल्प भी दिलाया गया. उन्होंने कहा कि अभियान का अगला चरण अक्टूबर माह में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे.अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल को देशभर की 5000 तहसीलों में पांच करोड़ से अधिक लोगों ने गोमाता के संरक्षण के समर्थन में हस्ताक्षर कर केंद्र और प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा था. बालक देवाचार्य ने बताया कि प्रथम चरण के दौरान उठाई गई मांगों पर अब तक सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया, इसलिए अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है.