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साइबर अपराधियों ने 26 लाख के लिए की थी कोरोबारी की हत्‍या, वाराणसी पुलिस का सनसनीखेज खुलासा...

साइबर अपराधियों ने 26 लाख के लिए की थी कोरोबारी की हत्‍या, वाराणसी पुलिस का सनसनीखेज खुलासा...
Jun 29, 2026, 05:40 AM
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Posted By Isha Yadav


वाराणसी : किराना कारोबारी जितेंद्र पटेल की हत्‍या साइबर अपराधियों ने गोली मारकर की थी. इस वारदात में शामिल दो शूटरों की रोहनिया में एसओजी प्रभारी गौरव सिंह और रोहनियां थाना प्रभारी राजू सिंह की संयुक्त टीम से रविवार की देर रात भुठभेड़ हो गई. पुलिस पर फायर करना बदमाशों को भारी पड़ गया. दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी. गियांशु पटेल उर्फ बाबू और सुशील पटेल उर्फ गोलू पटेल पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुए हैं. थाना क्षेत्र के अखरी चौकी अंतर्गत अवलेशपुर के रहने वाले किराना कारोबाबरी की हत्या के 20 दिन बाद रोहनिया पुलिस और एसओजी ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है.


गिरफ्तार आरोपियों में गियांशु पटेल ग्राम बरबकपुर थाना अदलहाट, मीरजापुर (मुख्य साजिशकर्ता और रोनिन चालक), आयुष पटेल उर्फ भोला निवासी ग्राम बरबकपुर थाना अदलहाट मीरजापुर (मुख्य साजिशकर्ता), सुशील उर्फ गोलू पटेल निवासी ग्राम भरूहिया थाना अदलहाट मीरजापुर (शूटर), अमन सेठ निवासी ग्राम अदलहाट बाजार थाना अदलहाट मीरजापुर (असलहा उपलब्ध कराने वाला) , मनीष सिंह निवासी देवरिया नीबी पो. कोल्हना थाना अदलहाट मीरजापुर (सहयोगी) शामिल हैं.


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बता दें कि रोहनिया के अवलेशपुर (अखरी) इलाके में एक साधारण किराना व्यापारी की जिंदगी एक रात में हमेशा के लिए बदल गई. जितेंद्र पटेल, 45 वर्षीय व्यवसायी, दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. अंधेरे में अचानक दो बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया. एक गोली सीधी उनकी पीठ में लगी. जितेंद्र किसी तरह घायल अवस्था में घर पहुंचे, परिवार को घटना बताई और बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया. यह हत्या कोई साधारण भूमि विवाद या रंजिश का नतीजा नहीं थी. यह साइबर क्राइम के इतिहास का एक काला अध्याय था—पहली बार साइबर अपराधियों ने हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया. जितेंद्र पटेल के बैंक खाते में हाल ही में 26 लाख रुपये जमा हुए थे. साइबर ठगों का गिरोह इस रकम पर नजर गड़ाए बैठा था. उनका प्लान बेहद ठंडा और क्रूर था. पीड़ित को गोली मारकर मार डालो, मोबाइल कब्जे में लो, OTP और बैंक डिटेल्स निकालो, फिर सारा पैसा ट्रांसफर कर लो.


पीटीएम एजेंट बनकर गया था दुकान पर


जितेंद्र पटेल की हत्या का मुख्य शूटर गियांशू पटेल लगभग छह माह पूर्व मृतक जितेन्द्र पटेल की परचून की दुकान पर पेटीएम एजेंट के रूप मे जाकर पेटीएम से सम्बंधित जानकारी के बहाने मृतक का मोबाइल देखा तो 26 लाख रुपए बैलेंस था, जिसके लिए प्राप्त करने के लिए मृतक का मोबाइल फोन लेने के लिए साजिश रचने लगा. उसने आयुष पटेल से बातचीत की, जिसने गियांशू के साथ वाराणसी व आस पास के कई जिलों मे पूर्व मे टप्पेबाजी/फ्राड किया था. इसके बाद अवैध असलहे के लिए दोनों ने अपने साथी अमन सेठ से बातचीत की. 1 जून को अवैध असलहा उपलब्ध करवाया और फिर गियांशु, गोलू-आयुष और अमन सात जून को साजिश के तहत घटना के लिए काराेबारी जितेन्द्र पटेल की दुकान पर पहुचे थे.


उस दिन मृतक जितेन्द्र अपनी दुकान बंंद कर जा चुके थे. तब अगले दिन आठ जून को गियांशू ने गोलू, अमन और आयुष को अदलहाट मिर्जापुर बुलाया औऱ फिर प्लानिंग की कि रोनिन बाइक गियांशू चलाएगा और गोलू गोली मारेगा और आयुष, मनीष और अमन औरा कार से रेकी करते हुए बैकअप देंगे. साजिश के तहत सभी नारायणपुर पहुचे, जहां शराब खरीदकर रैपुरिया घाट होते हुए टिकरी गांव आए और नदी किनारे बैठकर सभी ने शराब पी और यह तय हुआ कि घटना को अंजाम दे देना है, मनीष को 1 लाख, अमन को 2.5 लाख औऱ गोलू 5 लाख रूपये दिए जाएंंगे. बाकी पैसा गियांशू और आयुष का होगा.


कई चक्कर रेकी करने के बाद दिया घटना को अंजाम


इसके बाद नारायणपुर बाजार से गोलू के लिए कपड़ा (लाल रंग) और गमछा खरीदा गया और फिर टिकरी होते हुए गियांशू और गोलू रोनिन बाइक से अवलेशपुर घटनास्थल के पास आकर रेकी करने लगे. औरा कार से आयुष अमन व मनीष से घटनास्थल के आस पास रेकी करने लगे. कई चक्कर रेकी करने के बाद जब मृतक जितेन्द्र कुमार पटेल अपनी दुकान बंंद कर घर की तरफ जाने लगे, तब सौरभ बिहार कॉलोनी के मोड़ पर खड़े गियांशू ने मृतक का पीछा कर लिया और जैसे ही अन्दर गली में मोड़ पर पहुंचे तो गोलू ने पीछ से आवाज दी.


जब जितेन्द्र आगे बढ़ गए तो गोलू ने अवैध असलहे से गोली मार दी और फिर से बाइक मोड़ कर दूसरा राउंड फायर किया लेकिन फंस जाने के कारण दूसरी गोली नहीं चली. मृतक का मोबाइल लेने के लिए देखा तो पता लगा कि गोली लगने के बावजूद जितेंद्र अपनी बाइक स्टार्ट कर घर की तरफ चले जाते हैं. तब तेजी से गियांशू मोटरसाइकिल को लठियां चौराहे की तरफ से निकलकर सुनसान स्थान पर बाइक खड़ी कर वाट्ससएप कॉल कर आयुष को बताता है कि काम नहीं हो पाया और फिर रोनिन बाइक से गियांशू औऱ गोलू तथा औरा कार से आयुष, अमन और मनीष गांगपुर बेटावर होते हुए चुनार की तरफ चले जाते हैं. उधर बाद में कारोबारी की मौत हो जाती है.


इसके बाद फिर सभी आरोपित इकट्ठा होते हैं. जहां गोलू अपना कपड़े बदल लेता है. इसके बाद रोनिन बाइक से गियांशू, अमन और गोलू अपने अपने घऱ चले जाते हैं. आयुष और मनीष अपने किराए के रूम अवलेशपुर पर आकर सो जाते हैं.


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इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने में वाराणसी पुलिस ने कमाल का प्रदर्शन किया. डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार एडीसीपी वरूणा लिपि नागायच के पर्यवेक्षण और एसीपी रोहनियां अवधेश विश्वकर्मा के कुशल नेतृत्व में रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह और एसओजी प्रभारी गौरव सिंह की टीम ने रात-दिन मेहनत की. सैकडों सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और टेक्निकल सर्वेलेंस के जरिए टीम ने अपराधियों तक पहुंच बनाई. जांच में खुलासा हुआ कि हत्यारे पेशेवर साइबर फ्रॉडर्स थे. वे पहले ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों के खातों से लाखों रुपये लूट चुके थे. हत्या के बाद मोबाइल हासिल कर तुरंत ट्रांजेक्शन शुरू करने वाले थे, लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई ने उनका सपना चूर कर दिया. पुलिस टीम को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है. आरोपियों के पास से एक लाख 78 हजार नकद, घटना में प्रयुक्‍त पिस्‍टल, तमंचा, कई कारतूस, पेटीएम पेमेंट मशील, कई क्‍यूआर कोड, र्घटना में प्रयुक्‍त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है.




यह घटना साइबर क्राइम के नए खतरनाक ट्रेंड को उजागर करती है. पहले अपराधी केवल फिशिंग, फेक कस्टमर केयर, ऑनलाइन लोन फ्रॉड या यूपीआई ठगी तक सीमित थे. अब वे हत्या जैसे हिंसक अपराध करने को तैयार हैं. यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं, बल्कि डिजिटल युग के अंधेरे की है. हर ट्रांजेक्शन के बाद ओटीपी शेयर न करें, अनजान लिंक न खोलें, बड़े अमाउंट आने पर सतर्क रहें.

आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडी
आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडी
वाराणसी: आठ महीने पहले तक कुछ फीट चौडी दालमंडी की गली से आसमान नजर नहीं आता था। अब यह 17.5 मीटर चौड़ी हो गई है। आज भूमि पूजन के साथ इसके रोड बनने की शुरुआत भी हो गई। लेकिन यह बदलाव यूं ही नहीं हो गया। इस गली में बसे सैकड़ों लोगों के मकान दुकान टूटे, इस दर्द में उनके आंसु बहे। समय समय पर उनका आक्रोश भी झलका अरसे तक जिंदगी खाना बदोश भी रही।कभी तंग गलियों, भीड़ और दुकानों से गुलजार रहने वाली वाराणसी की दालमंडी अब एक नए रूप में नजर आएगी. लंबे समय से चल रहे चौड़ीकरण और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद रविवार को यहां मॉडल सड़क के निर्माण की शुरुआत हो गई. चौक थाने के पास भूमि पूजन के साथ पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण का काम शुरू किया.भूमि पूजन विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया. करीब 650 मीटर लंबी दालमंडी की सड़क को 17.5 मीटर यानी करीब 60 फीट चौड़ा किया जाएगा. पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक करीब तीन महीने में सड़क का निर्माण पूरा कर इसे जनता को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है.वर्षों पुरानी तस्वीर अब बदलने की तैयारीदालमंडी सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि काशी की पुरानी पहचान का हिस्सा रही है. यहां की गलियों में वर्षों से कारोबार करने वाले दुकानदारों और रहने वाले परिवारों की यादें जुड़ी हैं. चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान कई घर और दुकानें टूट गईं. कहीं लोगों ने अपनी आंखों के सामने पुश्तैनी मकानों को गिरते देखा तो कहीं दुकानों के टूटने के साथ वर्षों पुराना कारोबार भी खत्म हुआ.प्रशासन के मुताबिक चौड़ीकरण की जद में आए 181 मकानों में से करीब 150 मकानों को गिराया जा चुका है. बाकी मकानों पर भी कार्रवाई चल रही है. इसके अलावा 6 मस्जिदों के वे हिस्से भी हटाए गए जो सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे थे.अब इन्हीं टूटे हुए हिस्सों के बीच से एक नई सड़क का निर्माण शुरू हो रहा है. यानी जिस जगह कुछ समय पहले तक मलबा और टूटे मकान दिखाई दे रहे थे वहां आने वाले दिनों में एक चौड़ी और व्यवस्थित सड़क नजर आएगी.also read: कांवड़ मार्ग पर पुलिस कमिश्नर का औचक निरीक्षण, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती.109 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजाचौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत प्रभावित मकानों और धार्मिक स्थलों के लिए मुआवजे का प्रावधान किया गया. पीडब्ल्यूडी की ओर से अब तक 109 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई है. परियोजना के लिए कुल 215.88 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट स्वीकृत किया गया है.अधिकारियों ने प्रत्येक मकान की नापी निर्माण और सड़क की जद का आकलन करने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की. रजिस्ट्री के बाद धीरे-धीरे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ी.जुलाई 2025 से शुरू हुई थी प्रक्रियादालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को जुलाई 2025 में कैबिनेट की मंजूरी मिली थी. इसके बाद 23 जुलाई से मकानों की नापी शुरू हुई. नापी के बाद मकानों का मूल्यांकन और मुआवजा तय किया गया. अंतिम नापी के बाद संबंधित मकानों पर लाल निशान लगाए गए और फिर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हुई.स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए चौक थाने में पीडब्ल्यूडी का कैंप कार्यालय भी बनाया गया, जहां लोगों को दस्तावेज और रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी दी गई.29 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ था ध्वस्तीकरणदालमंडी में ध्वस्तीकरण की पहली कार्रवाई 29 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी. शुरुआत में हथौड़े से मकान और दुकानें तोड़ी गईं. बाद में जनवरी 2026 में बुलडोजर की मदद से कार्रवाई तेज की गई.9 फरवरी को जर्जर बताए गए मकानों और दुकानों पर भी कार्रवाई हुई. उस दौरान विरोध के बीच एक व्यापारी ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की चेतावनी तक दे दी थी और अपनी दुकान में आग लगा दी थी. इस घटना ने चौड़ीकरण के दौरान लोगों की भावनाओं और उनके वर्षों पुराने आशियाने-कारोबार से जुड़े दर्द को सामने ला दिया था.पोकलैंड आने के बाद तेज हुई कार्रवाई8 जून 2026 को दालमंडी में पोकलैंड मशीन पहुंची. अगले दिन से मशीनों के जरिए ध्वस्तीकरण तेज कर दिया गया. जिन मकानों को हाथ से तोड़ने में मुश्किल हो रही थी, उन्हें मशीनों की मदद से जमींदोज किया गया.इसके बाद मस्जिदों के चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्सों को भी संबंधित कमेटियों की सहमति से हटाया गया. जुलाई में खुदा बक्श उर्फ लंगड़े हाफिज मस्जिद के जद में आने वाले हिस्से को भी हटाने का काम शुरू हुआ. यहां मस्जिद से जुड़ी करीब 24 दुकानें भी हटाई गईं.अब मलबे की जगह दिखेगी नई सड़कध्वस्तीकरण के बाद अब दालमंडी से मलबा हटाने का काम चल रहा है. भूमि पूजन के साथ सड़क निर्माण की शुरुआत हो गई है. नई सड़क के दोनों तरफ पटरी बनाई जाएगी. सड़क के नीचे बिजली, पानी और सीवर की व्यवस्था करने की योजना है. इससे वर्षों से दिखाई देने वाला तारों का जंजाल भी हटाया जाएगा.नई सड़क नई व्यवस्था की शुरुआत जरूर है, लेकिन इसके साथ दालमंडी के लोगों की पुरानी यादें भी जुड़ी हैं. जिन घरों में पीढ़ियां बीतीं, जिन दुकानों से परिवारों की रोजी-रोटी चली और जिन गलियों में लोगों ने अपना पूरा जीवन देखा, अब वहां एक नई तस्वीर बनने जा रही है.प्रशासन इसे काशी की आधुनिक और व्यवस्थित सड़क के रूप में देख रहा है, जबकि स्थानीय लोगों के लिए यह बदलाव उनकी पुरानी पहचान और नई उम्मीदों के बीच का सफर है.अब देखना होगा कि अगले तीन महीनों में दालमंडी की यह पुरानी तस्वीर किस तरह एक नई और आधुनिक सड़क में बदलती है.
कांवड़ मार्ग पर पुलिस कमिश्नर का औचक निरीक्षण, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती.
कांवड़ मार्ग पर पुलिस कमिश्नर का औचक निरीक्षण, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती.
वाराणसी: श्रावण मास में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था बनाए रखने को लेकर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह अलर्ट है. इसी क्रम में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने शनिवार को मंडुवाडीह से गोदौलिया तक शहरी कांवड़ मार्ग का आकस्मिक स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लिया.पुलिस आयुक्त ने कांवड़ मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर रुककर व्यवस्थाओं को देखा और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली. उन्होंने यह भी देखा कि कांवड़ यात्रियों के आवागमन के दौरान किसी तरह की बाधा तो नहीं आ रही है. निरीक्षण के दौरान उन्होंने मार्ग में बनाए गए विश्राम स्थलों का भी जायजा लिया और वहां मौजूद कांवड़ यात्रियों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली.कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ मार्ग पर यातायात व्यवस्था को हर हाल में सुचारु रखा जाए. मार्ग पर किसी भी तरह का अतिक्रमण और अवैध पार्किंग कांवड़ यात्रियों के आवागमन में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क और कांवड़ मार्ग से अतिक्रमण को तत्काल हटाने तथा अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए.उन्होंने कहा कि श्रावण मास के दौरान कांवड़ मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए. पुलिसकर्मी लगातार मार्ग पर मौजूद रहकर यातायात का संचालन करें और भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल प्रभावी कदम उठाएं.पुलिस आयुक्त ने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह स्वयं भी क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें और किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल उसका समाधान कराएं.निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. मार्ग में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए.also read:छात्राओं पर अश्लील इशारे और फब्तियां कसने वाला युवक गिरफ्तार...पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण मास को देखते हुए कांवड़ मार्ग पर लगातार निगरानी की जा रही है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कांवड़ यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो और यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहे.
छात्राओं पर अश्लील इशारे और फब्तियां कसने वाला युवक गिरफ्तार...
छात्राओं पर अश्लील इशारे और फब्तियां कसने वाला युवक गिरफ्तार...
वाराणसी: मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में महिलाओं और छात्राओं पर अश्लील इशारे करने और फब्तियां कसकर परेशान करने के आरोप में मिशन शक्ति/एंटी रोमियो टीम ने एक युवक को गिरफ्तार किया है.पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.पुलिस के अनुसार मिशन शक्ति/एंटी रोमियो टीम क्षेत्र में भ्रमण और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोहली बीर बाबा मंदिर के पास एक युवक आने-जाने वाली महिलाओं और छात्राओं पर अशोभनीय इशारे कर रहा है और अभद्र टिप्पणियां कर उन्हें परेशान कर रहा है.सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया पूछताछ में उसकी पहचान अभिषेक कुमार (20), पुत्र पारसनाथ बिंद, निवासी ग्राम डौमेला, थाना मिर्जामुरादपुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 0230/2026, धारा 296 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति/एंटी रोमियो टीम की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है.कार्रवाई करने वाली टीम में मिशन शक्ति प्रभारी म0उ0नि0 अनुजा गोस्वामी, रिक्रूट महिला कांस्टेबल पूनम और रिक्रूट कांस्टेबल विवेक कुमार सिंह शामिल रहे.