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Cannes Film Festival में छाया इस एक्टर का जलवा, फर्स्ट लुक ने जीता फैंस का दिल

Cannes Film Festival में छाया इस एक्टर का जलवा, फर्स्ट लुक ने जीता फैंस का दिल
May 12, 2026, 01:13 PM
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Posted By Preeti Kumari

This actor shines at the Cannes Film Festival, his first look wins the hearts of fans


Cannes Film Festival: फिल्मी जगत के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में शुमार कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 (Cannes Film Festival) है. जिसकी आज 12 मई से एक धमाकेदार शुरूआत हो चुकी है. इस बार फ्रेंच रिवेरा में सभी की निगाहें बॉलीवुड की गंगूबाई यानी अभिनेत्री आलिया भट्ट पर टिकी हुई हैं. कान्स फिल्म फेस्टिवल से आलिया भट्ट की पहली तस्वीरें तेजी सी वायरल हो रही हैं. आलिया के इस लुक ने लोगों को दिवाना बना रखा हैं. जिसके चलते हर कोई उनकी वायरल हो रही इस तस्वीर को कई बार देखने को बेकरार हो चुका है.


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वायरल हो रही एक्टर आलिया की ये तस्वीर


बता दें, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक्टर आलिया भट्ट की ये पहली तस्वीर फैंस के दिलों में बस चुकी हैं. इस साल कान्स के रेड कार्पेट पर अपना जलवा बिखेरने वाली आलिया का यह दूसरा मौका है जिसके पहले ही लुक ने फैंस का दिल जीत लिया है. एक्टर के इस खूबसूरत लुक और स्टनिंग अवतार की कुछ तस्वीरें आपको भी दिखाते है जिसे देख आप भी आलिया की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाएंगे.


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इंप्रेशनिस्ट पेंटिंग जैसा कॉर्सेट गाउन


आलिया भट्ट ने अपने पहले लुक के लिए एक स्ट्रक्चर्ड कोर्सेट बॉल गाउन को चुना है, जो देखने में बेहद एलिगेंट लग रहा था, इस आउटफिट की बनावट और प्रिंट ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. गाउन में कोर्सेट-स्टाइल का बॉडिस यानी चोली वाला हिस्सा है, जिसमें डेलीकेट स्पैगेटी स्ट्रैप्स और स्वीटहार्ट नेकलाइन दी गई है, यह डिजाइन आलिया के लुक में थोड़ा मॉर्डन और क्लासिक टच जोड़ रहा है. जो आलिया की खूबसूरती में और भी चार चांद लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ा है. कमर के नीचे से गाउन एक बिलोइंग स्कर्ट के जैसा है, जो उन्हें एक डिजनी प्रिंसेस जैसा लुक दे रहा है, इस गाउन की सबसे बड़ी खूबी इसका प्रिंट था. यह एक वॉटरकलर-स्टाइल प्रिंट था, जिसमें पेस्टल ग्रीन, ब्लू, लैवेंडर और पीले रंगों से बना लैंडस्केप है, यह पूरा आउटफिट किसी मशहूर आर्टिस्ट की इंप्रेशनिस्ट गार्डन पेंटिंग की तरह लग रहा है, जो गर्मियों के लिहाज से बिल्कुल परफेक्ट था.


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हेयरस्टाइल ने आलिया की ड्रेस को दिया बेहतर लुक


आलिया अक्सर अपने सॉफ्ट और ग्लोइंग मेकअप लुक के लिए जानी जाती हैं, इस लुक के साथ भी उनका मेकअप ग्लोइंग और लाइट रहा, उनके मेकअप को बहुत ही मिनिमल और फ्रेश रखा गया, होंठों के लिए उन्होंने न्यूड-पिंक लिपस्टिक का चुना, आंखों पर हल्का शिमरी आईशैडो और गालों पर गुलाबी ब्लश का टच दिया, जिसने उनके चेहरे की नेचुरल चमक को और बढ़ा दिया. आलिया ने अपने बालों को साइड-पार्टेड एक स्लीक लो बन में स्टाइल किया था, यह हेयरस्टाइल उनके चेहरे के फीचर्स और गाउन की नेकलाइन को बखूबी उभार रहा था.


एक्सेसरीज का मिनिमल अप्रोच


अपने इस लुक में आलिया ने पूरा फोकस अपने खूबसूरत गाउन को दिया है. इसलिए उन्होंने अपनी एक्सेसरीज को काफी सिंपल रखा, उन्होंने केवल कुछ स्टेटमेंट रिंग्स और डेंटी इयररिंग्स पहने, यह आलिया भट्ट का इस प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल में दूसरा साल है. उन्होंने 2025 में अपना कान्स डेब्यू किया था और इस साल भी वे रेड कारपेट पर वॉक करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.


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बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
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वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्मान
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वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के राजीव गांधी दक्षिण परिसर, बरकच्छा (मिर्जापुर) स्थित चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र ने विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। उन्हें वर्ष 2025 की एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री में विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है।डॉ. मिश्र को यह प्रतिष्ठित उपलब्धि उनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचारपूर्ण कार्यों और उच्च स्तरीय शैक्षणिक योगदान के आधार पर प्राप्त हुई है। एससीआई ग्लोबल रजिस्ट्री की यह वैश्विक रैंकिंग शोध की गुणवत्ता, प्रकाशित शोधपत्रों के प्रभाव, उद्धरण (साइटेशन) और अन्य शैक्षणिक मानकों के व्यापक मूल्यांकन पर आधारित होती है। इसमें एससीआई जर्नल और कंट्री रैंक (SCR) जैसे महत्वपूर्ण सूचकांकों का उपयोग किया जाता है, जो स्कोपस डाटा के आधार पर तैयार किए जाते हैं।ALSO READ: नगर निगम ने 100 करोड़ की सरकारी संपत्ति मुक्त कराई, 38 साल पुराने विवाद का अंतविश्वविद्यालय ने डॉ. मिश्र की इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया है। यह सम्मान न केवल बीएचयू की शोध परंपरा को नई पहचान देता है, बल्कि देश के युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। डॉ. मिश्र की सफलता वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में समर्पण, गुणवत्ता और उत्कृष्टता का उदाहरण मानी जा रही है।