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वाराणसी में विधायक और उनके समर्थकों पर केस दर्ज, सामने आई यह वजह...

वाराणसी में विधायक और उनके समर्थकों पर केस दर्ज, सामने आई यह वजह...
Jun 17, 2026, 08:25 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : नीट प्रकरण का विरोध प्रदर्शन को लेकर कमिश्‍नरेट पुलिस ने शिकंजा कसा है. इस क्रम में अपना दल (कमेरावादी) की नेता डा. पल्लवी पटेल और उनके सैकड़ों समर्थकों के खिलाफ मंगलवार को लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि उन्होंने सोमवार को बीएचयू के सिंहद्वार स्थित मालवीय चौराहे के पास बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किया था.


थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि डा. पल्लवी पटेल ने नीट परीक्षा पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर समर्थकों के साथ बीएचयू के सिंहद्वार पर विरोध प्रदर्शन किया था. इस संबंध में बीएचयू पुलिस चौकी प्रभारी सौरभ तिवारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, बिना अनुमति सड़क पर धरना देने से यातायात प्रभावित हुआ और अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों व उनके स्वजन को परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रशासन ने शहर में पहले से ही धारा 163 बीएनएसएस लागू कर रखी है, जिसके तहत बिना अनुमति सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं किया जा सकता.



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पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया था. बाद में सभी को बड़ागांव थाने से निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया. मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है. बता दें कि विधायक पल्‍लवी पटेल को पहले दिन पुलिस ने विरोध प्रदर्शन करने जाने के दौरान रोक लिया था. हालांकि वह पुलिस को चकमा देकर आटो से बाबतपुर पहुंच गई थीं. दूसरे दिन लंका स्थित सिंह द्वार पहुंचने पर पुलिस ने विधायक और समर्थकों को हिरासत मे ले लिया था. सभी को बडागांव थाने ले जाया गया था.

जिंदगी की जद्दोजहद में चंद रुपयों के लिए हर रोज जान जोखिम जोखिम में डाल रहे डिलिवरी बॉय...
जिंदगी की जद्दोजहद में चंद रुपयों के लिए हर रोज जान जोखिम जोखिम में डाल रहे डिलिवरी बॉय...
वाराणसीःडिलिवरी बॉय अब हर घर का हिस्सा बन चुके हैं. लगभग हर कोई अपनी बड़ी से लेकर छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी आनलाइन खरीदारी करने लगे हैं जिन्हें घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी डिलिवरी बॉय की होती है. एक डिलिवरी के बदले इन्हें 10 से 60 रुपये मिलते हैं. इन रुपयों के लिए वह दिन रात मेहनत करते हैं. आधी रात हो या भोर, गर्मी का दिन हो या मूसलधार बरसात ये डिलिवरी बॉयआर्डर को जल्द से जल्द पहुंचाने की कोशिश करते हैं. इसी कोशिश में उनके साथ हादसे भी होते हैं. ऐसे ही एक डिलिवरी पहुंचाने जा रहे साहिल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. देर रात उसका परिवार उसके लौटने का इंतजार कर रहा था. वह तो नहीं आया उसके मौत की खबर उसके घर तक पहुंची. इस खबर से पूरा परिवार सदमे में आ गया. साहिल ही तो था जो डिलिवरी बॉय का काम करते हुए कुछ रुपये जुटता था और घर की जरूरत को पूरा करता था. परिवार के सामने अब एक सवाल है साहिल तो नहीं रहा अब उन्हें कौन संभालेगा.साहिल के बड़े पिता अब्दुल मतीन बताते हैं कि परिवार में वह इकलौता कमाने वाला था. तीन साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी. परिवार में मां, तीन बहने और एक छोटा भाई है. सभी की जरूरतों को पूरा करने के लिए साहिल दिन रात मेहनत करता था. पड़ोसी रियाजुद्दीन बताते हैं कि जिदंगी की जरूरतों को पूरा करने के लिए रुपयों का इतंजाम करने के लिए साहिल ने घर पर रोजमर्रा की जरूरतों के सामानों की दुकान खोली थी. लेकिन दुकान नहीं चलने पर वह उसने डिलिवरी बॉय का काम करने की सोचा. इसके लिए छह महीना पहले कुछ लोगों से रुपये उधार लेकर एक बाइक फाइनेंस कराया था. इसके बाद ब्लिंकिट से जुड़ गया था और सामानों की डिलेवरी करके कुछ रुपये कमाता था. डिलेवरी पर कुछ अधिक रुपये मिल सकें इसलिए साहिल दिन के साथ रात में भी काम करता था. रात में जानकारी मिली की साहिल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. नगर निगम के वाहन ने उसे कुचल दिया.डिलिवरी बॉय को पता नहीं होता घर लौटेंगे भी या नहीं डिलिवरी बॉय का करने वाले शहाबुद्दीन का कहना है कि वह चंद रुपयों के लिए हर दिन अपनी जान जोखिम में डालते हैं. इस महंगाई में रोज के खर्च के मुताबिक रुपये मिल सकें इसलिए ज्यादा से ज्यादा डिलिवरी करने की कोशिश करते हैं. रात में रोड खाली होने से वक्त और बाइक के इंधन का खर्च कम लगता है और डिलिवरी पर अधिक कमीशन पर मिलता है इसलिए ज्यादातर रात को काम करते हैं. कई बार उनके साथ हादसे भी होते हैं. रविवार की रात वह डिलिवरी करने गए थे लेकिन एक युवती ने उन पर छेड़खानी का आरोप लगा दिया. इसकी वजह से परेशानी झेलनी पड़ी और डिलेवरी के रुपये भी नहीं मिले. डिलेवरी ब्वाय वसीम अंसारी बताते हैं कि हर डिलिवरी पर 12-15 रुपये मिलते हैं. रात में काम करना चाहते हैं लेकिन कई हादसे होते हैं. आए दिन तरह-तरह की समस्या को झेलना पड़ता है. डिलिवरी बॉय रसीद अहमद अंसारी पहले बुनकर थे. उन्हें काम मिलना कम हुआ तो डिलिवरी बॉय बन गए. बताते हैं कि अधिक रुपये के लालच में रातभर जगकर डिलिवरी करते हैं लेकिन डर भी लगता है. रात में कई बार छिनैती की घटना होती है. दुघर्टना भी डर अक्सर बना रहता है.बड़ी संख्या में युवक बन रहे डिलेवरी ब्वायALSO READ : 44वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों का कुलपति ने लिया जायजा, 29 जुलाई को होगा भव्य आयोजन...कंपनियां करती हैं चंद मिनटों में डिलिवरी का दावाकई 'क्विक-कामर्स' और इंस्टेंट डिलीवरी प्लेटफार्म हैं जिनके माध्यम से फल, सब्जियां, किराना (ग्रासरी), स्नैक्स और रोजमर्रा के अन्य उत्पाद लोग अपने घर पर कुछ ही मिनटों में मंगवा सकते हैं. डिलिवरी बॉय के तौर पर इनसे बड़ी संख्या में युवक जुड़ रहे हैं. यह प्लेटफार्म आर्डर को औसतन 10 से 20 मिनट के भीतर डिलीवर करने का दावा करते हैं. इसके लिए हर 2-3 किलोमीटर के दायरे में अपने छोटे वेयरहाउस (गोदाम) चलाती है, जिन्हें डार्क स्टोर कहते हैं. यहां से डिलीवरी पार्टनर सीधे आर्डर देने वाले के घर पर सामान पहुंचाते हैं. सामान पहुंचाने वाले डिलिवरी बॉय को एक आर्डर पहुंचाने पर 10 से 60 रुपये तक मिलते हैं. यह राशि फिक्स नहीं होती है, बल्कि दूरी, वजन और समय के हिसाब से बदलती रहती है. एक किलोमीटर के दायरे वाले आर्डर के लिए न्यूनतम लगभग 15 रुपये मिलते हैं. एक किलोमीटर से ज्यादा दूरी होने पर प्रति किलोमीटर के हिसाब से दस से 14 रुपये अतिरिक्त मिलते हैं. बारिश, कड़ाके की ठंड या रात के समय मांग ज्यादा होने पर प्रति आर्डर 15 से 30 रुपये तक अतिरिक्त (सर्ज़ बोनस) मिलता है. दिन भर में तय किए गए कुल आर्डर या घंटे पूरे करने पर कंपनी अलग से बोनस या इंसेंटिव भी देती है.
44वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों का कुलपति ने लिया जायजा, 29 जुलाई को होगा भव्य आयोजन...
44वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों का कुलपति ने लिया जायजा, 29 जुलाई को होगा भव्य आयोजन...
वाराणसी. सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में 29 जुलाई को आयोजित होने वाले 44वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। समारोह को भव्य और गरिमामय बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन का व्यापक निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पंडाल, मंच, बैठक व्यवस्था, विद्युत, ध्वनि प्रणाली, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, मीडिया और अतिथि सत्कार सहित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन समारोह की प्रत्येक तैयारी पर लगातार नजर रखे हुए है और सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से यह दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा।उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को सुबह 9 बजे आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में आईआईटी कानपुर के प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. आशुतोष शर्मा उपस्थित रहेंगे। वहीं, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।ALSO READ: वीडीए और आईआईटी बीएचयू ने मिलाए हाथ, 115 कॉलेजों में पढ़ाएंगे शहरी नियोजन का पाठ...समारोह में स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी, जबकि विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं अन्य सम्मान प्रदान किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि दीक्षांत समारोह को भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत की समृद्ध विरासत और उच्च शिक्षा की उत्कृष्ट परंपराओं के अनुरूप ऐतिहासिक एवं यादगार बनाया जाएगा।गौरतलब है कि दीक्षांत समारोह से पूर्व 'दीक्षोत्सव' के तहत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान कुलानुशासक प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. विधु द्विवेदी, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा, अभियंता रामविजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
वीडीए और आईआईटी बीएचयू ने मिलाए हाथ, 115 कॉलेजों में पढ़ाएंगे शहरी नियोजन का पाठ...
वीडीए और आईआईटी बीएचयू ने मिलाए हाथ, 115 कॉलेजों में पढ़ाएंगे शहरी नियोजन का पाठ...
वाराणसी : विकास प्राधिकरण वाराणसी और आईआईटी-बीएचयू के बीच सोमवार को वीडीए सभागार में सहयोगात्मक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इसके तहत शहर के 115 इंटरमीडिएट विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शहरी नियोजन, सतत विकास और विरासत संरक्षण जैसे विषयों पर व्‍याख्‍यान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. एमओयू पर आईआईटी-बीएचयू के आर्किटेक्चर, प्लानिंग एंड डिजाइन विभागाध्यक्ष प्रो. रबी नारायण मोहंती और वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने हस्ताक्षर किए.इस पहल के तहत चयनित शिक्षण संस्थानों में संयुक्त रूप से व्याख्यान, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार, संवाद सत्र और अध्ययन भ्रमण आयोजित किए जाएंगे. इनके माध्यम से विद्यार्थियों को वाराणसी मास्टर प्लान, ले-आउट एवं भवन मानचित्र की अवधारणा, भवन मानचित्र स्वीकृति की आवश्यकता, ग्रीन बेल्ट से संबंधित प्रावधान, सिटी प्लान एवं अर्बन प्लानिंग के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा विरासत संरक्षण जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी.वीडीए के अनुसार शहर के नियोजित विस्तार, विशेषकर अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए युवा पीढ़ी को नियोजित विकास के महत्व से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में शहरों के सामने आने वाली मूलभूत समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सके. वाराणसी पूर्वांचल के आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. ऐसे में नागरिकों को नियोजित और समावेशी विकास के प्रति जागरूक करना तथा उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना वीडीए की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.ALSO READ : वाराणसी में एकतरफा प्रेम में युवक ने खुद को लगाई आग, युवती बनाती रही वीडियोएमओयू के तहत आईआईटी-बीएचयू का आर्किटेक्चर, प्लानिंग एंड डिजाइन विभाग तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराएगा. वहीं, वीडीए कार्यक्रमों का समन्वय करेगा तथा वाराणसी मास्टर प्लान, नगर विकास परियोजनाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा.