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सावधान: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे नकली हल्दी, जल्द करें पहचान

सावधान: कहीं आप भी तो नहीं खा रहे नकली हल्दी, जल्द करें पहचान
Apr 14, 2026, 01:37 PM
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Posted By Preeti Kumari

लाइफस्टाइल: आजकल की लाइफस्टाइल में अपनी सेहत को लेकर लोग काफी सावधानी बरतते है. इसलिए अपने किचन में रखें हर खाने-पीने की चीजों का काफी ध्यान रखते है. बता दें, हल्दी भारतीय खानपान में इस्तेमाल होने वाला सबसे लोकप्रिय मसाला होता है. ये सिर्फ अपने स्वाद, अनोखी खुशबू के लिए नहीं बल्कि यह ढेर सारे आयुर्वेदिक फायदों की वजह से भी हमारे बीच लोकप्रिय रहा है. लेकिन इन दिनों बाजार में हर चीजों में मिलावटी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है. जो हल्दी में भी किया जा रहा है.


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ये मिलावटी हल्दी का असर लोगों की सेहत पर काफी बुरा असर पड़ता है. इसलिए बेहतर होगा कि मार्केट की इन मिलावटी हल्दी से खुद को बचाने का तरीका जरूर से जरूर ढूंढना चाहिए, ताकि अपनी सेहत को आसानी से बचाया जा सकें.


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आपकी रसोई में भी मिलावटी हल्दी


मार्केट की मिलावटी हल्दी को खाने से खुद बचने और अपने परिवार की सेहत का ख्याल रखना है तो असली और नकली हल्दी की पहचान करना भी जरूरी है. तो चलिए आज आपको बताते है कि असली हल्दी की पहचान कैसे करनी है. किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है. मिलावटी हल्दी को पहचानने के लिए एक कांच के गिलास में पानी लेकर उसमें एक चम्मच हल्दी पाउडर डालें, बिना हिलाए 20 मिनट छोड़ दें. यदि हल्दी नीचे बैठ जाती है और पानी हल्का पीला रहता है, तो हल्दी शुद्ध है.


अगर पानी तुरंत गहरा पीला हो जाता है और उसमें धारियां दिखती हैं, तो यह आर्टिफिशियल रंग (जैसे मेटानिल येलो) या लेड क्रोमेट की मिलावट हो सकती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक नकली हल्दी की ये पहचान का वीडियो कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा था. जिसकों लेकर कुछ लोगों ने अपने घर में इस तरह का एक्सपेरिमेंट भी किया था. जिसका उत्तर भी उन्हें आसानी से मिल गया था.


ऐसे करें हल्दी की पहचान


दो गिलास पानी लें

दोनों गिलासों में थोड़ी मात्रा में हल्दी पाउडर डालें

मिश्रण को कुछ मिनटों के लिए बिना हिलाए छोड़ दें


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हानिकारक है मिलावटी हल्दी


खाने में मिलावटी हल्दी का इस्तेमाल सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. इसमें इस्तेमाल होने वाले आर्टिफिशियल रंग अक्सर कई तरह की सेहत से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं. चूंकि हल्दी भारतीय घरों में एक मुख्य सामग्री है, इसलिए थोड़ी मात्रा में मिलावट भी सेहत पर प्रभाव डाल सकती है.


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इन बातों का भी रखें ध्यान


पानी वाले इस टेस्ट के अलावा, हल्दी खरीदते समय आप कुछ अन्य सावधानियां भी बरत सकते हैं, जो निम्न हैं

हल्दी खदीरते समय विश्वसनीय ब्रांड या स्थानीय स्रोतों का ही चयन करना चाहिए.

जरूरत से ज्यादा चमकीले पीले रंग की हल्दी पाउडर को खरीदने बचना भी बेहतर है.

पैकेजिंग लिखे लेवल की भी जांच करनी चाहिए.


33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.