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घर में लंबे समय तक चावल को ऐसे रखे स्टोर, नहीं पड़ेगे घुन या कीड़े

घर में लंबे समय तक चावल को ऐसे रखे स्टोर,  नहीं पड़ेगे घुन या कीड़े
Apr 04, 2026, 12:04 PM
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Posted By Preeti Kumari

लाइफस्टाइल: अक्सर लोग अपने घरों में चावल को स्टोर करते है. चावल को स्टोर करना इतना आसान नहीं होता हैु. ये बेहद चुनौतीपूर्ण काम होता है. जी हां, नमी या घुन के कारण अक्सर चावल में काले और सफेद कीड़े लगने लगते हैं. जिससे न सिर्फ स्वाद बिगड़ता है बल्कि अनाज की पौष्टिकता भी खत्म हो जाती है. बाजार में मिलने वाली कीटनाशक गोलियां सेहत के लिए जोखिम भरी हो सकती हैं. लेकिन आप चावल को स्टोर करने के लिए प्राकृतिक तरीका भी आजमा सकते हैं. जिसे लेकर आज हम आपको बताएंगे.


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घरेलू नुस्खा बहुत से होते है. पर जो हम बताने जा रहे है वो काफी अलग और आसान भी है. इसके लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत भी नहीं है. जो चावल को स्टोर करने में पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है. उनके अनुसार, अगर आप चावल के डिब्बे में तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च को लेयरिंग तरीके से रखते हैं, तो इनकी तीखी गंध कीड़ों को पास फटकने भी नहीं देगी. रसोई में मौजूद इन दोनों चीजों का इस्तेमाल कैसे करना है इसकी सही जानकारी होना भी जरूरी है.


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एयरटाइट कंटेनर का चुनाव


चावल को स्टोर करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है, सबसे पहला और जरूरी काम एक सही डिब्बे का चुनाव करना होगा. जो चावल को सुरक्षित रखेगा. हमेशा एक साफ और सूखा एयरटाइट कंटेनर ही लें. अगर डिब्बे में थोड़ी भी नमी होगी, तो कीड़े बहुत जल्दी पनपेंगे. स्टील या अच्छी गुणवत्ता वाले प्लास्टिक के डिब्बे, जिनमें हवा ना आए, चावल स्टोर करके लिए अच्छे माने जाते हैं.


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तेजपत्ता और लाल मिर्च का मिश्रण


​तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च में एक खास तरह की तीखी गंध होती है, जो कीड़ों को नापसंद होती है. लाल मिर्च में मौजूद 'कैप्साइसिन' और तेजपत्ते की खुशबू प्राकृतिक कीटनाशक का काम करती है. यह बिना किसी केमिकल के चावल को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है. इसे इस्तेमाल करने के लिए डिब्बे की तली में सबसे पहले 2-3 तेजपत्ते और 2 सूखी लाल मिर्च रखें.


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लेयरिंग तकनीक


कुसुम भट्ट एक विशेष लेयरिंग तकनीक की सलाह देती हैं. डिब्बे को एक साथ पूरा न भरें. सबसे पहले तली में मसाले डालें, फिर डिब्बे को आधा चावल से भरें. इसके बाद बीच में फिर से 2 तेजपत्ते और 2 सूखी लाल मिर्च डालें. आखिरी में बाकी चावल भरकर ऊपर से फिर से मसाले रखें. इस तरह मसालों की खुशबू पूरे डिब्बे में समान रूप से फैल जाती है.


नमी से बचाव


चावल में कीड़े लगने का मुख्य कारण नमी होती है. चावल को स्टोर करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि वे पूरी तरह सूखे हुए हों, अगर संभव हो, तो चावल को डिब्बे में भरने से पहले एक दिन की धूप दिखा दें. इसके अलावा, जिस जगह पर आप डिब्बा रख रहे हैं, वह जगह भी सूखी और ठंडी होनी चाहिए, सिंक के पास या गीली जगहों पर अनाज रखने से बचें.


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प्राकृतिक गंध का प्रभाव


बाजार में मिलने वाली कीटनाशक गोलियां चावल के स्वाद को प्रभावित कर सकती हैं और धोने के बाद भी उनका अंश रह सकता है. ऐसे में तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च प्राकृतिक हैं. इनकी गंध से कीड़े तो दूर रहते हैं, लेकिन पकाते समय चावल के स्वाद या सुगंध पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है.


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खराब होने से चावल को ऐसे बचाए


भले ही आपने मसाले डाल दिए हों, लेकिन हर 15-20 दिनों में एक बार चावल के डिब्बे को खोलकर जरूर चेक करें. अगर आपको लगे कि लाल मिर्च का रंग बहुत हल्का पड़ गया है या तेजपत्ते की खुशबू खत्म हो गई है, तो उन्हें बदलकर नए मसाले डाल दें. समय-समय पर चावल को ऊपर-नीचे करने से हवा का संचार बना रहता है और अनाज ताजा रहता है.

जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
वाराणसी : कपसेठी बाजार में शनिवार को एक जनरल स्टोर में रखे पटाखों में अचानक विस्फोट से घायल पांच साल के मासूम कार्तिक जायसवाल की मौत हो गई. विस्फोट इतना जबरदस्‍त रहा कि बारजा ढह गया. दुकान के दरवाजे, खिड़की और दीवार की रेलिंग टूट गई. बाजार से लगभग 200 मीटर दूर तक धमाके से ग्रामीण दहल गए. मासूम घर का इकलौता चिराग था.भदवर स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज से बच्चे के शव को पुलिस ने पंचायतनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया. सूचना के बाद गोमती जोन के अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली. कार्तिक माता-पिता का इकलौता बेटा था. शुक्रवार को कार्तिक का पांचवां जन्मदिन था. ननिहाल से कार्तिक रात में ही घर लौटा था. खिलौने आदि भी ननिहाल से उपहार में कार्तिक को मिले थे. खिलौने लेकर वह तीसरी मंजिल पर गया था. अचानक फुलझड़ी जलाने के दौरान ही तेज धमाका हो गया. इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया. पिता आशीष और मां का रो-रोकर हाल खराब हो गया.कपसेठी थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार में आशीष जायसवाल का मकान है. मकान में ही जायसवाल जनरल स्टोर संचालित है. सुबह लगभग 8 बजे के बाद आशीष का बेटा कार्तिक जायसवाल खेलते हुए तीसरी मंजिल की दुकान पर जा पहुंचा. इस बीच वह फुलझड़ी जलाने का प्रयास कर रहा था कि अचानक एक बोरे में तेज धमाका हो गया. धमाके की गूंज से मकान समेत बाजार दहल उठा. तीसरे तल के आगे का बारजा ढह गया. दुकान की रेलिंग, खिड़की-दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए.ALSO READ : एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...कार्तिक जायसवाल लहूलुहान होकर अचेत हो गया. परिजन तुरंत उसे लेकर कपसेठी चौराहे स्थित शर्मा क्लिनिक पर गए, जहां हालत गंभीर होता देख चिकित्सकों ने हेरिटेज अस्पताल में रेफर किया. उपचार के दौरान मौत हो गई. वहीं, स्थानीय लोगों को कहना है कि एक माह बाद ही दशहरा और दिवाली है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पटाखों का अवैध भंडारण किया जा रहा है.
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
वाराणसी: बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए मिले मुआवजे की रकम पर साइबर ठगों के सेंध लगाने का मामला सामने आया है. फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी गांव निवासी अंजू देवी के संयुक्त बैंक खाते से ठगों ने एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख रुपये उड़ा लिए. मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस जांच में जुट गई है.अंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनका और उनके पति मनोज पटेल का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संयुक्त बचत खाता है. इसी खाते में बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के मुआवजे के रूप में 9.03 लाख रुपये आए थे. 20 अगस्त से 31 अगस्त के बीच उनके संयुक्त खाते से अलग-अलग माध्यमों से 6,51,783 रुपये निकल गए.इसके अलावा बैंक की मंगारी शाखा स्थित एक अन्य खाते से भी 13 हजार रुपये निकाल लिए गए. कुल 6,64,783 रुपये की साइबर ठगी हुई. पीड़िता के मुताबिक, उनके वाट्सएप पर एक मोबाइल नंबर से एपीके फाइल भेजी गई थी. फाइल पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल और खाते से संबंधित जानकारी तक पहुंच हासिल कर ली. इसके बाद खाते से रकम निकलती चली गई. खाते से रकम कटने की जानकारी होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की.ALSO READ: दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धिसाइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सौंपी गई है. पुलिस लेनदेन से जुड़े विवरण और एपीके फाइल भेजने वाले मोबाइल नंबर की जांच कर रही है. पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है. थाना प्रभारी ने कहा कि वाट्सएप या एसएमएस पर अनजान नंबरों से आने वाली किसी भी एपीके फाइल पर क्लिक न करें. संदिग्ध लिंक खोलने से भी बचें. ऐसी फाइलें मोबाइल में सेंध लगाकर बैंक खाते तक पहुंच बनाने का माध्यम बन सकती हैं. साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं.
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
वाराणसी : इस वर्ष पितृपक्ष का आरंभ 27 सितंबर से होगा और यह 10 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. यानी पितरों की कृपा पाने का पक्ष इस बार 14 दिनों का होगा. साथ ही षष्ठी और सप्तमी तिथि एक ही दिन पड़ने के कारण पितृपक्ष की अवधि कम हो रही है. जिनके पिता की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई है, वे 26 सितंबर को पितृ श्राद्ध करेंगे. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार, 27 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से पितृ पक्ष की शुरुआत होगी. 2 अक्टूबर को षष्ठी और सप्तमी तिथि एक साथ आने के कारण पितृपक्ष की अवधि में कमी आ रही है. जिनके पिता की मृत्यु शस्त्र या विष से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी को किया जाता है.वहीं, जिनके पिता की स्वाभाविक मृत्यु चतुर्दशी को हुई हो, वे द्वादशी तिथि को श्राद्ध करेंगे. माता की मृत्यु किसी भी तिथि पर हुई हो, उनका श्राद्ध नवमी (मातृ नवमी) को करना चाहिए. इस वर्ष मातृ नवमी 4 अक्टूबर को है. पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का अवसर मिलता है. यह समय परिवार के सदस्यों के लिए एकत्रित होने और अपने पूर्वजों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करने का होता है. पितृपक्ष के दौरान किए गए अनुष्ठान से पितरों की कृपा प्राप्त करने की मान्यता है. इस समय श्रद्धालु अपने पितरों के लिए विशेष भोजन तैयार करते हैं और उन्हें अर्पित करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.आनलाइन पिंडदान के लिए कर रहे संपर्कपितृपक्ष पर काशी में ई-पिंडदान कराने के लिए कर्मकांडी ब्राह्मण पैकेज दे रहे हैं. विदेशों में बैठे आस्थावानों ने अपने पितरों का श्राद्ध करने के लिए इन पुरोहितों से संपर्क करना शुरू कर दिया हैं. ब्राह्मणों ने सोशल मीडिया पर इसका प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया है. बता दें कि पिंडदान, तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए व्यक्तिगत रूप से आने में असमर्थ आस्थावान आनलाइन अनुष्ठान कराते हैं. हाल ही में रूस की महिला ने अपने पिता और भाई का आनलाइन पिंडदान कराया था.ALSO READ : दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि