गुमशुदा पायलट के तलाश में ईरान और अमेरिका की होड़
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जबरदस्त युद्ध छिड़ा हुआ है. अमेरिका ने ईरान से इस कदर दुश्मनी निभा रखी है मानों, युद्ध को समाप्त करने की तमन्ना ही खत्म हो चुकी है. पायलटों की तलाश में ईरान के खिलाफ अमेरिका अब सर्च ऑपरेशन भी चलाने को तैयार बैठा है. ये वहीं अभियान है जिसमें एक अमेरिकी अधिकारी ने लड़ाकू विमान को मार गिराने की पुष्टि की है.

जाने क्या है पूरा मामला
दरअसल, कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के खिलाफ युद्ध जारी है. जिसमें दोनों देशों की सेनाएं लापता हुए एक अमेरिकी पायलट को तलाशने में जुटी हैं. लेकिन गजब की बात तो यह है कि इस खोज में तलाश कम और एक-दूसरें को पछाड़ने की होड़ ज्यादा नजर आ रही हैं. ईरानी अधिकारियों ने लोगों से अपील कर कहा कि, वे अमेरिकी पायलट को खोजने में उनकी मदद करें. ताकि हम डोनाल्ड ट्रंप को उनके किये का पछतावा और सबक सिखाने में कोई कसर बाकी ना रखे. उधर अमेरिका ने भी अपने पायलट की खोजबीन शुरू कर दी है.

ईरानी हमले की चपेट में अमेरिकी सेना के दो हेलिकॉप्टर
ईरान में चल रहे जंग के बीच अमेरिकी सेना को उस वक्त एक बड़ा झटका लगा, जब ईरान की तरफ से चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना के दो हेलिकॉप्टर ईरानी हमले की चपेट में आ गए. ये हेलिकॉप्टर एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के गिराए जाने के बाद से उसके गुमशुदा हुए पायलटों की तलाश में लगे हुए थे. हालांकि, अमेरिका ने अपने एक पायलट का रेस्क्यू सफलतापूर्वक कर लिया है.
लेकिन दूसरा पायलट अब भी लापता है. उसकी तलाश के लिए अमेरिकी सेना रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की कार्रवाई में जुटी हुई है.एक ओर जहां अमेरिका अपने दूसरे पायलट को सुरक्षित लाने में जुटा हुआ है तो ईरान के सैनिक भी इस मंशा से उसे खोजने में लगे हुए है कि ट्रंप कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकें. वहीं ईरान की रेवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में जहां अमेरिकी विमान गिरा, उस इलाके को खंगाला जा रहा है. खबरों के मुताबिक, ईरानी सेना ने इस गुमशुदा पायलट को खोजने पर इनाम की भी घोषणा की है.

कुवैत के दावे को ईरान ने किया झूठा साबित
अमेरिकी सेनिक की खोजबीन के बीच अमेरिका ने ईरान के एक बड़े पुल को नष्ट कर दिया है, इससे भी ट्रंप को संतुष्टि नहीं मिली तो ईरान के नागरिक सुविधाओं और बिजली संयंत्रों पर हमला करने का संकल्प ले बैठे. ईरान ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए पलटवार किया, जिस पर कुवैत ने कहा है कि ईरान ने एक वॉटर प्लांट को निशाना बनाते हुए एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया है, जिसके चलते अन्य खाड़ी देशों को उस हमले का सामना करना पड़ रहा है. कुवैत के इस दावे को झूठा साबित कर दिया है.

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वहीं, ईरान ने बीते शुक्रवार को इजरायल पर भी मिसाइल हमले किए हैं. ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने ईरान से जीत की घोषणा करने की अपील करते हुए इसको समाप्त करने को कहा है. दुख की बात तो यह है कि अब तक इस युद्ध में कम से कम 2,076 लोग मारे गए हैं. इनमें 26,500 घायल हुए हैं.

