Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

सावधान: गर्मियों में भूलकर भी ना खाएं गुड़, नहीं तो हो जाएंगी ये दिक्कतें...

सावधान: गर्मियों में भूलकर भी ना खाएं गुड़, नहीं तो हो जाएंगी ये दिक्कतें...
Mar 09, 2026, 01:29 PM
|
Posted By Preeti Kumari

Jaggery Disadvantages In Summer: आजकल की लाइफस्टाइल में सेहत को लेकर काफी दिक्कते सामने आ रही हैं. फर्क सिर्फ इतना सा है कि इस बिजी लाइफ में खुद के लिए जरा भी समन नहीं निकाल पाते है. लेकिन सेहत को ठीक करने के लिए गुड़ काफी खास होता है. गुड़ मिठास का एक ऐसा नेचुरल सोर्स होता है, जिसे हमेशा से हमारी सेहत के लिए वरदान माना जाता है. लेकिन जैसे ही गर्मियों का मौसम आता है, ऐसे में गुड़ खाने को लेकर ये सवाल रहता है कि क्या गर्मियों के इस मौसम में गुड़ खाना सेहत के लिए बेहतर होता है या नहीं, जिसे लेकर एक रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है.


kjui


हालांकि, गर्मियों का मौसम में खाने-पीने से लोग काफी हिचकिचाते है, क्योंकि, इस मौसम में स्वास्थ्य काफी खराब होने के चांसेस रहते है, इसलिए सोच समझकर ही खाना-पीना चाहिए. ऐसे मौसम में सेहतमंद रहने का हेल्दी डाइट से सबसे अच्छा नुस्खा हो गया है. इसलिए जैसे-जैसे मौसम का बदलाव होता है उसी हिसाब से हर किसी को अपने खान-पान में बड़ा बदलाव करना चाहिए, ताकि अपने स्वास्थ्य को सही और बेहतर बनाए रखे.


uytr


क्यों गुड़ खाने से कतराते हैं लोग


पोषक तत्वों से भरपूर गुड़ को इस गर्मियों के मौसम में लोग खाने से काफी हद तक कतराते हैं. गुड़ केवल मीठा ही नहीं, बल्कि पोषक तत्वों का खजाना है। सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर को कई बेहतरीन फायदे मिलते हैं. पोषक तत्वों से भरपूर इस गुड़ में कूट-कूटकर आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और शरीर के लिए जरूरी कई तरह के अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं. जिसके चलते लोग अपनी सेहत के लिए इसे बेस्ट मानते हैं. एनर्जी और पाचन तंत्र के लिए भी गुड़ काफी बेहतर होता है. इतना ही नहीं, बॉडी डिटॉक्सिंग के लिए भी काफी फायदेमंद होता है. गुड़ खून को साफ करने और शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में बहुत मददगार साबित होता है.


यह भी पढ़ें: शुगर पेशेंट्स फलों से बनाए रखे दूरी, जाने क्यों?


iuyytre


जानिए गर्मियों में गुड़ खाने के नुकसान


एक रिपोर्ट के मुताबकि, गुड़ खाने के बेशक कई फायदे होंते है, लेकिन इसके नुकसान भी हो कई गुना हो सकते हैं. इसलिए इसे गर्मी में खाने से काफी हद तक बचना चाहिए. वो बात अलग है कि अगर बहुत मन होता है तो कभी-कभी खाया जा सकता है, पर रोजमर्रा की आदतों में इसे शामिल नहीं किया जा सकता है. बता दें, 100 ग्राम गुड़ में करीब 385 कैलोरी पाई जाती है. साथ ही गुड़ में कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है. ऐसे में डायटिंग करने वाले लोगों को गुड़ खाने से बचना चाहिए. हालांकि कम मात्रा में गुड़ खाने से अधिक असर नहीं पड़ता है.


rr


सर्दियों में गुड़ खाना फायदेमंद


सर्दियों में गुड़ खाना जितना फायदेमंद है उससे कहीं ज्यादा गर्मियों में उतना ही नुकसानदायक भी हो सकता है. गर्मियों में गुड़ के सेवन से नकसीर फूटने का भी खतरा बढ़ सकता है. दरअसल, गुड़ की तासीर गर्म होती है, इसलिए नाक से खून निकलने की शिकायत बढ़ जाती है. इसी वजह है एक्सपर्ट गर्मियों में गुड़ ना खाने की सलाह देते हैं.

BHU में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पर जागरूकता कार्यशाला, 150 से अधिक छात्रों ने लिया हिस्सा
BHU में ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पर जागरूकता कार्यशाला, 150 से अधिक छात्रों ने लिया हिस्सा
वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के वाणिज्य संकाय में शनिवार को ‘कॉर्पोरेट मित्र’ पहल को लेकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक कॉर्पोरेट कौशल से जोड़ना, उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाना और पेशेवर विकास के लिए तैयार करना था। इसमें अंतिम वर्ष के 150 से अधिक स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों ने भाग लिया।कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा सीए के.एन. गौतम और ICAI वाराणसी शाखा के उपाध्यक्ष सीए विकास द्विवेदी की भी मौजूदगी रही।कार्यक्रम की शुरुआत वाणिज्य संकाय के प्रमुख एवं संकायाध्यक्ष प्रो. एच.के. सिंह के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल को छात्रों के करियर विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।कार्यशाला में छात्रों को बदलते आर्थिक और कॉर्पोरेट परिवेश के अनुरूप कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कुशल स्नातकों को तैयार करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, एमएसएमई को सहयोग देने और छात्रों को पेशेवर सलाहकार सेवाओं के लिए तैयार करने की दिशा में इस तरह की पहल उपयोगी साबित हो सकती है।ALSO READ: BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ामुख्य अतिथि सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा ने छात्रों को कौशल विकास के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) और कंपनी सेक्रेटरीशिप (CS) समेत आधुनिक करियर विकल्पों की जानकारी दी और छात्रों को इन क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में मार्गदर्शन किया।कार्यशाला के अंत में इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें छात्रों ने करियर से जुड़े सवाल पूछे। सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा ने उनके सवालों के जवाब देते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए।कार्यक्रम की संयोजक डॉ. वंदना श्रीवास्तव ने कार्यशाला का संचालन किया और धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने अतिथियों, संकाय सदस्यों और छात्रों के प्रति आभार जताया।
BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा
BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ओरल एवं मैक्सिलोफेसियल सर्जरी (OMFS) इकाई ने जटिल सर्जरी कर 35 वर्षीय युवक को नई जिंदगी दी। युवक के निचले जबड़े में करीब सात वर्षों से एमेलोब्लास्टोमा ट्यूमर था, जिसके कारण उसके चेहरे की बनावट पूरी तरह बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने ट्यूमर से प्रभावित जबड़े को निकालकर मरीज के पैर की फिबुला हड्डी से नया जबड़ा तैयार किया।लखीमपुर खीरी निवासी युवक लंबे समय से चेहरे की असमानता से परेशान था। सामाजिक रूप से असहज महसूस करने के कारण वह लोगों के बीच जाने से भी हिचकिचाता था। कई जगह उपचार कराने के बावजूद स्थायी राहत नहीं मिलने पर उसे BHU में इलाज की सलाह दी गई।मरीज ने प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की OPD में चेहरे पर सूजन और निचले जबड़े में असमानता की शिकायत के साथ संपर्क किया। जांच में निचले जबड़े में बड़ा एमेलोब्लास्टोमा पाया गया, जिसने जबड़े की सामान्य संरचना और चेहरे के आकार को काफी प्रभावित कर दिया था।करीब आठ घंटे चली जटिल सर्जरी में ट्यूमर से पूरी तरह प्रभावित निचले जबड़े के हिस्से को निकाल दिया गया। इसके बाद मरीज के दाहिने पैर से फिबुला हड्डी निकालकर उसे जबड़े के आकार में तैयार किया गया। माइक्रोवैस्कुलर तकनीक की मदद से फिबुला की रक्त वाहिकाओं को गर्दन की रक्त वाहिकाओं से जोड़ा गया, जिससे नए जबड़े में रक्त संचार स्थापित किया जा सके। इस प्रक्रिया को माइक्रोवैस्कुलर फ्री फिबुला फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन कहा जाता है।ALSO READ: तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठकसर्जरी का नेतृत्व OMFS इकाई के प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने किया। टीम में प्रो. नरेश कुमार शर्मा, डॉ. श्वेता, डॉ. आशुतोष आर्या, डॉ. अंशु और डॉ. पूनम यादव शामिल रहीं। एनेस्थीसिया विभाग से प्रो. यशपाल सिंह, डॉ. तनवी आनंद और डॉ. दीपक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।ऑपरेशन BHU ट्रॉमा सेंटर के OMFS ऑपरेशन थिएटर में किया गया। सर्जरी के बाद मरीज के चेहरे की बनावट और समानता लगभग सामान्य हो गई है। उसके पैर में किसी तरह की महत्वपूर्ण कमजोरी नहीं है और वह सामान्य रूप से चल-फिर रहा है। लंबे समय से चेहरे की विकृति के कारण सामाजिक असहजता झेल रहे मरीज में अब आत्मविश्वास भी लौटा है।दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. एच.सी. बरनवाल ने इस जटिल और सफल शल्यक्रिया के लिए पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी।
तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठक
तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठक
वाराणसी: आगामी तिरंगा यात्रा को भव्य, ऐतिहासिक और प्रभावी बनाने की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी महानगर की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को गुलाब बाग स्थित महानगर कार्यालय में हुई.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया.बैठक में तिरंगा यात्रा की तैयारियों, संगठनात्मक सहभागिता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और यात्रा को व्यापक जनसहभागिता से जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए यात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, गौरव, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है. काशी की पावन धरती से निकलने वाली तिरंगा यात्रा राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का काम करेगी.उन्होंने कहा कि यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी. पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और युवा शक्ति मिलकर इसे जन-जन का अभियान बनाएंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यापक जनसंपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को यात्रा से जोड़ने का आह्वान किया.तिरंगा यात्रा के महानगर संयोजक मधुकर चित्रांश ने यात्रा की तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी. साथ ही विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर पदाधिकारियों के साथ समन्वय किया गया.ALSO READ:ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तारबैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', महापौर अशोक कुमार तिवारी, प्रदेश राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक नीलकंठ तिवारी समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने तिरंगा यात्रा को राष्ट्रभक्ति, एकता और जनभागीदारी का भव्य उत्सव बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का संकल्प लिया.