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सावधान: पतला होने के चक्कर में ना छोड़े खाना-पीना, जानें ये खतरनाक नुकसान

सावधान: पतला होने के चक्कर में ना छोड़े खाना-पीना, जानें ये खतरनाक नुकसान
Mar 31, 2026, 01:30 PM
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Posted By Preeti Kumari

लाइफस्टाइल: इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी को परफेक्ट बॉडी की चाहत होती है. मगर ये दिली ख्वाहिश बस कुछ ही लोगों की पुरी हो पाती है. जो अपनी बिजी लाइफस्टाइल में अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए खुद के लिए समय निकालते है. लेकिन कुछ लोग इतने बिजी होते है कि, काम-काज के सिवा खुद पर थोड़ा ध्यान नहीं देते है, ये लोग इतने व्यस्त होते है कि इन्हें ना खाने का होश और ना पीने का रहता है, जिसका असर उनके शरीर पर पड़ता है. जिसके बाद डॉक्टर की दवाओं का खाना शुरू हो जाता है. इसलिए बेहतर होगा कि, काम-काज के साथ-साथ अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे. तो काफी अच्छा होगा.


खाना छोड़ना बिमारी का घर


खास बात तो यह है कि, कुछ लोग खाकर सिर्फ बैठ जाते है, जिसकी वजह से उनका वजन और मोटापा बढ़ने लगता है. फिर क्या अपने बढ़ते मोटापे और वजन को कम करने के लिए वो एक्ससाइज ना करने के बजाय खाना छोड़ना अपनी समझदारी समझते है. जो कि नुकसान के सिवा और कुछ नहीं पहुंचाती है. वजन कम करने वाले लोग ये सोचते है कि खाना छोड़ने से शरीर में कैलोरी की मात्रा काफी कम हो जाएगी, जिससे वजन खुद पर खुद कम हो जाएगा. ऐसा करना बॉडी के लिए काफी हानिकारक होता है. क्योंकि, खाना छोड़ना वजन कम करने का नहीं, बल्कि शरीर को बीमारियों का घर बनाने का रास्ता है. तो चलिए आपको बताते है कि, वजन कम करने के लिए खाना छोड़ना कैसे नुकसानदेह साबित हो सकता है.


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जानें कैसे पड़ता है मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर


खाना छोड़ते ही शरीर को जरूरी मात्रा में कैलोरी मिलना पुरी तरह से बंद हो जाता है. एनर्जी बचाने के लिए शरीर अपना मेटाबॉलिज्म धीमा कर देता है. इसका नतीजा यह होता है कि जब आप अगली बार खाना खाते हैं, तो शरीर उसे एनर्जी में बदलने के बजाय फैट के रूप में जमा करने लगता है, ताकि बाद में इसका इस्तेमाल कर सके. इससे वजन कम होने के बजाय वजन बढ़ने लगता है.


पोषक तत्वों की कमी


शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है. खाना छोड़ने की वजह से शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. इससे आपको दिन भर थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सिरदर्द जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. लंबे समय तक ऐसा करने से एनीमिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं.


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मेंटल हेल्थ पर फोकस


दिमाग को काम करने के लिए ग्लूकोज की जरूरत होती है, जो हमें खाने से मिलती है. जब आप भूखे रहते हैं, तो ब्लड शुगर लेवल गिर जाता है, जिससे चिड़चिड़ापन, तनाव और घबराहट बढ़ती है. ऑफिस के काम या पढ़ाई में मन नहीं लगता और फोकस की कमी महसूस होती है.


पाचन तंत्र की समस्याएं


खाली पेट रहने से पेट में एसिडिटी की समस्या होने लगती है. जब लंबे समय तक पेट में खाना नहीं पहुंचता, तो यह एसिड पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे एसिडिटी, गैस, सीने में जलन और अल्सर जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसके अलावा, अनियमित खान-पान से कब्ज और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा भी बढ़ जाता है.


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ओवरईटिंग का खतरा


खाना छोड़ने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि अगली बार आप जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं. भूखा रहने के कारण हाई कैलोरी और मीठी चीजें खाने की क्रेविंग बढ़ती है, जिससे आप जंक फूड की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं. इसके कारण भी आपका वजन कम होने के बजाय और बढ़ जाता है.


पतले होने का जानें ये बेहतर उपाय


पतला होने यानि (वजन कम करने) के लिए संतुलित आहार (कम कैलोरी, हाई फाइबर) लें, मीठा और तली-भुनी हुई चीजें छोड़ें, और रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज (तेज चलना, योग) करें. चीनी, रिफाइंड कार्ब्स, और प्रोसेस्ड फूड से बचें. दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं और पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) लें.

काशी यात्रा पर पहुंचे अभिनेता अखिलेंद्र, बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर देखी गंगा आरती
काशी यात्रा पर पहुंचे अभिनेता अखिलेंद्र, बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर देखी गंगा आरती
Actor Akhilendra arrived on a pilgrimage to Kashi, visited Baba Vishwanath and witnessed the Ganga Aarti.वाराणसी: बॉलीवुड एक्टर और चंद्रकांता सीरियल के क्रूर सिंह अखिलेंद्र मिश्रा काशी की आध्यात्मिक यात्रा पर पहुंचे हैं ‘चंद्रकांता’ में क्रूर सिंह के किरदार से लोकप्रिय हुए अभिनेता ने करीब 48 घंटे काशी में बिताए और इस दौरान प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन भी किए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, इस वायरल वीडियो में ये साफ देखा जा सकता है कि, वे एक छत पर खड़े हैं और गंगा आरती का आनंद उठा रहे हैं, अंत में उन्होंने हर-हर महादेव का उद्घोष भी किया है.काशी विश्वनाथ मंदिर में अभिनेता ने किए दर्शनआपको बता दें कि, अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किए. जिसके बाद करीब एक घंटे तक मंदिर परिसर में बैठकर शिव स्तुति का पाठ किया. इसके बाद उन्होंने काल भैरव मंदिर पहुंचकर बाबा काल भैरव का आशीर्वाद लिया, उनकी इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. काशी यात्रा पर आए अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि वह काशी में आध्यात्मिक शांति की तलाश में आए थे और महादेव की नगरी में आकर उन्हें अद्भुत सुकून का अनुभव हुआ. काशी यात्रा उनके लिए बेहद खास और सुकुन भरा रहा. यहां का वातावरण मन को गहराई से छूने वाला है.अभिनेता ने की काशी के बदलते स्वरूप की तारीफअभिनेता अखिलेंद्र ने काशी के बदलते स्वरूप की खूब तारीफ की औऱ कहा शहर में हाल के वर्षों में काफी सकारात्मक बदलाव हुए हैं और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं पहले की तुलना में बेहतर हो गई हैं. जैसे साफ-सफाई, जिसके चलते उन्होंने इन सभी व्यवस्थाओं और सुगम दर्शन व्यवस्था की भी प्रशंसा की. अपने अभिनय करियर को लेकर अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि, उनकी शुरुआत बचपन से ही हो गई थी, गांव में दुर्गा पूजा के दौरान होने वाले नाटकों में वह हिस्सा लिया करते थे, उन्होंने बताया कि एक बार एक नाटक में छोटे बच्चे की भूमिका के लिए उन्हें चुना गया, जो उनके लिए बेहद खुशी का पल था, उस समय गांव में बिजली नहीं थी और लालटेन की रोशनी में ही नाटक की तैयारियां होती थीं, उसी अनुभव ने उन्हें अभिनय से जोड़ा और तब से आज तक वह इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं.Also Read: जबलपुर हादसा: 'लाइफ जैकेट जरूरी नहीं, MP टूरिज्म कॉरपोरेशन अधिकारी के बयान पर छिड़ा विवादअखिलेंद्र ने बताया कि, 'एक्टिंग की शुरुआत तो बचपन से ही हो गई थी, हमारे गांव में दुर्गा पूजा के दौरान दो नाटक होते थे, एक हिंदी और दूसरा भोजपुरी में छुट्टियों के दौरान हम सभी चचरे भाई-बहन वहां इकट्ठा होते थे. एक बार एक नाटक के लिए छोटे बच्चे की जरूरत थी, जिसमें मुझे कास्ट किया गया. मेरे लिए ये पल बहुत खुशी का था, उस वक्त गांव में लाइट नहीं थी, इस कारण हम सभी रात में लालटेन की रोशनी में नाटक की तैयारी करते थे, इस नाटक को करने के बाद एक्टिंग से ऐसा जुड़ा कि आज तक इससे खुद को अलग नहीं कर पाया'.https://www.youtube.com/watch?v=cXbiN13VBxk
जबलपुर हादसा: 'लाइफ जैकेट जरूरी नहीं, MP टूरिज्म कॉरपोरेशन अधिकारी के बयान पर छिड़ा विवाद
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Jabalpur accident: 'Life jackets are not necessary,' MP Tourism Corporation official's statement sparks controversyJabalpur Accident: नर्मदा में बीते गुरुवार की शाम लहरें उठीं कि खुशियों से भरा एक सफर मातम में बदल गया. जबलपुर के बरगी डैम में डूबे क्रूज से निकली एक तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया. एक मां जो मौत के बाद भी अपने चार साल के बेटे को सीने से चिपकाए हुए थी. जिंदगी की आखिरी सांस तक मां ने लाल को बचाने की कोशिश की. वह सीन जिसने भी देखा, उसका दिल रो पड़ा. गुरुवार देर रात बरगी डैम का वह इलाका किसी युद्धस्थल जैसा नजर आ रहा था वहां सैकड़ों सरकारी गाड़ियां, पुलिस बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना के जवान और चारों ओर लगी फ्लडलाइट्स थीं. रोशनी बहुत थी, लेकिन चेहरों पर अंधेरा पसरा हुआ था. नर्मदा के बीचोंबीच वह क्रूज आधा डूबा हुआ दिखाई दे रहा था. कुछ घंटे पहले तक जहां संगीत गूंज रहा था, वहां अब सिर्फ लहरों की आवाज थी. हर किसी की निगाहें पानी पर टिकी थीं. मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह लगातार फोन पर अपडेट ले रहे थे. मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद पल-पल की जानकारी ले रहे थे. लेकिन उस रात किसी के पास कोई जवाब नहीं था.जबलपुर हादसे पर विवादजबलपुर के बरगी बांध पर क्रूज बोट हादसे के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (MPT) ने शनिवार को एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. एमपीटी ने दावा किया कि जलाशय में चलने वाली नावों पर सवार यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था. सुरक्षा में चूक को लेकर बढ़ते सवालों के बीच जल क्रीड़ा गतिविधियों के सलाहकार रिटायर्ड नौसेना कमांडर राजेंद्र निगम ने दावा किया कि बरगी बांध क्रूज के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों में पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद थे.Also Read: वाराणसी में जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर अलर्ट, गंगा में किए जा रहे सुरक्षा उपाय"लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था"बात करें सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर निगम ने जवाब दिया, "क्रूज की सवारी (बरगी बांध पर) का आनंद लेने के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था, क्रूज पर पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध थे, " यह दावा मुख्यमंत्री मोहन यादव के उस आदेश के ठीक एक दिन बाद किया गया, जिसमें उन्होंने क्रूज बोट पलटने की घटना की उच्च-स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे, इस घटना में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि चार अन्य यात्री अभी भी लापता हैं. 100 सीटों वाली यह बोट मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद रवाना हुई थी और 30 अप्रैल को पलट गई, इस घटना ने अपने पीछे बेजान शरीर, शोक संतप्त परिजन और कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ दिए हैं.https://www.youtube.com/watch?v=cXbiN13VBxk
वाराणसी में फिर बदलेगा मौसम, आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश की संभावना
वाराणसी में फिर बदलेगा मौसम, आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश की संभावना
Weather will change again in Varanasi, there is a possibility of heavy rain along with storm.मौसम का मिजाज काफी दिनों से बदलता नजर आ रहा है, इसका असर देश से लेकर यूपी भर में देखने को मिल रहा है. चार दिनों पहले तूफान के साथ आई वर्षा और फिर दूसरे दिन हल्की फुहारों से दो दिनों से मौसम सुहाना और शुष्क चल रहे मौसम में सोमवार से फिर परिवर्तन आ सकता है. एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण सोमवार की दोपहर बाद फिर बादल आ सकते हैं और मौसम तूफानी रूप ले सकता है.यह परिस्थिति मंगलवार तक बनी रह सकती है, एक बार फिर तूफानी हवा, आंधी, वर्षा आदि के कारण आगामी सप्ताह भी इन दिनों की तरह गर्मी से राहत भरा सिद्ध हो सकता है, अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है, मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि इस बार मई माह में लू से तपन के दिनों की संख्या सामान्य रह सकती है.सोमवार को आंधी-तूफान और वर्षा होने की संभावनावाराणसी में एक बार से सोमवार को आंधी-तूफान और वर्षा होने की संभावना है, जिससे तापमान में 6-8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मई के शुरुआती दिनों में लू चलने की उम्मीद नहीं है और पूर्वी यूपी में लू के दिन सामान्य रहेंगे. शनिवार को भी आसमान प्राय: साफ रहा, सुबह से धूप खिली रही, फिर भी वातावरण में व्याप्त 78 प्रतिशत आर्र्द्रता के चलते तापमान में मज 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस नीचे 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, न्यूनतम तापमान में भी महज 0.8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने से यह भी सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस नीचे 23 डिग्री सेल्सियस रहा, इसी तरह बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे 34.6 रहा तो न्यूनतम तापमान मं 0.7 डिग्री सेल्सियस की कमी आई और यह सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा.गरज-चमक के साथ तापमान में गिरावट भारतीय मौसम विज्ञान के लखनऊ स्थित आंचलिक कार्यालय के डा. अतुल कुमार सिंह ने बताया सोमवार को गरज-चमक के साथ आने वाले बादल व तूफानी हवा से वर्षा के चलते अधिकतम तापमान एक बार फिर सामान्य से 6-8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ सकता है, इससे मई के आरंभिक 10 दिनों के दौरान लू चलने की संभावना नहीं है.Also Read: संपूर्ण समाधान दिवस : राजातालाब तहसील में डीएम ने सुनी समस्‍याएं, 246 शिकायतों में 10 का निस्तारणबीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मई माह में प्रदेश के उत्तरी तराई क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहेगी जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू से तपन के दिनों की संख्या सामान्य ही रहने की संभावना है. जबकि प्रदेश के पूर्वी, मध्यवर्ती, तराई एवं दक्षिणी भाग में औसत मासिक न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है. गर्मी के इस बार रिकार्ड तोड़ने जैसी कोई संभावना नहीं नजर आती है, इस बार अधिकतम तापमान अब तक सर्वाधिक तापमान को पार नहीं करेगा.