सीडीओ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, टीबी मुक्त अभियान में लापरवाही पर सख्त रुख

वाराणसी: कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रखर कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई. बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई.

टीबी मुक्त अभियान की समीक्षा के दौरान स्क्रीनिंग की कम उपलब्धि पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अभियान में किसी भी स्तर पर शिथिलता क्षम्य नहीं होगी. उन्होंने जनपद की सभी टीमों को चेतावनी जारी करने, न्यूनतम उपलब्धि वाले प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देने तथा प्रतिदिन समीक्षा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही टीबी स्क्रीनिंग बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया.

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत लक्ष्य से कम आयुष्मान कार्ड बनाए जाने पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए बड़ागांव के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को कड़े निर्देश दिए। नमो शक्ति रथ के माध्यम से चल रही ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग में भी तेजी लाने को कहा गया. उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सूचकांक में जनपद के 11वें स्थान पर रहने पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य निष्पादन में सुधार के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बर्थ डिफेक्ट से ग्रसित बच्चों की पहचान कर उनका विवरण सबल काशी ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए.
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय राय ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 10 फरवरी 2026 को जनपद में लगभग 19 लाख एक से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 13 फरवरी को मॉप-अप दिवस आयोजित होगा. सीडीओ ने इसके लिए माइक्रोप्लान तैयार कर समयबद्ध प्रशिक्षण पूर्ण कराने के निर्देश दिए.
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बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, अपर व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, जेएसआई के प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. शाहिद सहित अन्य अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे.

