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बीएचयू में सीजीएचएस योजना लागू, 40 से ज्यादा अस्पतालों से होगा एमओयू...

बीएचयू में सीजीएचएस योजना लागू, 40 से ज्यादा अस्पतालों से होगा एमओयू...
Jun 26, 2026, 06:29 AM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में लंबे समय से चली आ रही सीजीएचएस (केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना) लागू करने की मांग पूरी हो गई है. गुरुवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने संबंधित कमेटी की अनुशंसाओं को मंजूरी दे दी. देर शाम जारी अधिसूचना के माध्यम से बीएचयू ने अपने हजारों शिक्षकों, कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा उनके परिवारजनों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया है. इसके तहत 40 से अधिक निजी अस्पतालों को चिह्नित किया गया है. जून के अंत तक इन अस्पतालों के साथ एमओयू (समझौता) कर लिया जाएगा.


मौजूदा समस्या का समाधान


वर्तमान व्यवस्था में बीएचयू के कर्मचारियों को निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर पूरे बिल का भुगतान स्वयं करना पड़ता था, जबकि विश्वविद्यालय सीजीएचएस निर्धारित दरों पर केवल प्रतिपूर्ति देता था. शेष राशि का बोझ कर्मचारी को ही उठाना पड़ता था. नई व्यवस्था में यह समस्या समाप्त हो जाएगी.


चार श्रेणियों में बांटे गए लाभार्थी


वाराणसी में रहने वाले 70 वर्ष तक के आयु वाले पेंशनभोगी और उनके परिवार


वाराणसी में रहने वाले 70 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनभोगी और उनके परिवार


वाराणसी के बाहर रहने वाले पेंशनभोगी और उनके परिवार


वाराणसी में रहने वाले 70 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों को उपचार के लिए बीएचयू से रेफरल लेना आवश्यक होगा, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगी बिना रेफरल के सीधे चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकेंगे. जांच व उपचार का प्रतिपूर्ति मुख्य रूप से सीजीएचएस दरों के अनुसार होगा. आपातकालीन उपचार, दवा प्रतिपूर्ति आदि मामलों में विश्वविद्यालय की स्वास्थ्य योजना, सीजीएचएस एवं सीसीएस (मेडिकल अटेंडेंस) नियम लागू होंगे.


देशभर के प्रमुख शहरों में सुविधा


बीएचयू दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत अन्य राज्यों की राजधानियों और वाराणसी के निजी अस्पतालों के साथ एमओयू करेगा. इन अस्पतालों में बीएचयू के शिक्षक-कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी. यह व्यवस्था शुरू में तीन वर्षों के लिए प्रभावी होगी.



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एमओयू के बाद पैनल अस्पतालों की सूची बीएचयू की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट की जाएगी. कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा, “बीएचयू के कर्मचारी और पेंशनभोगी देश के विभिन्न हिस्सों में रहते हैं. हमें खुशी है कि इस दिशा में हम सकारात्मक प्रगति कर रहे हैं. समय के साथ इस व्यवस्था में और सुधार किए जाते रहेंगे.”

वाराणसी में सिगरा और कैंट स्‍टेशन से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद, तीन गिरफ्तार...
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वाराणसी : पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देश पर संदिग्ध व्यक्तियों की सघन चेकिंग अभियान के दौरान थाना सिगरा पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. लगातार शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही सिगरा पुलिस ने बिहार ले जाई जा रही अवैध अंग्रेजी शराब के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है. पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान काले रंग का बैग लिए एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली. बैग से 180 एमएल की 'आफ्टर डार्क ब्लू व्हिस्की' की 80 बोतलें बरामद हुईं. पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद अकील, पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद अनंथोनी, निवासी बड़ी बदौलपुरा, थाना खगोल, जिला पटना (बिहार) बताया.प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वाराणसी से शराब खरीदकर बिहार ले जाता था और वहां अधिक कीमत पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाता था. थाना सिगरा पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि शराब तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा और अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.जीआरपी ने की कार्रवाईरेलवे स्टेशन और प्लेटफॉर्म क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण तथा अवैध तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जीआरपी कैंट और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 34.56 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 23,040 रुपये बताई गई है. पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान जीआरपी कैंट के प्रभारी निरीक्षक रजोल नागर के नेतृत्व में टीम द्वारा रेलवे स्टेशन बनारस के प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दक्षिणी छोर पर निर्माणाधीन पानी की टंकी के पास संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी. इसी दौरान पीठ पर भारी बैग लादे दो युवक आते दिखाई दिए. पुलिस टीम को देखकर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया.ALSO READ : वाराणसी में कई लोगों को चूना लगाने वाले भार्गव दंपती पर एक और केस दर्ज, 40 लाख की धोखाधड़ी का आरोप...पूछताछ में गिरफ्तार युवकों की पहचान सीतापुर जनपद के रहने वाले 28 वर्षीय सुमित उर्फ सुदामित तथा अभय जायसवाल के रूप में हुई. तलाशी के दौरान दोनों के बैगों से 180-180 मिलीलीटर के 96-96 पाउच ऑफिसर चॉइस व्हिस्की बरामद हुई.
वाराणसी में कई लोगों को चूना लगाने वाले भार्गव दंपती पर एक और केस दर्ज, 40 लाख की धोखाधड़ी का आरोप...
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वाराणसी : चेतगंज थाना पुलिस ने 40 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में व्यापारी शरद भार्गव और उनकी पत्नी रिचा भार्गव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.इस मामले में उनके रिश्तेदार पंकज भार्गव समेत एक अन्य अज्ञात व्यक्ति को भी नामजद किया गया है. यह मुकदमा कबीरनगर निवासी व्यापारी राजीव पुरी की शिकायत पर दर्ज किया गया है. यह दंपती पर पहला मामला नहीं है. शहर के विभिन्‍न थानाें में व्‍यापारी पर मुकदमे दर्ज हैं.शिकायत के अनुसार, राजीव पुरी की पहचान शरद भार्गव और उनकी पत्नी रिचा से थी.दोनों ने खुद को प्रतिष्ठित कारोबारी बताते हुए विश्वास हासिल किया.आरोप है कि 16 जनवरी 2023 को दंपती ने बताया कि उन्हें सरकारी विभागों में कंप्यूटर आपूर्ति का बड़ा टेंडर मिला है और काम पूरा करने के लिए दो महीने के लिए 30 लाख रुपये की आवश्यकता है.भरोसा दिलाने पर राजीव पुरी ने उन्हें रकम दे दी.पीड़ित का आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी पैसे वापस नहीं किए गए. रकम मांगने पर आरोपियों ने सरकारी विभागों से भुगतान फंसने की बात कही और जल्द भुगतान का भरोसा देते रहे.शिकायत में यह भी कहा गया है कि सरकारी विभागों में भुगतान कराने के नाम पर बाद में 10 लाख रुपये और ले लिए गए.इसके बावजूद पूरी रकम वापस नहीं की गई.एफआईआर के अनुसार, बाद में आरोपी पक्ष के रिश्तेदार पंकज भार्गव ने दिसंबर 2023 में एक प्लॉट बेचकर 40 लाख रुपये लौटाने का आश्वासन दिया था.हालांकि, 1 जनवरी 2024 को जानकारी मिली कि जिस प्लॉट को बेचने की बात कही गई थी, वह पहले से ही बैंक में गिरवी रखा गया था.ALSO READ : बीएचयू में सीजीएचएस योजना लागू, 40 से ज्यादा अस्पतालों से होगा एमओयू...पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने इसी तरह कई अन्य व्यापारियों से भी करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है.शिकायत के आधार पर चेतगंज पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
बीएचयू में सीजीएचएस योजना लागू, 40 से ज्यादा अस्पतालों से होगा एमओयू...
बीएचयू में सीजीएचएस योजना लागू, 40 से ज्यादा अस्पतालों से होगा एमओयू...
वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में लंबे समय से चली आ रही सीजीएचएस (केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना) लागू करने की मांग पूरी हो गई है. गुरुवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने संबंधित कमेटी की अनुशंसाओं को मंजूरी दे दी. देर शाम जारी अधिसूचना के माध्यम से बीएचयू ने अपने हजारों शिक्षकों, कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा उनके परिवारजनों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला किया है. इसके तहत 40 से अधिक निजी अस्पतालों को चिह्नित किया गया है. जून के अंत तक इन अस्पतालों के साथ एमओयू (समझौता) कर लिया जाएगा.मौजूदा समस्या का समाधानवर्तमान व्यवस्था में बीएचयू के कर्मचारियों को निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर पूरे बिल का भुगतान स्वयं करना पड़ता था, जबकि विश्वविद्यालय सीजीएचएस निर्धारित दरों पर केवल प्रतिपूर्ति देता था. शेष राशि का बोझ कर्मचारी को ही उठाना पड़ता था. नई व्यवस्था में यह समस्या समाप्त हो जाएगी.चार श्रेणियों में बांटे गए लाभार्थीवाराणसी में रहने वाले 70 वर्ष तक के आयु वाले पेंशनभोगी और उनके परिवारवाराणसी में रहने वाले 70 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनभोगी और उनके परिवारवाराणसी के बाहर रहने वाले पेंशनभोगी और उनके परिवारवाराणसी में रहने वाले 70 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों को उपचार के लिए बीएचयू से रेफरल लेना आवश्यक होगा, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनभोगी बिना रेफरल के सीधे चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकेंगे. जांच व उपचार का प्रतिपूर्ति मुख्य रूप से सीजीएचएस दरों के अनुसार होगा. आपातकालीन उपचार, दवा प्रतिपूर्ति आदि मामलों में विश्वविद्यालय की स्वास्थ्य योजना, सीजीएचएस एवं सीसीएस (मेडिकल अटेंडेंस) नियम लागू होंगे.देशभर के प्रमुख शहरों में सुविधाबीएचयू दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत अन्य राज्यों की राजधानियों और वाराणसी के निजी अस्पतालों के साथ एमओयू करेगा. इन अस्पतालों में बीएचयू के शिक्षक-कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी. यह व्यवस्था शुरू में तीन वर्षों के लिए प्रभावी होगी.ALSO READ : बीएचयू को मिला पर्यावरणीय सिमुलेशन उपकरण का भारतीय पेटेंट...एमओयू के बाद पैनल अस्पतालों की सूची बीएचयू की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट की जाएगी. कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा, “बीएचयू के कर्मचारी और पेंशनभोगी देश के विभिन्न हिस्सों में रहते हैं. हमें खुशी है कि इस दिशा में हम सकारात्मक प्रगति कर रहे हैं. समय के साथ इस व्यवस्था में और सुधार किए जाते रहेंगे.”