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अग्निशमन विभाग में बदलावः अब एसएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप करेगा कार्य

अग्निशमन विभाग में बदलावः अब एसएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप करेगा कार्य
Dec 03, 2025, 12:45 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः आपातकाल एवं आपदाओं से निपटने के लिए पुख्ता इंतज़ाम करने के क्रम में सरकार ने अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह आधुनिक और विस्तारित कने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत “उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम-2022” और इसके अंतर्गत “उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा नियमावली-2024” लागू कर दी गई है. इसके तहत अब अग्निशमन प्रक्षेत्र वाराणसी जोन के प्रभारी संयुक्त निदेशक (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समकक्ष) स्तर के अधिकारी होंगे, जो जोन के जिलों का पर्यवेक्षण करेंगे. इनके नियंत्रण में एक स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप कार्य करेगा जिसमें प्रशिक्षित फायरमैन, चालक व अधिकारी शामिल रहेंगे, जो आपात स्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में कार्य करेंगे.

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जनपद प्रभारी के अलावा दो उपप्रभारी देखेंगे काशी विश्वनाथ मंदिरल ग्रामीण क्षेत्र


इस संबंध में बनारस के मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि नए ढांचे के अंतर्गत जनपद प्रभारी उप निदेशक (पुलिस अधीक्षक समकक्ष), वरिष्ठ मुख्य अग्निशमन अधिकारी (अपर पुलिस अधीक्षक समकक्ष), तथा दो मुख्य अग्निशमन अधिकारी (पुलिस उपाधीक्षक समकक्ष) पदों का सृजन किया गया है. इनमें एक अधिकारी अग्निशमन उप जिला ग्रामीण के प्रभारी होंगे जबकि दूसरे को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर फायर सर्विस की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. योगी सरकार विभाग का पुनर्गठन करते हुए नवीन पदों के सृजन की सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है जिसमें पुलिस विभाग के समकक्ष नए वरिष्ठ पदों का सृजन किया जा रहा है.


नई चुनौतियों का सामने अपर्याप्त साबित हो रही थी मौजूदा संसाधन व बल


सीएफओ ने जानकारी दी कि आज़ादी के ज़माने में बना 1944 का अधिनियम वर्तमान समय की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं था. मौजूदा संसाधन केवल लकड़ी, कपड़ा, तेल जैसी सामान्य ज्वलनशील सामग्रियों से लगने वाली आग को ध्यान में रखकर बनाया गया था। स्वतंत्रता के बाद प्रदेश में तेजी से हो रहे विकास बहुमंजिला इमारतें, मॉल, मल्टीप्लेक्स, बड़े अस्पताल, औद्योगिक इकाइयां और पेट्रोकेमिकल्स का तेजी से विस्तार हुआ. इसके चलते पुराने कानून और पद सृजन की व्यवस्था इन नई चुनौतियों का सामने अपर्याप्त साबित हो रही थी. अब उत्तर प्रदेश की अग्निशमन सेवा न केवल आग बुझाने बल्कि बड़े पैमाने पर रेस्क्यू, केमिकल-बायोलॉजिकल दुर्घटना प्रबंधन और आपदा प्रतिक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार हो रही है.

काशी धाम में है अत्याधुनिक उपकरण


सीएफओ आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर में 1.45 लाख लीटर क्षमता का वाटर टैंक, ऑटोमेटिक जॉकी, इलेक्ट्रिकल और डीजल पंप सिस्टम, 96 फायर हाइड्रेंट, 494 स्मोक डिटेक्टर, 46 हीट डिटेक्टर, और 224 फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं. 50,280 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले धाम में मुमुक्षु भवन, गेस्ट हाउस, म्यूजियम, लाइब्रेरी और जलपान गृह जैसी कई इमारतें हैं, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आते हैं.


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बीएचयू की डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय में एआई आधारित संचार पर दिया विशेष व्याख्यान.
बीएचयू की डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय में एआई आधारित संचार पर दिया विशेष व्याख्यान.
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पत्रकारिता एवं जनसम्प्रेषण विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय, चेन्नई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित संचार तकनीकों पर विशेष व्याख्यान दिया। 23 अक्टूबर को आयोजित इस व्याख्यान का विषय ‘ट्रांसफॉर्मिंग कम्युनिकेशन थ्रू एआई: चैटबॉट्स, ऑटोमेशन एंड इमर्जिंग ऑपर्च्युनिटीज’ रहा। इसमें आधुनिक संचार व्यवस्था में एआई चैटबॉट्स की बढ़ती भूमिका, उनके उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. नेहा पाण्डेय ने बताया कि एआई आधारित चैटबॉट्स पत्रकारिता, व्यावसायिक संचार, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने चैटबॉट्स के विभिन्न प्रकार, उनके काम करने के तरीके और संचार प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने में उनकी उपयोगिता को समझाया। साथ ही, एआई तकनीक के विस्तार से पैदा हो रहे नए अवसरों और संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।पत्रकारिता में बदल रही है एआई की भूमिकाव्याख्यान के दौरान डॉ. पाण्डेय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एआई आधारित टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इनकी मदद से ब्रेकिंग न्यूज उपलब्ध कराने, पाठकों के सवालों का जवाब देने, समाचार लेखों का सारांश तैयार करने, फैक्ट-चेकिंग में सहायता करने और पत्रकारों को शोध एवं डेटा विश्लेषण में सहयोग देने जैसे कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ के एआई टूल ‘हेलियोग्राफ’ और ‘रॉयटर्स’ के ‘न्यूज ट्रेसर’ का उदाहरण देते हुए बताया कि तकनीक किस तरह समाचारों के संकलन, विश्लेषण और प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एआई का उपयोग पत्रकारिता में सहायक हो सकता है, लेकिन सूचनाओं की सत्यता की जांच और जिम्मेदार पत्रकारिता का महत्व बना रहता है।स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा में भी उपयोगी एआई चैटबॉट्सडॉ. नेहा पाण्डेय ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एआई चैटबॉट्स की उपयोगिता पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इनकी मदद से स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी देने, बीमारियों के लक्षणों के बारे में मार्गदर्शन करने, वर्चुअल परामर्श में सहायता और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित शुरुआती सहयोग उपलब्ध कराने जैसे कार्य किए जा सकते हैं।इसके अलावा मरीजों का डेटा एकत्र करने, अस्पताल में अपॉइंटमेंट निर्धारित करने और रिमाइंडर भेजने जैसी नियमित प्रक्रियाओं को स्वचालित बनाने में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों के कामकाज को व्यवस्थित करने और कार्यभार कम करने में सहायता मिल सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में भी एआई आधारित उपकरणों के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने और सीखने की प्रक्रिया को सहयोग देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।ALSO READ : बरेका में स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत चला स्वच्छता अभियान, पुराने रिकॉर्ड और अनुपयोगी सामान हटाए गएएआई के इस्तेमाल में नैतिकता और सत्यता जरूरीव्याख्यान में एआई से जुड़ी चुनौतियों और नैतिक सवालों को भी प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. पाण्डेय ने गलत या भ्रामक जानकारी, एआई द्वारा मनगढ़ंत तथ्य प्रस्तुत करने, तकनीकी पूर्वाग्रह, भेदभाव और डेटा की गोपनीयता जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इसके साथ ही शैक्षणिक ईमानदारी, तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता, डिजिटल विभाजन, सहमति, कॉपीराइट और जवाबदेही से जुड़ी चुनौतियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने एआई से तैयार सामग्री के सत्यापन की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि तकनीक का उपयोग करते समय तथ्यों की जांच, गोपनीयता की सुरक्षा और नैतिक मानकों का पालन आवश्यक है। व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्न-उत्तर सत्र में डॉ. नेहा पाण्डेय ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान चैटबॉट्स के नैतिक उपयोग और एआई से तैयार सामग्री की सत्यता जांचने से जुड़े प्रश्नों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मद्रास विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं संचार विभाग की प्रमुख डॉ. बेउलाह राहेल ने डॉ. नेहा पाण्डेय का स्वागत किया, जबकि विभाग की पूर्व अध्यक्ष डॉ. टी. आर. गोपालकृष्णन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
बरेका में स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत चला स्वच्छता अभियान, पुराने रिकॉर्ड और अनुपयोगी सामान हटाए गए
बरेका में स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत चला स्वच्छता अभियान, पुराने रिकॉर्ड और अनुपयोगी सामान हटाए गए
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत शुक्रवार को विभिन्न कार्यालयों और परिसरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। रेल मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में महाप्रबंधक आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य कार्यालयों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और अनावश्यक सामग्री से मुक्त बनाना है। अभियान के तहत बरेका के जनसंपर्क कार्यालय और स्टोर में साफ-सफाई की गई। इस दौरान पुराने अभिलेखों और अनुपयोगी सामान को हटाकर कार्यालय परिसर को व्यवस्थित बनाया गया। साथ ही कर्मचारियों को कार्यस्थल पर नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में लेखा विभाग के जनरल फाइनेंस, डब्ल्यूएमएस अनुभाग, स्टोर फाइनेंस और स्थापना अनुभाग में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। यहां कार्यालयों की सफाई के साथ पुराने रिकॉर्ड और बेकार सामान को हटाया गया। अभियान के माध्यम से कर्मचारियों को स्वच्छ एवं बेहतर कार्य वातावरण बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया।ALSO READ : काशी विश्वनाथ मंदिर के पास महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी, शाहजहांपुर का युवक गिरफ्तारवहीं, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के आईपीएफ चैंबर, पोस्ट क्षेत्र के आसपास, बैरक संख्या एक और तीन के सामने तथा फायर टेंडर रूम में भी साफ-सफाई कराई गई। इन स्थानों पर जमा अनावश्यक सामग्री को हटाकर परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की पहल की गई। बरेका प्रशासन के अनुसार, स्पेशल कैंपेन 6.0 के अंतर्गत स्वच्छता के साथ कार्यालयों के बेहतर रखरखाव और कार्यस्थलों को व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कार्यालयों में स्वच्छ, स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करना है। बरेका प्रशासन ने स्वच्छता और सुव्यवस्थित कार्यस्थल को प्राथमिकता देते हुए इस तरह के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। अभियान की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने दी।
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी, शाहजहांपुर का युवक गिरफ्तार
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी, शाहजहांपुर का युवक गिरफ्तार
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर तीन के पास महिलाओं और लड़कियों पर अश्लील टिप्पणी करने और अशोभनीय इशारे करने के आरोप में चौक पुलिस ने शाहजहांपुर निवासी अमन गुप्ता (22) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 22 अक्टूबर को मिशन शक्ति अभियान के तहत कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, मंदिर के गेट नंबर तीन के पास गश्त के दौरान महिलाओं और लड़कियों ने एक युवक की हरकतों की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि युवक गली से गुजरने वाली महिलाओं को देखकर अश्लील शब्दों का इस्तेमाल कर रहा था और अशोभनीय इशारे कर रहा था। इससे महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा था।ALSO READ : वाराणसी में बालिकाओं ने निकाली रैली, भ्रूण हत्या बाल विवाह के खिलाफ बुलंद की आवाजशिकायत मिलने पर महिला उपनिरीक्षक मानसी वर्मा पुलिसकर्मियों संजू देवी और खुशबू के साथ मौके पर पहुंचीं। टीम ने गली में निगरानी शुरू की। कुछ देर बाद शिकायत में बताए गए हुलिए का युवक वहां दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, महिलाओं को देखकर अश्लील हरकत करने पर टीम ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी अमन गुप्ता शाहजहांपुर जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित चौकसी मुन्नूगंज फाटक, राजन कुआं का निवासी है। पुलिस ने उसके खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में चौक थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला, महिला उपनिरीक्षक मानसी वर्मा, उपनिरीक्षक सुमित, आरक्षी संजू देवी, खुशबू और आरक्षी अजीत कुमार यादव शामिल रहे।