Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

काशी पहुंची चिन्मय अमृत यात्रा, ज्ञान और वेदांत के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प

काशी पहुंची चिन्मय अमृत यात्रा, ज्ञान और वेदांत के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प
Aug 14, 2026, 03:41 PM
|
Posted By gagan arora

वाराणसी : चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित किए जा रहे ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ के तहत निकाली जा रही चिन्मय अमृत यात्रा वाराणसी पहुंची। काशी की आध्यात्मिक धरती पर यात्रा का साधकों, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ स्वागत किया। 11 और 12 अगस्त को वाराणसी में यात्रा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।


वेदांत मर्मज्ञ स्वामी चिन्मयानंद द्वारा स्थापित चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की यात्रा और उसकी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह अमृत यात्रा देशभर में निकाली जा रही है। यात्रा के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा, वेदांत के संदेश, आध्यात्मिक चेतना और मानव सेवा के संकल्प को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


चिन्मय मिशन के अनुसार यह यात्रा 295 दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरेगी। इस दौरान युवाओं के साथ संवाद, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, सत्संग और सामुदायिक आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए स्वामी चिन्मयानंद की शिक्षाओं और वेदांत के जीवनोपयोगी संदेश को समाज तक पहुंचाने का प्रयास होगा।


ALSO READ : स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर BHU में जीवंत हुई नौटंकी, ‘सत्य हरिश्चंद्र’ का मंचन



काशी में भारतीय ज्ञान परंपरा पर चर्चा


वाराणसी में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान भारतीय संस्कृति, सनातन ज्ञान परंपरा, वेदांत, साधना और सेवा के महत्व पर चर्चा हुई। साधकों और श्रद्धालुओं ने इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। काशी में यात्रा के पहुंचने से चिन्मय मिशन से जुड़े कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।


प्रयागराज के लिए रवाना हुई यात्रा


वाराणसी में कार्यक्रमों के बाद चिन्मय अमृत यात्रा प्रयागराज के लिए रवाना हो गई। इसके बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों में यात्रा के पड़ाव होंगे, जहां आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से चिन्मय मिशन की 75 वर्षों की यात्रा और उसके संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।


चिन्मय अमृत यात्रा का समापन 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रस्तावित है। समापन अवसर पर देशभर में हुई यात्रा और विभिन्न कार्यक्रमों के अनुभवों को साझा किया जाएगा।


चिन्मय मिशन की यह यात्रा केवल 75 वर्षों की उपलब्धियों को स्मरण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान, साधना, सेवा और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों से जोड़ने का अभियान है। काशी से प्रयागराज की ओर बढ़ी यात्रा अब देशभर में वेदांत और भारतीय ज्ञान परंपरा के संदेश को आगे ले जाएगी।

118वां गणेशोत्सव, सात दिनों तक होंगे विविध कार्यक्रम
118वां गणेशोत्सव, सात दिनों तक होंगे विविध कार्यक्रम
वाराणसी : नूतन बालक गणेशोत्सव समाज सेवा मंडल की ओर से स्थानीय गणेश भवन, गणेश दीक्षित लेन में 118वें सप्तदिवसीय गणेशोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सात दिवसीय महोत्सव में गणेश पूजन, सहस्रनामार्चन, भजन-कीर्तन, प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विद्वत सत्कार और संगीत सम्मेलन समेत कई आयोजन होंगे।महोत्सव की शुरुआत 14 सितंबर को गणेशोत्सव के उद्घाटन समारोह से होगी। इस अवसर पर महापौर अशोक तिवारी मुख्य अतिथि होंगे। वेदमूर्ति वीरेश्वर नारायण दातार और पंडित हेमंत जोशी के आचार्यत्व में उत्सव मंत्री अनिरुद्ध कृष्ण घाणेकर गणेश प्रतिमा की स्थापना करेंगे। इसके बाद दूर्वा से सहस्रनामार्चन किया जाएगा। शाम को वैदिक ब्राह्मणों द्वारा वसंत पूजा और नारदीय हरिकीर्तन का आयोजन होगा।15 सितंबर को गणेश पूजन के साथ लावा से सहस्रनामार्चन किया जाएगा। शाम को विद्वत सत्कार कार्यक्रम में वेदमूर्ति गोविन्द गंगाधर शिधोरे, पंडित कोमल शर्मा और प्रोफेसर प्रदीप नारायण डोंगरे का सम्मान किया जाएगा।16 सितंबर को किशमिश से सहस्रनामार्चन के बाद 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए नृत्य प्रतियोगिता आयोजित होगी। 17 सितंबर को बादाम से सहस्रनामार्चन, महिलाओं के भजन एवं हल्दी-रोली कार्यक्रम के साथ कनिष्ठ पद्यगान और स्व. सौ. मनोरमा बाई पुराणिक स्मृति वरिष्ठ पद्यगान प्रतियोगिता होगी।18 सितंबर को काजू से सहस्रनामार्चन के बाद सौरभ प्रभाकर शुक्ल, अहमदाबाद द्वारा ‘ओह माय फ्रॉड’ स्टोरी टेलिंग शो प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद स्व. सुबोध पालन्दे की स्मृति में एलसीडी प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रश्न मंच का आयोजन होगा।19 सितंबर को मखाना से सहस्रनामार्चन के बाद पुरस्कार वितरण समारोह होगा। इसके बाद संगीत सम्मेलन में प्राप्ति पुराणिक शास्त्रीय गायन प्रस्तुत करेंगी। उनके साथ तबले पर डॉ. संदीप केवले और हारमोनियम पर प्रवीण सिंह संगत करेंगे। इसके बाद सिद्धि कस्तुरे द्वारा कथक नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।ALSO READ: यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्वभूषण मिश्रा का तबादलामहोत्सव के अंतिम दिन 20 सितंबर को मोदकों से सहस्रनामार्चन और गणेश अथर्वशीर्ष सहस्त्रावर्तन का आयोजन होगा। इसके बाद महानैवेद्य अर्पित किया जाएगा। दोपहर में भव्य शोभायात्रा के साथ सात दिवसीय गणेशोत्सव का समापन होगा।
यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्वभूषण मिश्रा का तबादला
यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्वभूषण मिश्रा का तबादला
वाराणसी: उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं गतिशील बनाने के लिए बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन की ओर से 34 PCS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जबकि 14 IAS अधिकारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया गया है। तबादला सूची में वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं विशिष्ट विकास परिषद के कार्यपालक मुख्य अधिकारी (CEO) विश्वभूषण मिश्रा का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।विश्वभूषण मिश्रा को कार्यपालक मुख्य अधिकारी, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं विशिष्ट विकास परिषद, वाराणसी के पद से स्थानांतरित कर उपसचिव, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) बनाया गया है। कुछ माह पहले ही उन्हें उनकी प्रशासनिक दक्षता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर IAS कैडर में पदोन्नति मिली थी। उनके स्थानांतरण को वाराणसी के प्रशासनिक हलकों में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।वहीं, शासन ने बरखा सिंह का भी तबादला किया है। उन्हें उपनिदेशक (प्रशासन), रेशम निदेशालय के पद से हटाकर अपर नगर आयुक्त, नगर निगम वाराणसी की जिम्मेदारी दी गई है। इससे वाराणसी नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव हुआ है।कई जिलों के अपर जिलाधिकारी बदलेतबादला सूची में कई जिलों के अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। जंग बहादुर यादव को अपर नगर आयुक्त, नगर निगम गाजियाबाद से संयुक्त आयुक्त (प्रशासन), कार्यालय आयुक्त ग्राम्य विकास भेजा गया है।संजय कुमार पाण्डेय को अपर जिलाधिकारी (नजूल), प्रयागराज/उपसंचालक चकबंदी, प्रयागराज से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गौतमबुद्धनगर बनाया गया है। वहीं मंगलेश दुबे को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गौतमबुद्धनगर से उपसंचालक चकबंदी, प्रयागराज भेजा गया है।\ALSO READ: बरेका के अजय कुमार बिंद ने अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता रजत पदकअमित कुमार को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बहराइच से प्रधान प्रबंधक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ बनाया गया है, जबकि विनीत उपाध्याय को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बागपत से इसी पद पर प्रधान प्रबंधक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ भेजा गया है।राम शंकर को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), देवरिया से उपायुक्त (प्रशासन), कार्यालय आयुक्त खाद्य एवं रसद बनाया गया है। दिग्विजय प्रताप सिंह को अपर जिलाधिकारी (वि/रा), कासगंज से उपनिदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद भेजा गया है।संगम लाल को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), एटा से अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), मिर्जापुर की जिम्मेदारी दी गई है। योगेंद्र सिंह को अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जालौन से उपनिदेशक (प्रशासन), रेशम निदेशालय भेजा गया है।नगर निगमों और जिलों में भी बदलावपंकज प्रकाश राठौड़ को नगर मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), देवरिया बनाया गया है। दीपक कुमार पाल को उपजिलाधिकारी, बुलंदशहर से नगर मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर भेजा गया है। रेणु को उपजिलाधिकारी, हापुड़ से अपर नगर आयुक्त, नगर निगम गाजियाबाद की जिम्मेदारी मिली है।इसके अलावा अजय आनंद वर्मा को उपजिलाधिकारी औरैया से उपजिलाधिकारी आजमगढ़, रेणु मिश्रा को उपजिलाधिकारी सिद्धार्थनगर से उपजिलाधिकारी फर्रुखाबाद और प्रदीप कुमार सिंह को उपजिलाधिकारी गोंडा से उपजिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर भेजा गया है।दिव्या सिकरवार को उपजिलाधिकारी आजमगढ़ से उपजिलाधिकारी औरैया तथा प्रद्युम्न कुमार को उपजिलाधिकारी कानपुर देहात से उपजिलाधिकारी बस्ती बनाया गया है।इसके अलावा वंदना त्रिवेदी को उपसचिव, UPSSSC से उपनिदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी भेजा गया है। अरुण कुमार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), बदायूं से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बहराइच तथा मानवेंद्र सिंह (आरआर 2019) को उपजिलाधिकारी सहारनपुर से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), बदायूं बनाया गया है। राजीव कुमार राय को उपनिदेशक, कृषि उत्पादन मंडी परिषद से अपर जिलाधिकारी (वि/रा), बागपत की जिम्मेदारी दी गई है।इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब वाराणसी समेत प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक स्तर पर नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों की तैनाती देखने को मिलेगी।
बरेका के अजय कुमार बिंद ने अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
बरेका के अजय कुमार बिंद ने अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के एथलीट और टेक्नीशियन (फिटर) अजय कुमार बिंद ने 91वीं अखिल भारतीय रेलवे एथलेटिक्स (पुरुष/महिला) चैंपियनशिप 2026-27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है। उन्होंने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में 14 मिनट 04.36 सेकेंड का उत्कृष्ट समय दर्ज कर प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया।11 से 13 सितंबर तक SAI, ईस्टर्न सेंटर, साल्ट लेक, कोलकाता में आयोजित प्रतियोगिता में रेलवे के विभिन्न जोनों और उत्पादन इकाइयों के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अजय कुमार बिंद ने अपनी गति, फिटनेस और धैर्य का शानदार प्रदर्शन करते हुए 5000 मीटर की दौड़ पूरी की और रजत पदक हासिल किया।बरेका में टेक्नीशियन (फिटर) के पद पर कार्यरत अजय कुमार बिंद लगातार मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ एथलेटिक्स में अपनी पहचान बना रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर की रेलवे प्रतियोगिता में उनका यह प्रदर्शन बरेका के लिए गौरव की उपलब्धि माना जा रहा है।ALSO READ: नगर आयुक्त ने करसड़ा सॉलिड वेस्ट प्लांट का किया निरीक्षण, अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाने के निर्देशअजय की सफलता पर बरेका के खेल जगत में खुशी का माहौल है। बरेका प्रशासन के अनुसार, यह उपलब्धि संस्थान में खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन के साथ-साथ खिलाड़ी की निरंतर मेहनत और समर्पण का परिणाम है।बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अजय कुमार बिंद को रजत पदक जीतने पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की। उन्होंने आगामी प्रतियोगिताओं में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।