चुनाव नतीजों पर ममता बनर्जी ने कहा-हारे नहीं, हराया गया

Mamata Banerjee said on the election results – we did not lose, we were defeated
Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, इस दौरान उन्होंने कहा कि, हम चुनाव हारे नहीं हैं, हमें हराया गया है. हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं, विलेन चुनाव आयोग है. भाजपा ने चुनाव आयोग की मदद से 100 सीटें लूटीं है. यहां तक कि हमारी पार्टी को हराने के लिए चुनाव से दो दिन पहले ही हमारे लोगों को गिरफ्तार किया गया, जगह-जगह छापे मारे गए, IPS-IAS अधिकारियों का तबादला किया गया. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हैं. SIR में 90 लाख नाम हटा दिए गए थे, सिर्फ भाजपा के कहने पर उन्होंने बहुत गंदे और चालाक तरीके अपनाए. हैरानी इस बात की है कि जब चुनाव आयोग की न्याय की जगह अन्याय कर रहा है जनता के वोटों के साथ खिलवाड़ तो उम्मीद किससे की जाएं.

ममता बोलीं-मेरा लक्ष्य बिल्कुल साफ है
ममता बनर्जी ने कहा कि, मेरा लक्ष्य बिल्कुल साफ है, अब मैं एक आम व्यक्ति की तरह INDIA गठबंधन को मजबूत करूंगी. अभी मेरे पास कोई पद नहीं है, इसलिए मैं एक सामान्य नागरिक हूं, मैंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में दिया है. इन 15 सालों में मैंने एक पैसा भी पेंशन नहीं लिया और न ही कोई वेतन लिया. अब मैं एक आजाद चिड़िया हूं, इसलिए जो काम करना है, वह मैं अपने तरीके से करूंगी.

इतना ही नहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा सोमवार को काउंटिंग सेंटर के अंदर उनके साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और बदसलूकी की गई, मेरे पेट और पीठ पर लात मारा गया, यहां तक की धक्का देकर उन्हें सेंटर से सीधा बाहर कर दिया गया. बता दें, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे बीते सोमवार को आ चुके हैं. जहां पश्चिम बंगाल की भवानीपुर सीट से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी जीतकर उन्होंने ममता बनर्जी को हराया है. जिसमें बंगाल के इतिहास में पहली बार ममता बनर्जी को हार मिली है और भाजपा ने जीत हासिल कर अपनी सरकार बनाने को तैयार हो चुकी है. BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होने वाला है.
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बता दें, गंगासागर से कन्याकुमारी तक पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा विरोधी राजनीति के बड़े ‘पॉवर सेंटर्स’ को बड़ा झटका दिया है, ममता बनर्जी और एमके स्टालिन भाजपा को चुनौती देने वाले प्रमुख चेहरे थे. बंगाल (42) और तमिलनाडु (39) लोकसभा की 81 सीटें तय करते हैं. इनके ढहने से इंडिया गठबंधन पिछड़ गया, केरल में कांग्रेस की जीत उसे राहत देती है, लेकिन यह बढ़त विपक्ष में नई खींचतान शुरू करेगी. अब विपक्ष की लड़ाई सत्ता की नहीं, प्रासंगिकता बचाने की हो गई है.




