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सीएम ने बीएचयू में नेशनल सेंटर ऑफ़ एजिंग का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने पर दिया बल...

सीएम ने बीएचयू में नेशनल सेंटर ऑफ़ एजिंग का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने पर दिया बल...
Jun 13, 2026, 08:58 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्‍थ्‍य केंद्र (नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग, NCA) के आगामी उद्घाटन से पूर्व उसकी तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शनिवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का दौरा किया. इस अवसर पर बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी एवं निदेशक, आईएमएस-बीएचयू ने नेशनल सेंटर ऑफ़ एजिंग परिसर में उनका स्वागत किया. नेशनल सेंटर ऑफ़ एजिंग के नोडल अधिकारी प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति एवं प्रत्येक तल की स्थिति से अवगत कराया.


उन्होंने बताया कि केंद्र का प्रारम्भिक संचालन भूतल एवं प्रथम तल पर 52 बिस्तरों के साथ शुरू किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया तथा कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने शेष फिनिशिंग कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए. प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री को मानव संसाधन, उपकरणों एवं फर्नीचर की उपलब्धता की स्थिति से भी अवगत कराया. हाइट्स (HITES) के मुख्य अभियंता के.सी. वर्मा ने जानकारी दी कि केंद्र 30 जून तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा.


नेशनल सेंटर ऑफ़ एजिंग का विकास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय वरिष्ठ जन स्वास्थ्य योजना (NPHCE) के अंतर्गत किया जा रहा है. यह वृद्धजनों के लिए समर्पित एक स्वतंत्र बहुविषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) संस्थान है, जो न केवल समग्र स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगा, बल्कि विभिन्न चिकित्सा विषयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण का केंद्र भी होगा. केंद्र में जेरियाट्रिक मेडिसिन, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, सर्जरी सहित अनेक विभाग अपनी सेवाएँ प्रदान करेंगे.


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120 सामान्य वार्ड बेडों के अतिरिक्त, केंद्र में 38 क्रिटिकल केयर बेड, डे-केयर यूनिट, डायलिसिस यूनिट, प्री एवं पोस्ट-ऑपरेटिव कक्ष, फिजियोथेरेपी यूनिट, स्लीप लैब, निजी कक्ष, रेडियो-डायग्नोस्टिक सुविधाएँ तथा मल्टीस्पेशियलिटी ओपीडी सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे वृद्ध रोगियों को एक ही छत के नीचे व्यापक एवं समन्वित चिकित्सा सेवाएँ प्राप्त हो सकेंगी. इस दौरान प्रो. अनुप सिंह ने मुख्यमंत्री से बीएचयू के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग स्थापित करने का अनुरोध किया. मुख्यमंत्री ने इस सुझाव का सकारात्मक स्वागत किया तथा राज्य में वृद्धजनों की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया.


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यह दौरा राष्ट्रीय वृद्धावस्था केंद्र के शीघ्र संचालन के प्रति राज्य सरकार एवं बीएचयू की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह केंद्र भविष्य में वृद्धजनों की स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित होगा.

जीएसटी की डिप्‍टी कमिश्‍नर 50 हजार रश्वित लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, महिला दरोगा से उलझी...
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वाराणसी : फाइल निस्‍तारण के लिए 50 हजार रुपये रिश्‍वत लेते विजिलेंस टीम ने जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर (उपायुक्त) अंबिका सिंह को बुधवार शाम चेतगंज स्थित एक रेस्टोरेंट के पास रंगेहाथ गिरफ्तार किया. इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है. आरोप है कि उन्होंने एक उद्यमी की जीएसटी संबंधी फाइल पास करने के एवज में रिश्वत मांगी थी. गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने अंबिका सिंह से कोतवाली स्थित महिला थाने में पूछताछ की. इस दौरान चेतगंज में गिरफ्तारी के समय वह विजिलेंस की महिला दरोगा से उलझने के साथ राहगीरों से बचाने की गुहार लगाती रहीं लेकिन पुलिसकर्मियों की सख्ती के बाद शांत हो गईं. अंबिका सिंह फतेहपुर जिले के धाता थाना क्षेत्र की निवासी हैं.उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, वाराणसी सेक्टर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भेलूपुर थाना क्षेत्र के बजरडीहा लखरांव निवासी तथा ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अजय कुमार मौर्य ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार, उनकी कंपनी के फरवरी 2023 के रिटर्न और राज्य जीएसटी के आकलन से संबंधित फाइल के निस्तारण के लिए सेक्टर-6 की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं. शिकायतकर्ता का आरोप था कि फाइल सही होने के बावजूद उसमें अनावश्यक खामियां निकाली जा रही थीं.ALSO READ:जनजातीय शिक्षा को नई दिशा, जनजातीय कार्य मंत्रालय और सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के बीच एमओयू...शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने गोपनीय जांच कराई. जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया. बुधवार शाम चेतगंज स्थित दादा रेस्टोरेंट के पास जैसे ही अंबिका सिंह ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये वाला लिफाफा लिया, पहले से मौजूद महिला पुलिसकर्मियों और विजिलेंस टीम ने उन्हें पकड़ लिया.गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने शोर मचाया और महिला पुलिसकर्मियों से उलझने का भी प्रयास किया. उनके खिलाफ विजिलेंस थाना, वाराणसी सेक्टर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
जनजातीय शिक्षा को नई दिशा, जनजातीय कार्य मंत्रालय और सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के बीच एमओयू...
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वाराणसी : जनजातीय समाज की शिक्षा, संस्कृति और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार और सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. नई दिल्ली स्थित जनजातीय कार्य मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में यह समझौता मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुआ.इस एमओयू के तहत विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों के अनुरूप जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम तैयार करेगा. इन पाठ्यक्रमों में जनजातीय संस्कृति, मातृभाषा, पारंपरिक ज्ञान, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख शिक्षा का समावेश किया जाएगा, ताकि जनजातीय युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ उनकी सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत हो सके.कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि यह समझौता जनजातीय समाज के उज्ज्वल भविष्य और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप यह पहल स्थानीय संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देगी.उन्होंने विश्वास जताया कि इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रबोध की भावना विकसित होगी तथा वे देश के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे.ALSO READ:रेलवे कर्मचारी ने रची लूट की फर्जी कहानी, कर्ज से बचने के लिए किया था षड्यंत्र...इस अवसर पर मंत्रालय के संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडेय, निदेशक दीपाली मसीर्कर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे. यह पहल जनजातीय समुदायों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर और सांस्कृतिक सम्मान प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
रेलवे कर्मचारी ने रची लूट की फर्जी कहानी, कर्ज से बचने के लिए किया था षड्यंत्र...
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वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र में ₹2.10 लाख की लूट की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. हालांकि पुलिस की त्वरित जांच और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में मामला पूरी तरह फर्जी निकला. पूछताछ में रेलवे कर्मचारी ने खुद स्वीकार किया कि उसने कर्जदाताओं से बचने के लिए लूट की झूठी कहानी रची थी.पुलिस के अनुसार, सिवान (बिहार) निवासी अमित कुमार श्रीवास्तव, जो रेलवे विभाग में कार्यरत हैं और वर्तमान में चंदवा, चित्तूपुर (थाना सिगरा) में किराये के मकान में रहते हैं, ने सूचना दी कि वह 15 जुलाई को अपने आवास से ₹2.10 लाख लेकर बुलेट मोटरसाइकिल से महमूरगंज स्थित बैंक में जमा करने जा रहे थे. इसी दौरान लोको कॉलोनी के पास प्लैटिना बाइक सवार तीन बदमाशों ने चाकू मारकर रुपये लूट लिए.सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक सिगरा, थाना पुलिस और एसओजी टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास के कैमरों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा परिजनों से पूछताछ की. जांच में शिकायतकर्ता के बयान और सीसीटीवी फुटेज में कई विरोधाभास सामने आए.ALSO READ:प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटनकड़ाई से पूछताछ करने पर अमित कुमार श्रीवास्तव ने स्वीकार किया कि उन्होंने कई लोगों से कर्ज लिया था. कर्जदाताओं के दबाव से बचने और उन्हें यह विश्वास दिलाने के लिए कि उनके रुपये लूट लिए गए हैं, उन्होंने लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी ताकि कोई उनसे पैसे की मांग न करे.पुलिस की सतर्कता और त्वरित जांच के चलते कुछ ही समय में फर्जी लूट की साजिश का खुलासा हो गया. पुलिस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है.