सीएम योगी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर आक्रोश, आरोपी युवक गिरफ्तार

Anger over objectionable comment against CM Yogi, accused youth arrested
वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और अभद्र भाषा का प्रयोग करने का मामला सामने आया है. इस मामले में रामनगर थाने की पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान रामपुर वार्ड निवासी सौरभ त्रिपाठी के रूप में हुई है. इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर यह पूरा मामला सामने आया जिसने स्थानीय स्तर से लेकर प्रशासनिक हलकों तक हलचल पैदा कर दी.

सौरभ त्रिपाठी ने सीएम को लेकर अभद्र भाषा का किया इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत रामनगर के पंचवटी चौराहे के पास हुई जहां सौरभ त्रिपाठी का एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया. इस वीडियो में वह कथित रूप से मुख्यमंत्री के खिलाफ अशोभनीय और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहा था. स्थानीय लोगों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया. देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया और लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
मामला तब और गंभीर हो गया जब इस संबंध में पुलिस प्रशासन को लगातार शिकायतें मिलने लगीं. वाराणसी के पुलिस कमिश्नर तक भी सोशल मीडिया के माध्यम से यह मामला पहुंचा. इसी क्रम में मंगल सिंह नामक व्यक्ति ने रामनगर थाने में लिखित तहरीर देकर पूरे घटनाक्रम का विस्तार से उल्लेख किया और सख्त कार्रवाई की मांग की. शिकायतकर्ता मंगल सिंह ने अपने बयान में बताया कि वह लंबे समय से सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं. घटना के दिन वह पंचवटी चौराहे पर मौजूद थे जहां उन्होंने सौरभ त्रिपाठी को कथित रूप से नशे की हालत में मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए देखा. उनके अनुसार जब उन्होंने उसे समझाने का प्रयास किया तो सौरभ त्रिपाठी ने उल्टा उनके साथ गाली गलौज शुरू कर दी और धक्का मुक्की करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी.

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स्थिति को बिगड़ता देख मंगल सिंह ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया जो बाद में इस मामले का प्रमुख साक्ष्य बना. अपनी शिकायत में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस तरह की भाषा न केवल सार्वजनिक मर्यादा का उल्लंघन है बल्कि समाज में गलत संदेश भी प्रसारित करती है और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती है. उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग की. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि किसी भी प्रकार की अभद्रता विशेष रूप से सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के खिलाफ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.




