Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर CM योगी का बड़ा बयान, कहा- 'हर कोई शंकराचार्य नहीं लिख सकता'

अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर CM योगी का बड़ा बयान, कहा- 'हर कोई शंकराचार्य नहीं लिख सकता'
Feb 14, 2026, 07:38 AM
|
Posted By Preeti Kumari

प्रयागराज माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच कुछ दिनों पहले काफी विवाद देखने को मिला. जिसमें संत ने अफसरों पर आरोप लगाते हुए ये कहा था कि उन्हें योगी के अफसरों ने स्नान नहीं करने दिया है. बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने इस मुद्दे का जिक्र किया. जिसे देखते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि, मौनी अमावस्या के दिन 4.50 करोड़ श्रद्धालु थे. एग्जिट गेट से किसी को एंट्री की इजाजत नहीं दी जा सकती थी, इससे भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती थी, यह श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ होता, कोई भी मर्यादित व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता, सबके लिए एक व्यवस्था बनाई गई थी जो सबके लिए बराबर होता है. क्या हर कोई सीएम का बोर्ड लगाकर घूम सकता है?


fghj


"शंकराचार्य का पद सनातन में पवित्र होता है"


सीएम योगी ने कहा कि, कोई भी मंत्री या सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का बोर्ड लगाकर घूम सकता है? शंकराचार्य का पद सनातन में पवित्र होता है. यह भी परपरा और नियमों से संचालित होता है, हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता, हर व्यक्ति आचार्य के रूप में जहां-तहां वातावरण खराब नहीं कर सकता है. इसलिए हर पद की अपनी एक गरिमा होती है. यहां तक की खुद सदन भी नियमों और परंपराओं से चलता है, इसलिए कानून हर किसी के लिए सामान है. “मुख्यमंत्री का पद भी कानून से ऊपर नहीं है, हम सभी संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े हैं और उसका पालन करना जानते भी हैं और करवाना भी जानते हैं.” इस मुद्दे को जानबूझकर विवादित मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है.


h


"सीएम के लिए भी कोई अलग कानून नहीं"


अपने बयानों में सीएम योगी ने यह तक कहा कि, सीएम के लिए भी कोई अलग कानून नहीं है, अगर मैं अपराध करूंगा तो उसी कानून से मैं भी देखा जाऊगा, जिस कानून से एक आम जनता भी चलती है. हम कानून के शासन का पालन करते है और पालन भी करवाना जानते है. विपक्ष पर कटाक्ष कर कहा कि अगर सपा उन्हें अपना शंकराचार्य मानते है तो उन पर लाठीचार्ज क्यों करवाया? एफआईआर क्यों करवाई? आपको पूजना है तो पूजा करिए, लेकिन इसके नाम पर लोगों को गुमराह करना बंद करिए, तो ही आपके लिए बेहतर होगा, नहीं इसका अंजाम बहुत ही बुरा होगा. समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाते हुए सीएम योगी ने कहा कि, इस पार्टी ने राम मंदिर अयोध्या, काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा-वृंदावन के विकास का विरोध किया है.


;p


सीएम योगी बोले-विपक्ष की खैर नहीं


ये वहीं पार्टी है जिसकी सरकार में जन्माष्टमी जैसे धार्मिक पर्वों के आयोजन पर रोक लगाई गई, कांवड़ यात्रा बाधित की गई और अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा रोकी गई. एक बात कान खोलकर सुन ले विपक्ष “सनातन आस्था को कोई भी अपनी ताकत की मदद से कैद नहीं कर सकता.” प्रदेश के पुनर्जागरण माडल में आस्था और विकास दोनों शामिल हैं, दीपोत्सव और रंगोत्सव जैसे आयोजनों से करोड़ों लोग जुड़ रहे हैं और इससे प्रदेश की जीडीपी में भी वृद्धि हुई है.

काशी यात्रा पर पहुंचे अभिनेता अखिलेंद्र, बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर देखी गंगा आरती
काशी यात्रा पर पहुंचे अभिनेता अखिलेंद्र, बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर देखी गंगा आरती
Actor Akhilendra arrived on a pilgrimage to Kashi, visited Baba Vishwanath and witnessed the Ganga Aarti.वाराणसी: बॉलीवुड एक्टर और चंद्रकांता सीरियल के क्रूर सिंह अखिलेंद्र मिश्रा काशी की आध्यात्मिक यात्रा पर पहुंचे हैं ‘चंद्रकांता’ में क्रूर सिंह के किरदार से लोकप्रिय हुए अभिनेता ने करीब 48 घंटे काशी में बिताए और इस दौरान प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन भी किए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, इस वायरल वीडियो में ये साफ देखा जा सकता है कि, वे एक छत पर खड़े हैं और गंगा आरती का आनंद उठा रहे हैं, अंत में उन्होंने हर-हर महादेव का उद्घोष भी किया है.काशी विश्वनाथ मंदिर में अभिनेता ने किए दर्शनआपको बता दें कि, अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किए. जिसके बाद करीब एक घंटे तक मंदिर परिसर में बैठकर शिव स्तुति का पाठ किया. इसके बाद उन्होंने काल भैरव मंदिर पहुंचकर बाबा काल भैरव का आशीर्वाद लिया, उनकी इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. काशी यात्रा पर आए अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि वह काशी में आध्यात्मिक शांति की तलाश में आए थे और महादेव की नगरी में आकर उन्हें अद्भुत सुकून का अनुभव हुआ. काशी यात्रा उनके लिए बेहद खास और सुकुन भरा रहा. यहां का वातावरण मन को गहराई से छूने वाला है.अभिनेता ने की काशी के बदलते स्वरूप की तारीफअभिनेता अखिलेंद्र ने काशी के बदलते स्वरूप की खूब तारीफ की औऱ कहा शहर में हाल के वर्षों में काफी सकारात्मक बदलाव हुए हैं और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं पहले की तुलना में बेहतर हो गई हैं. जैसे साफ-सफाई, जिसके चलते उन्होंने इन सभी व्यवस्थाओं और सुगम दर्शन व्यवस्था की भी प्रशंसा की. अपने अभिनय करियर को लेकर अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि, उनकी शुरुआत बचपन से ही हो गई थी, गांव में दुर्गा पूजा के दौरान होने वाले नाटकों में वह हिस्सा लिया करते थे, उन्होंने बताया कि एक बार एक नाटक में छोटे बच्चे की भूमिका के लिए उन्हें चुना गया, जो उनके लिए बेहद खुशी का पल था, उस समय गांव में बिजली नहीं थी और लालटेन की रोशनी में ही नाटक की तैयारियां होती थीं, उसी अनुभव ने उन्हें अभिनय से जोड़ा और तब से आज तक वह इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं.Also Read: जबलपुर हादसा: 'लाइफ जैकेट जरूरी नहीं, MP टूरिज्म कॉरपोरेशन अधिकारी के बयान पर छिड़ा विवादअखिलेंद्र ने बताया कि, 'एक्टिंग की शुरुआत तो बचपन से ही हो गई थी, हमारे गांव में दुर्गा पूजा के दौरान दो नाटक होते थे, एक हिंदी और दूसरा भोजपुरी में छुट्टियों के दौरान हम सभी चचरे भाई-बहन वहां इकट्ठा होते थे. एक बार एक नाटक के लिए छोटे बच्चे की जरूरत थी, जिसमें मुझे कास्ट किया गया. मेरे लिए ये पल बहुत खुशी का था, उस वक्त गांव में लाइट नहीं थी, इस कारण हम सभी रात में लालटेन की रोशनी में नाटक की तैयारी करते थे, इस नाटक को करने के बाद एक्टिंग से ऐसा जुड़ा कि आज तक इससे खुद को अलग नहीं कर पाया'.https://www.youtube.com/watch?v=cXbiN13VBxk
जबलपुर हादसा: 'लाइफ जैकेट जरूरी नहीं, MP टूरिज्म कॉरपोरेशन अधिकारी के बयान पर छिड़ा विवाद
जबलपुर हादसा: 'लाइफ जैकेट जरूरी नहीं, MP टूरिज्म कॉरपोरेशन अधिकारी के बयान पर छिड़ा विवाद
Jabalpur accident: 'Life jackets are not necessary,' MP Tourism Corporation official's statement sparks controversyJabalpur Accident: नर्मदा में बीते गुरुवार की शाम लहरें उठीं कि खुशियों से भरा एक सफर मातम में बदल गया. जबलपुर के बरगी डैम में डूबे क्रूज से निकली एक तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया. एक मां जो मौत के बाद भी अपने चार साल के बेटे को सीने से चिपकाए हुए थी. जिंदगी की आखिरी सांस तक मां ने लाल को बचाने की कोशिश की. वह सीन जिसने भी देखा, उसका दिल रो पड़ा. गुरुवार देर रात बरगी डैम का वह इलाका किसी युद्धस्थल जैसा नजर आ रहा था वहां सैकड़ों सरकारी गाड़ियां, पुलिस बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना के जवान और चारों ओर लगी फ्लडलाइट्स थीं. रोशनी बहुत थी, लेकिन चेहरों पर अंधेरा पसरा हुआ था. नर्मदा के बीचोंबीच वह क्रूज आधा डूबा हुआ दिखाई दे रहा था. कुछ घंटे पहले तक जहां संगीत गूंज रहा था, वहां अब सिर्फ लहरों की आवाज थी. हर किसी की निगाहें पानी पर टिकी थीं. मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह लगातार फोन पर अपडेट ले रहे थे. मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद पल-पल की जानकारी ले रहे थे. लेकिन उस रात किसी के पास कोई जवाब नहीं था.जबलपुर हादसे पर विवादजबलपुर के बरगी बांध पर क्रूज बोट हादसे के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (MPT) ने शनिवार को एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. एमपीटी ने दावा किया कि जलाशय में चलने वाली नावों पर सवार यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था. सुरक्षा में चूक को लेकर बढ़ते सवालों के बीच जल क्रीड़ा गतिविधियों के सलाहकार रिटायर्ड नौसेना कमांडर राजेंद्र निगम ने दावा किया कि बरगी बांध क्रूज के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों में पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद थे.Also Read: वाराणसी में जबलपुर क्रूज हादसे को लेकर अलर्ट, गंगा में किए जा रहे सुरक्षा उपाय"लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था"बात करें सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर निगम ने जवाब दिया, "क्रूज की सवारी (बरगी बांध पर) का आनंद लेने के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था, क्रूज पर पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध थे, " यह दावा मुख्यमंत्री मोहन यादव के उस आदेश के ठीक एक दिन बाद किया गया, जिसमें उन्होंने क्रूज बोट पलटने की घटना की उच्च-स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे, इस घटना में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि चार अन्य यात्री अभी भी लापता हैं. 100 सीटों वाली यह बोट मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद रवाना हुई थी और 30 अप्रैल को पलट गई, इस घटना ने अपने पीछे बेजान शरीर, शोक संतप्त परिजन और कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ दिए हैं.https://www.youtube.com/watch?v=cXbiN13VBxk
वाराणसी में फिर बदलेगा मौसम, आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश की संभावना
वाराणसी में फिर बदलेगा मौसम, आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश की संभावना
Weather will change again in Varanasi, there is a possibility of heavy rain along with storm.मौसम का मिजाज काफी दिनों से बदलता नजर आ रहा है, इसका असर देश से लेकर यूपी भर में देखने को मिल रहा है. चार दिनों पहले तूफान के साथ आई वर्षा और फिर दूसरे दिन हल्की फुहारों से दो दिनों से मौसम सुहाना और शुष्क चल रहे मौसम में सोमवार से फिर परिवर्तन आ सकता है. एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण सोमवार की दोपहर बाद फिर बादल आ सकते हैं और मौसम तूफानी रूप ले सकता है.यह परिस्थिति मंगलवार तक बनी रह सकती है, एक बार फिर तूफानी हवा, आंधी, वर्षा आदि के कारण आगामी सप्ताह भी इन दिनों की तरह गर्मी से राहत भरा सिद्ध हो सकता है, अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है, मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि इस बार मई माह में लू से तपन के दिनों की संख्या सामान्य रह सकती है.सोमवार को आंधी-तूफान और वर्षा होने की संभावनावाराणसी में एक बार से सोमवार को आंधी-तूफान और वर्षा होने की संभावना है, जिससे तापमान में 6-8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मई के शुरुआती दिनों में लू चलने की उम्मीद नहीं है और पूर्वी यूपी में लू के दिन सामान्य रहेंगे. शनिवार को भी आसमान प्राय: साफ रहा, सुबह से धूप खिली रही, फिर भी वातावरण में व्याप्त 78 प्रतिशत आर्र्द्रता के चलते तापमान में मज 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह सामान्य से 4.7 डिग्री सेल्सियस नीचे 35.2 डिग्री सेल्सियस रहा, न्यूनतम तापमान में भी महज 0.8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने से यह भी सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस नीचे 23 डिग्री सेल्सियस रहा, इसी तरह बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे 34.6 रहा तो न्यूनतम तापमान मं 0.7 डिग्री सेल्सियस की कमी आई और यह सामान्य से 3.4 डिग्री सेल्सियस नीचे 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा.गरज-चमक के साथ तापमान में गिरावट भारतीय मौसम विज्ञान के लखनऊ स्थित आंचलिक कार्यालय के डा. अतुल कुमार सिंह ने बताया सोमवार को गरज-चमक के साथ आने वाले बादल व तूफानी हवा से वर्षा के चलते अधिकतम तापमान एक बार फिर सामान्य से 6-8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ सकता है, इससे मई के आरंभिक 10 दिनों के दौरान लू चलने की संभावना नहीं है.Also Read: संपूर्ण समाधान दिवस : राजातालाब तहसील में डीएम ने सुनी समस्‍याएं, 246 शिकायतों में 10 का निस्तारणबीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मई माह में प्रदेश के उत्तरी तराई क्षेत्रों में लू के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहेगी जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू से तपन के दिनों की संख्या सामान्य ही रहने की संभावना है. जबकि प्रदेश के पूर्वी, मध्यवर्ती, तराई एवं दक्षिणी भाग में औसत मासिक न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है. गर्मी के इस बार रिकार्ड तोड़ने जैसी कोई संभावना नहीं नजर आती है, इस बार अधिकतम तापमान अब तक सर्वाधिक तापमान को पार नहीं करेगा.