सीएनजी पंप यार्ड अग्निकांड : दिल्ली से आई टीम ने की जांच, 10 करोड़ की क्षति का अनुमान...

वाराणसी : फूलपुर थाना क्षेत्र के करखियांव स्थित सीएनजी पंप के यार्ड में हुए भीषण अग्निकांड की जांच के लिए गेल इंडिया लिमिटेड की नई दिल्ली से पांच सदस्यीय टीम वाराणसी पहुंच गई है. टीम ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण कर आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच शुरू की. प्रारंभिक जांच में गेल के स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के संकेत मिलने की बात सामने आ रही है. जांच टीम ने विशेष रूप से सीएनजी पंप यार्ड के समीप प्लास्टिक पाइप के गोदाम को अनुमति दिए जाने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे बिंदुओं पर फोकस किया है.
टीम ने पंप संचालन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए. साथ ही गोदाम संचालन की अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है. सूत्रों के अनुसार सोमवार को नई दिल्ली से आए वरिष्ठ अधिकारी स्थानीय प्रबंधन के साथ बैठक करेंगे. बैठक में आग से हुई क्षति, सुरक्षा व्यवस्था, जिम्मेदारियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम को लेकर विस्तार से चर्चा होगी. नई दिल्ली कॉर्पोरेट कार्यालय ने स्थानीय अधिकारियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है.
गौरतलब है कि शुक्रवार की रात करखियांव एग्रो पार्क स्थित सीएनजी पंप के यार्ड में भीषण आग लग गई थी. बताया गया कि यार्ड के पीछे स्थित प्लास्टिक पाइप के गोदाम में शॉर्ट सर्किट होने से आग भड़की, जिसने देखते ही देखते पूरे यार्ड को अपनी चपेट में ले लिया. सीएनजी पंप से महज 50 मीटर की दूरी पर लगी आग ने आसपास के उद्योगों और राहगीरों में दहशत फैला दी थी.
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घटना की सूचना पर वाराणसी और जौनपुर से दमकल विभाग की 11 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. हादसे में बिजली निगम के चार खंभे और तार जलकर नष्ट हो गए, जिससे विभाग को एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ. वहीं गेल को करीब 10 करोड़ रुपये की क्षति होने का अनुमान लगाया गया है.



