वाराणसी में मांस-मछली की दुकानों को शहर से बाहर करने के विरोध में प्रदर्शन, साैंपा ज्ञापन...

वाराणसी : नगर निगम द्वारा शहर में संचालित मांस, मछली और पोल्ट्री की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है. वहीं दुकानदारों के समर्थन में लोग उतर आए हैं. इस मुद्दे को लेकर व्यापारियों और संबंधित पक्षों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि यह फैसला हजारों परिवारों की आजीविका और आम लोगों की सुविधा से जुड़ा हुआ है. ज्ञापन में कहा गया है कि शहर में मांस और मछली का कारोबार करने वाले अधिकांश लोग मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं और कई परिवार पीढ़ियों से इसी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं.
दुकानों को शहर से 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किए जाने की स्थिति में उनका कारोबार प्रभावित होगा और बड़ी संख्या में लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है. व्यापारियों का कहना है कि शहर से दूर दुकानें शिफ्ट होने पर फुटकर ग्राहक वहां तक नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे कारोबार लगभग ठप होने की स्थिति पैदा हो सकती है. उन्होंने इसे रोजगार और व्यापार करने के अधिकार से जुड़ा मामला बताया है. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नागरिकों को अपनी पसंद का भोजन चुनने की स्वतंत्रता है. यदि शहर के भीतर मांस और मछली की उपलब्धता पूरी तरह समाप्त कर दी जाती है तो आम उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ेगा और उनके विकल्प सीमित हो जाएंगे. ज्ञापन देने वालों ने आरोप लगाया कि इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले न तो दुकानदारों से चर्चा की गई और न ही प्रभावित पक्षों की राय ली गई. उनका कहना है कि इतने बड़े फैसले से पहले सभी पक्षों के साथ बैठक और संवाद होना चाहिए था.
होटल, रेस्टोरेंट और ऑनलाइन बिक्री पर भी सवाल
ज्ञापन में यह सवाल भी उठाया गया कि यदि खुले में बिक्री को लेकर आपत्ति है, तो शहर में होटल, रेस्टोरेंट, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों से मांस-मछली की बिक्री कैसे जारी रहेगी. व्यापारियों ने इसे विरोधाभासी स्थिति बताया है. व्यापारियों ने सुझाव दिया कि स्वच्छता और शहर की सुंदरता बनाए रखने के लिए दुकानों को शहर से बाहर भेजने के बजाय आधुनिक और बंद व्यवस्था वाली दुकानें विकसित की जा सकती हैं. उन्होंने रंगीन या काले शीशों, रेफ्रिजरेशन सिस्टम और बेहतर कचरा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं लागू करने की मांग की.
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प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं, पहला- शहर से बाहर पूरी तरह शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाई जाए और दूसरा स्वच्छता और शहर की सुंदरता के लिए जरूरी नियम लागू किए जाएं और उनका पालन सुनिश्चित कराया जाए.



