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वाराणसी में मांस-मछली की दुकानों को शहर से बाहर करने के विरोध में प्रदर्शन, साैंपा ज्ञापन...

वाराणसी में मांस-मछली की दुकानों को शहर से बाहर करने के विरोध में प्रदर्शन, साैंपा ज्ञापन...
Jun 22, 2026, 09:50 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : नगर निगम द्वारा शहर में संचालित मांस, मछली और पोल्ट्री की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है. वहीं दुकानदारों के समर्थन में लोग उतर आए हैं. इस मुद्दे को लेकर व्यापारियों और संबंधित पक्षों ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि यह फैसला हजारों परिवारों की आजीविका और आम लोगों की सुविधा से जुड़ा हुआ है. ज्ञापन में कहा गया है कि शहर में मांस और मछली का कारोबार करने वाले अधिकांश लोग मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं और कई परिवार पीढ़ियों से इसी व्यवसाय से जुड़े हुए हैं.


दुकानों को शहर से 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किए जाने की स्थिति में उनका कारोबार प्रभावित होगा और बड़ी संख्या में लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है. व्यापारियों का कहना है कि शहर से दूर दुकानें शिफ्ट होने पर फुटकर ग्राहक वहां तक नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे कारोबार लगभग ठप होने की स्थिति पैदा हो सकती है. उन्होंने इसे रोजगार और व्यापार करने के अधिकार से जुड़ा मामला बताया है. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नागरिकों को अपनी पसंद का भोजन चुनने की स्वतंत्रता है. यदि शहर के भीतर मांस और मछली की उपलब्धता पूरी तरह समाप्त कर दी जाती है तो आम उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ेगा और उनके विकल्प सीमित हो जाएंगे. ज्ञापन देने वालों ने आरोप लगाया कि इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले न तो दुकानदारों से चर्चा की गई और न ही प्रभावित पक्षों की राय ली गई. उनका कहना है कि इतने बड़े फैसले से पहले सभी पक्षों के साथ बैठक और संवाद होना चाहिए था.


होटल, रेस्टोरेंट और ऑनलाइन बिक्री पर भी सवाल


ज्ञापन में यह सवाल भी उठाया गया कि यदि खुले में बिक्री को लेकर आपत्ति है, तो शहर में होटल, रेस्टोरेंट, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों से मांस-मछली की बिक्री कैसे जारी रहेगी. व्यापारियों ने इसे विरोधाभासी स्थिति बताया है. व्यापारियों ने सुझाव दिया कि स्वच्छता और शहर की सुंदरता बनाए रखने के लिए दुकानों को शहर से बाहर भेजने के बजाय आधुनिक और बंद व्यवस्था वाली दुकानें विकसित की जा सकती हैं. उन्होंने रंगीन या काले शीशों, रेफ्रिजरेशन सिस्टम और बेहतर कचरा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं लागू करने की मांग की.


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प्रमुख मांगें


ज्ञापन के माध्यम से दो प्रमुख मांगें रखी गई हैं, पहला- शहर से बाहर पूरी तरह शिफ्ट करने के प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाई जाए और दूसरा स्वच्छता और शहर की सुंदरता के लिए जरूरी नियम लागू किए जाएं और उनका पालन सुनिश्चित कराया जाए.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.