ज्ञानवापी विवाद में सुलह वार्ता बेनतीजा, दोनों पक्ष बोले— फैसला अदालत से ही स्वीकार होगा

वाराणसी: सुप्रीम कोर्ट की पहल पर ज्ञानवापी प्रकरण को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित करने के उद्देश्य से मंगलवार को वाराणसी के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में दोनों पक्षों की बैठक हुई. इसमें हिंदू और मुस्लिम पक्ष के वकीलों के साथ पक्षकार भी मौजूद रहे. दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के बाद भी किसी प्रकार की सहमति नहीं बन सकी और वार्ता बेनतीजा रही.
बैठक के बाद दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि ज्ञानवापी विवाद का अंतिम समाधान न्यायालय के निर्णय से ही संभव है. हिंदू पक्ष के वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें न्यायालय की प्रक्रिया और निर्णय पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर अदालत जो भी फैसला सुनाएगी वह सभी के लिए मान्य होगा.
वहीं मुस्लिम पक्ष के वकील रईस अहमद ने कहा कि आज की बैठक में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका. उनका कहना था कि इस विवाद का समाधान केवल न्यायालय के निर्णय से ही संभव है और उनका पक्ष अदालत में कानूनी रूप से अपनी बात रखता रहेगा.
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बैठक के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा तथा पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी गई. अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की निगाहें न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं. ज्ञानवपी को लेकर 22 मुकदमे कचहरी में लंबित हैं. इनमें से दो प्रमुख मुकदमों को सुलह-समझौते से हल करने का निर्देशुप्रीम कोर्ट ने दिया था. मुस्लिम पक्ष ने मध्यस्तता में शामिल नहीं होने का एलान किया था. वहीं हिंदू पक्ष भी मामले का हल अदालत के जरिए ही निकालना चाहता है. ज्ञानवापी को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे करते हैं. हिंदू पक्ष इसे मंदिर बताता है और मुस्लिम पक्ष मस्जिद कहता है. किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अदालत के आदेश पर एएसआई सर्वे की कार्रवाई भी हो चुकी है.



