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सेक्‍स रैकेट मामले में शालिनी यादव के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, निष्‍पक्ष जांच की मांग

सेक्‍स रैकेट मामले में शालिनी यादव के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, निष्‍पक्ष जांच की मांग
Dec 05, 2025, 10:46 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - बीजेपी नेत्री शालिनी यादव द्वारा कांग्रेस नेताओं पर लगाए गए आरोपों के जवाब में जिला और महानगर महिला कांग्रेस ने पलटवार किया. मैदागिन स्थित कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में महिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शालिनी यादव यादव द्वारा जो आरोप राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत्र और महानगर के कांग्रेस नेताओं पर लगाई हैं, वह बेबुनियाद हैं. पूछा कि यदि आपका मालिकाना हक़ उस फ्लैट से नहीं है तो, वह स्पष्ट करें कि उसका अरुण यादव से क्या रिश्ता है? प्रेसवार्ता की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस अनुराधा यादव तथा महानगर अध्यक्ष महिला कांग्रेस पूनम विश्वकर्मा ने की.


महिला कांग्रेस का बयान


जिलाध्यक्ष अनुराधा यादव और महानगर अध्यक्ष पूनम विश्वकर्मा ने कहा कि शालिनी यादव का आरोप कांग्रेस नेताओं पर ध्यान भटकाने की कोशिश है. उन्होंने सवाल उठाया—


फ्लैट अरुण यादव के नाम पर है, लेकिन संचालन कौन करता था.

जब एक अख़बार का ऑफिस उसी फ्लैट में चल रहा था, तब सारी गतिविधियों की जानकारी किसके पास थी.

आठ महीने तक सेक्स रैकेट चलने के बावजूद फ्लैट मालिक को कोई जानकारी क्यों नहीं थी.

फर्जी एग्रीमेंट बनाकर सच छिपाया नहीं जा सकता.

महिला कांग्रेस ने कहा कि सीधे आरोप लगाने के बजाय शालिनी यादव को पहले अपने फ्लैट की स्वामित्व और उपयोगिता स्पष्ट करनी चाहिए.


महिला कांग्रेस की मांगें


1. पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो.

2. फ्लैट की स्वामित्व और उपयोगिता की जाँच की जाए.

3. वास्तविक जिम्मेदार व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाए.


महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी कि पूर्व में सेक्स रैकेट के मामलों में फ्लैट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी और उसी आधार पर इस प्रकरण में भी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के अनैतिक कार्य दोबारा न हों. महिला कांग्रेस ने कहा कि शालिनी यादव का बयान पूरी तरह से संपादित और ध्यान भटकाने वाला प्रयास है.


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काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR
का किया भ्रमण
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वाराणसी: त्रिपुरा के पत्रकारों का एक दल, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) अगरतला की पहल पर वाराणसी भ्रमण के दौरान आज भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) पहुँचा और संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार से संवाद किया. पत्रकारों के इस दल का नेतृत्व श्री कृपाशंकर यादव, अतिरिक्त महानिदेशक, पीआईबी (उत्तर-पूर्व) ने किया. इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार ने उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र, विशेषकर त्रिपुरा में सब्जी क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला.उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि और रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और विविध कृषि परिस्थितियाँ विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं. उन्नत किस्मों, जलवायु-सहिष्णु तकनीकों तथा बेहतर उत्पादन प्रबंधन को अपनाकर क्षेत्र में सब्जी उत्पादन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है.यह भी पढ़ें: IIT और BHU में टेक्नेक्स, 20 हजार से लाखों तक के इनामनिदेशक ने यह भी बताया कि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए उपयुक्त सब्जी किस्मों के विकास, उत्पादन तकनीकों के प्रसार तथा किसानों एवं हितधारकों के क्षमता निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान त्रिपुरा सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. एनइएच क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियों को संस्थान की ओर से संचालित किए जाने के प्रभारी डॉ राकेश कुमार दुबे ने पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानोपयोगी गतिविधियों की जानकारी प्रदान की.इस दौरान पत्रकारों ने बड़ी उत्सुकता के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों से संवाद किया तथा त्रिपुरा में सब्जी उत्पादन की वर्तमान स्थिति, किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा इस क्षेत्र के विकास में आईआईवीआर की भूमिका से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे. अपने भ्रमण के दौरान पत्रकारों के दल ने संस्थान की विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं का भी अवलोकन किया, जिनमें अनुसंधान फार्म, हाई-टेक नर्सरी तथा ब्रिमेटो/पोमेटो की प्रायोगिक फसलें शामिल थीं. इन नवाचारों में पत्रकारों ने विशेष रुचि दिखाई और वैज्ञानिकों से इनके संभावित उपयोग एवं भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष डॉ ए एन सिंह, डॉ अनंत बहादुर, पीएमई के अध्यक्ष डॉ एस के सिंह एवं अन्य वैज्ञानिक उपस्थित रहे.