Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला
Mar 10, 2026, 01:17 PM
|
Posted By Preeti Kumari

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तेल की सप्लाई रोकने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान होरमुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश या फिर किसी भी तरह की साजिश की तो उसे बख्शा नहीं बल्कि उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ये कार्रवाई अब तक की हुए हमलों से भी कई गुना खतरनाक होगी, जिसका अंदाजा भी ईरान नहीं लगा सकता है. अगर मेरी इन बातों का जरा भी अनसुना कर ईरान ने कुछ भी कदम उठाया तो उसकी खैर नहीं, क्योंकि कुछ भी हो जाए होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकनी नहीं चाहिए. फिलहाल, मैं दुआ करता हूं, कि ईरान मुझे ऐसा करने पर मजबूर ना करें.


khfd


ट्रंप ने कहा- तबाही का कहर बरपेगा


वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर जारी पोस्ट में कहा, "अगर होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकी तो हम ऐसे ठिकानों को आसानी से तबाह कर देंगे कि ईरान के लिए एक देश के तौर पर दोबारा खड़ा होना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. उन पर मौत, आग और तबाही का कहर बरपेगा. लेकिन मुझे उम्मीद है और मैं दुआ करता हूं, कि ऐसा न हो!”


uyred


यह भी पढ़ें: काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमण


इसी के आगे उन्होंने इस चेतावनी को इंटरनेशनल कॉमर्स को बचाने के कदम के तौर पर बताया, खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि ऐसी स्टेबिलिटी बीजिंग समेत बड़ी ग्लोबल इकॉनमी के हितों को कैसे पूरा करेगी. "यह यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका की तरफ से चीन और उन सभी देशों को एक तोहफा है जो होर्मुज स्ट्रेट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. उम्मीद है, यह एक ऐसा इशारा है जिसकी बहुत तारीफ की जाएगी."


re


लड़ाई खत्म होने का दावा


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ छिड़ी जंग को लेकर कहा कि, ईरान के साथ चल रही ये "लड़ाई पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और तेहरान की डिफेंसिव और अटैकिंग क्षमताएँ पूरी तरह से खत्म हो गई हैं. इसकी वजह ये है कि ईरान की ताकत अब अमेरिका से लड़ने के लिए पूरी खत्म हो चुकी है, इतना ही नहीं, अमेरिका का सामना करने के लिए अब उसके पास कोई नेवी नहीं बची है, यहां तक की उसके पास कोई कम्युनिकेशन नहीं है, उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है. इसका मतलब साफ है कि अमेरिका ने ईरान को अब मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसे कंगाल बना दिया है, ताकि वो दुबारा से अमेरिका और कई देशों का सामना करने से पहले दस बार अपनी गरीबी के बारे में सोचेगा.

​हाउस टैक्स पर छूट की मियाद का आखिरी दिन, 1.48 लाख करदाता अब तक वंचित...
​हाउस टैक्स पर छूट की मियाद का आखिरी दिन, 1.48 लाख करदाता अब तक वंचित...
​वाराणसी : नगर निगम द्वारा सम्पत्ति कर (गृहकर, जलकर और सीवरकर) के भुगतान पर दी जा रही छूट की मियाद 31 जुलाई को समाप्त हो रही है. अब तक शहर के कुल 84,386 भवन स्वामी (नकद, चेक एवं ऑनलाइन माध्यमों से) 69.30 करोड़ रुपये का संपत्ति कर जमा कर चुके हैं. इसमें 37,151 भवन स्वामियों ने ऑनलाइन माध्यम से 35 करोड़ रुपये टैक्स जमा किया है.नगरीय सीमा में करीब 2.33 लाख भवन गृहकर के दायरे में हैं. वहीं करीब 1.48 लाख भवन स्वामियों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है, उनके लिए 12 प्रतिशत तक की छूट पाने का महज एक दिन का मौका शेष बचा है.31 जुलाई की समय-सीमा बीतने के बाद टैक्स जमा करने पर पूरा टैक्स देना होगा. ​​नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष (2026-27) में सात मई से टैक्स जमा करने पर मुख्य रूप से 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. इसके साथ ही, डिजिटल इंडिया अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऑनलाइन माध्यमों से भुगतान करने वाले नागरिकों को दो प्रतिशत की अतिरिक्त रियायत दी जा रही है. इस प्रकार, ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर कुल 12 प्रतिशत की छूट प्राप्त हो रही है.ALSO READ : थाना सिगरा में 75 लावारिस वाहनों की नीलामी, 11.01 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली...उन्होंने बताया कि भवन स्वामी अपने मोबाइल के माध्यम बेहद सरल और सुरक्षित तरीके से घर बैठे टैक्स जमा कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें निगम के आधिकारिक वाट्सएप चैटबॉट नंबर 86018 72601 पर सिर्फ हाय (Hi) लिखकर भेजना होगा. मैसेज भेजते ही करदाता को डिजिटल बिल प्राप्त हो जाएगा, जहाँ से वे सीधे ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं.
थाना सिगरा में 75 लावारिस वाहनों की नीलामी, 11.01 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली...
थाना सिगरा में 75 लावारिस वाहनों की नीलामी, 11.01 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली...
वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी के "ऑपरेशन क्लीन" अभियान के तहत थाना सिगरा परिसर में गुरुवार को 75 लावारिस वाहनों की खुली नीलामी की गई. नीलामी में सर्वाधिक 11 लाख 1 हजार रुपये की बोली लगने पर वाराणसी के कादीपुर क्षेत्र निवासी मुन्नू गुप्ता को विजेता घोषित किया गया.पुलिस आयुक्त के निर्देश पर थानों में लंबे समय से खड़े लावारिस वाहनों के निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन में गठित समिति ने वाहनों का मूल्यांकन कराने, संबंधित वाहन स्वामियों को नोटिस भेजने तथा सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नीलामी की प्रक्रिया संपन्न कराई.थाना सिगरा परिसर में आयोजित खुली बोली में कुल 26 ठेकेदारों (कबाड़ियों) ने भाग लिया. इनमें मुन्नू गुप्ता द्वारा सबसे अधिक 11 01 लाख रुपये की बोली लगाए जाने पर उन्हें नीलामी का विजेता घोषित किया गया। अन्य प्रतिभागियों की एक-एक लाख रुपये की जमानत राशि वापस कर दी गई। विजेता को निर्धारित राशि एवं जीएसटी जमा करने के बाद वाहनों का कब्जा लेने के निर्देश दिए गए.ALSO READ : बीएचयू के प्रोफेसर बने राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के विशेषज्ञ निदेशक...इस नीलामी के माध्यम से थाना सिगरा में लंबे समय से खड़े 75 दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया लावारिस वाहनों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया . पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से थानों में स्थान खाली होने के साथ ही लंबे समय से लंबित मालों के निस्तारण में भी तेजी आएगी.
बीएचयू के प्रोफेसर बने राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के विशेषज्ञ निदेशक...
बीएचयू के प्रोफेसर बने राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के विशेषज्ञ निदेशक...
वाराणसी : भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं, दुग्ध विकास मंत्रालय द्वारा बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य विभाग के प्रो. गुरु प्रसाद सिंह को राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड का विशेषज्ञ निदेशक बनाया गया है. उनकी इस नवीन उपलब्धि पर मित्रों एवं पारिवारिक जनों में हर्ष की लहर दौड़ पड़ी है.प्रो. गुरु प्रसाद सिंह को 34 वर्षों का शिक्षण, अनुसंधान विस्तार और प्रशासन का अनुभव है. वह 17 साल से प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इसके पूर्व में प्रो. सिंह राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के निदेशक मंडल के सदस्य, एनडीडीबी मृदा लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के सलाहकार बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं. उनकी अब तक कुल आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं.इसके पूर्व वे भारतीय गो-वंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदत्त गौ ज्योति पुरस्कार (2013), डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह गौ रक्षा पुरोधा सम्मान (2018), प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट, लखनऊ द्वारा प्रदत्त उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान (2018) जैसे विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किये जा चुके हैं. इसके अतिरिक्त वे आजीवन सदस्यः इंडियन डेयरी एसोसिएशन, इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन, इंडियन साइंस कांग्रेस सोसाइटी, उत्तर प्रदेश उत्तरांचल इकोनॉमिक एसोसिएशन, भारतीय गो-वंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद, सोसाइटी फॉर कम्युनिटी मोबिलाइजेशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, भारत जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के आजीवन सदस्य भी है.ALSO READ : सारनाथ में युवा बौद्ध विद्वानों का चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन , 'मध्यम मार्ग' को अपनाने का वैश्विक आह्वान...किसानों को स्व रोजगार और कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर वह प्रोत्साहित भी करते हैं. उन्होंने विगत कई वर्षों से बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में भी आपने विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है.