कांग्रेस का पलटवार, महापौर कर रहे कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने का प्रयास...

वाराणसी : मैदागिन स्थित पार्टी कार्यालय राजीव भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने नगर निगम से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों, शहर की बदहाल व्यवस्था, सफाई, जलनिकासी, सीवर व्यवस्था तथा हाल ही में मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित किए जाने को लेकर चल रही चर्चाओं पर विस्तार से विचार व्यक्त किया. कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछले दिनों यह प्रचारित किया जा रहा है कि वाराणसी शहर से मीट-मांस की दुकानों को बाहर करने का प्रस्ताव कांग्रेस पार्षद दल की ओर से दिया गया था. उन्होंने इस दावे को पूरी तरह झूठा, निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा कि उन्होंने नगर निगम में ऐसा कोई प्रस्ताव कभी नहीं दिया है. यदि महापौर अशोक तिवारी यह दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस पार्षद दल या उनके द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया था, तो वह तत्काल उस प्रस्ताव को सार्वजनिक करें. जनता को बताया जाए कि कब, किस बैठक में और किस पत्र के माध्यम से ऐसा प्रस्ताव दिया गया. यदि महापौर ऐसा करने में असमर्थ हैं तो उन्हें काशी की जनता से माफी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस की राजनीति समाज को जोड़ने की राजनीति है, जबकि भाजपा समाज को बांटने और भ्रम फैलाने का काम कर रही है. नगर निगम की विफलताओं और शहर की ज्वलंत समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस पार्षद दल पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. काशी विश्व की प्राचीनतम सांस्कृतिक नगरी है और इसकी पहचान गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता से रही है. यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग सदियों से प्रेम और सौहार्द के साथ रहते आए हैं. ऐसे में महापौर द्वारा दिए जा रहे भ्रामक बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले हैं. कांग्रेस पार्षद दल ने केवल सावन और नवरात्र जैसे विशेष धार्मिक अवसरों पर, जब लाखों श्रद्धालु काशी आते हैं, तब आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए कुछ दिनों के लिए मीट-मांस की दुकानों को बंद रखने की बात कही थी. लेकिन उस सुझाव को तोड़-मरोड़कर पूरे शहर से दुकानों को बाहर करने के प्रस्ताव के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है.
कहा कि काशी के महापौर अशोक तिवारी से पूछना चाहता हूं कि यदि मैंने ऐसा कोई प्रस्ताव दिया है तो उसे सार्वजनिक करें. अन्यथा जनता को गुमराह करना बंद करें. काशी की जनभावनाओं से खिलवाड़ न करें और गंगा-जमुनी तहजीब को राजनीतिक लाभ के लिए निशाना न बनाएं. भाजपा को समाज में विभाजन पैदा करने के बजाय शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, जलभराव, टूटी सड़कों और नागरिक सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए.”
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वार्ता को संबोधित करते हुए राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है. नगर निगम की बदहाल व्यवस्था, शहर में व्याप्त अव्यवस्था, सफाई संकट, जलभराव और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता परेशान है. इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नए-नए विवाद पैदा कर रही है. बताया कि कांग्रेस किसी भी धर्म, समुदाय या व्यवसाय विशेष के खिलाफ नहीं है. कांग्रेस संविधान की भावना और सभी वर्गों के सम्मान में विश्वास करती है. काशी की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता, धार्मिक सहिष्णुता और साझा विरासत से है. भाजपा यदि इस विरासत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगी तो कांग्रेस उसका लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती से विरोध करेगी.
बताया कि कांग्रेस काशी की गंगा-जमुनी संस्कृति, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी. बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि यदि कांग्रेस पार्षद दल के खिलाफ झूठा प्रचार जारी रहा तो कांग्रेस जन-जन तक सच्चाई पहुंचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएगी और नगर निगम की विफलताओं को जनता के सामने उजागर करेगी.



