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कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, महंगाई को लेकर जताई नाराजगी, सौंपा ज्ञापन

कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, महंगाई को लेकर जताई नाराजगी, सौंपा ज्ञापन
May 18, 2026, 10:13 AM
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Posted By Preeti Kumari

Congress protests, expresses displeasure over inflation, submits memorandum


वाराणसी: पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर सोमवार को वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा और मूल्य वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की.


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यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने की, जबकि महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई के मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की.

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ रहा है. उनका कहना था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत में इजाफा होता है.


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जिसका प्रभाव खाद्य सामग्री, सब्जियों, दूध, दाल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देता है. इसके अलावा, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट को असंतुलित कर दिया है. विशेष रूप से मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, छात्र और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की आर्थिक स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है. जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए.


उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए गए करों में वृद्धि के कारण कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं. उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद आम उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार करों में कटौती करे, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी संभव है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनहित में उठा रही है. उनका कहना था कि पार्टी का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है.


ज्ञापन के माध्यम से रखी गई मांगें


प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए. इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मूल्य वृद्धि के कारण कृषि, परिवहन और लघु उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. इसलिए सरकार को व्यापक समीक्षा कर राहत प्रदान करनी चाहिए.


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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो महंगाई का असर और अधिक व्यापक हो सकता है. कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक मूल्य वृद्धि वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीकों से जनता की आवाज उठाती रहेगी.


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उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस पहले भी जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रही है और आगे भी किसानों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिक वर्ग के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी. साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके.

डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने काशी के लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान, आपातकाल प्रदर्शनी का उद्घाटन...
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वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी की ओर से शुक्रवार को जगतपुर स्थित गोकुलधाम में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले काशी क्षेत्र के लोकतंत्र सेनानियों और मीसा बंदियों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया तथा आपातकाल के दौर को दर्शाती विशेष चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया.अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति स्वतंत्र न्यायपालिका, स्वतंत्र मीडिया, जागरूक नागरिकों और संविधान के प्रति निष्ठा में निहित है. उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का योगदान देश कभी नहीं भूल सकता. उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस दौरान उन्होंने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती पर बल दिया.कार्यक्रम के समापन पर ब्रजेश पाठक मंच से उतरकर लोकतंत्र सेनानियों से व्यक्तिगत रूप से मिले. इस दौरान वे कई बुजुर्ग सेनानियों के पास जमीन पर बैठकर उनका हालचाल जानने पहुंचे. उनके इस व्यवहार की उपस्थित लोगों ने सराहना की.ALSO READ:काशी लाया गया कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सूरज हेगड़े का अस्थि कलश, गंगा में विसर्जित...महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर प्रहार किया गया था. उन्होंने कहा कि उस समय अनेक विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दौर में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया.समारोह में लोकतंत्र सेनानियों का माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं अभिनंदन पत्र देकर सम्मान किया गया.
काशी लाया गया कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सूरज हेगड़े का अस्थि कलश, गंगा में विसर्जित...
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वाराणसी : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं कर्नाटक सरकार में दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री रहे सूरज हेगड़े के आकस्मिक निधन के बाद पूरे कांग्रेस परिवार में शोक की लहर है. उनके निधन को कांग्रेस संगठन के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है. इसी क्रम में शुक्रवार को उनके परिजन स्व. सूरज हेगड़े का अस्थि कलश लेकर काशी पहुंचे, जहां सनातन परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक विधि-विधान के बीच मां गंगा की पावन गोद में उनका अस्थि विसर्जन किया गया. अस्थि विसर्जन के दौरान उपस्थित कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने स्व. सूरज हेगड़े को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की. पूरे वातावरण में श्रद्धा, भावुकता और शोक का माहौल देखने को मिला.महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे परिजनों के साथ मौजूद रहे. उन्होंने स्व. सूरज हेगड़े को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सचिव सूरज हेगड़े जी का निधन केवल कांग्रेस पार्टी ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति है. सूरज हेगड़े जी कांग्रेस के समर्पित, कर्मठ और दूरदर्शी नेता थे. उन्होंने एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और अपनी मेहनत, संगठन के प्रति निष्ठा तथा नेतृत्व क्षमता के बल पर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे.उन्होंने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी सहित संगठन के अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया और शीर्ष नेतृत्व के विश्वासपात्र नेताओं में शामिल रहे. राहुल गांधी के भी वे बेहद करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे. सूरज हेगड़े का असमय निधन कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है. उनका व्यक्तित्व प्रेरणादायी था और वे हमेशा कार्यकर्ताओं का सम्मान करते थे. संगठन को मजबूत बनाने के लिए उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा. वाराणसी सहित पूरे देश का कांग्रेस परिवार इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों के साथ मजबूती से खड़ा है. हम बाबा विश्वनाथ जी से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा उनके परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति और संबल प्रदान करें. इस दौरान महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, रोहित दुबे, किशन यादव, विनीत चौबे, परवेज़ ख़ान, अनुभव राय, रामजी गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे.ALSO READ : काशी में श्री जगन्नाथ महाप्रभु स्नान यात्रा के बाद अस्‍वस्‍थ, भव्य रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां तेज...
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वाराणसी : अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की पावन स्नान यात्रा के उपरांत 14 दिनों तक चलने वाली अनवसर लीला का शुभारंभ हो गया है. मान्यता के अनुसार इस दौरान भगवान अस्वस्थ होने के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं देते और विशेष सेवा-पूजन किया जाता है. इसके साथ ही आगामी भव्य रथयात्रा महोत्सव-2026 की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं.शुक्रवार को श्री जगन्नाथ जी ट्रस्ट के अध्‍यक्ष ब्रिजेश सिंह ने मीडिया को बताया कि काशी भारत की प्राचीनतम सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक नगरी है, जहां सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराएं आज भी जीवंत हैं. काशी को धर्म की राजधानी कहा जाता है और यहां स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है.श्री जगन्नाथ महाप्रभु भगवान विष्णु का दिव्य स्वरूप माने जाते हैं. ओडिशा के पुरी धाम के साथ-साथ काशी में भी उनकी आराधना सदियों से श्रद्धा और परंपरा के साथ की जाती है. यहां श्री जगन्नाथ मंदिर को श्रीक्षेत्र पुरी धाम का प्रतीक स्वरूप माना जाता है, जहां भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना होती है. ट्रस्ट ने बताया कि ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार काशी में भगवान श्री जगन्नाथ की दिव्य प्रतिमा की प्रतिष्ठा वर्ष 1790 ईस्वी में हुई थी तथा इसके बाद से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.ALSO READ : अमरनाथ यात्रा में मिलेगा बनारसी स्‍वाद, काशी के सेवादार संभालेंगे भंडारे की कमान...वर्ष 1802 से यहां लगातार श्री जगन्नाथ रथयात्रा मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसे शताब्दियों पुरानी परंपरा के रूप में आज भी श्रद्धा, सेवा और भक्ति भाव के साथ निभाया जा रहा है. हर वर्ष अनवसर लीला के उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा भव्य रथ पर आरूढ़ होकर भक्तों को दर्शन देते हैं. यह रथयात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा और सनातन आस्था का भव्य उत्सव भी मानी जाती है. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत, विद्वान एवं काशीवासी शामिल होकर दिव्यता, एकता और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव करते हैं.