कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, महंगाई को लेकर जताई नाराजगी, सौंपा ज्ञापन

Congress protests, expresses displeasure over inflation, submits memorandum
वाराणसी: पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर सोमवार को वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा और मूल्य वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की.

यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने की, जबकि महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई के मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की.
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ रहा है. उनका कहना था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत में इजाफा होता है.

जिसका प्रभाव खाद्य सामग्री, सब्जियों, दूध, दाल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देता है. इसके अलावा, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट को असंतुलित कर दिया है. विशेष रूप से मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, छात्र और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की आर्थिक स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है. जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल और महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए.
उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए गए करों में वृद्धि के कारण कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं. उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद आम उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार करों में कटौती करे, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी संभव है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनहित में उठा रही है. उनका कहना था कि पार्टी का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है.
ज्ञापन के माध्यम से रखी गई मांगें
प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए. इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मूल्य वृद्धि के कारण कृषि, परिवहन और लघु उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. इसलिए सरकार को व्यापक समीक्षा कर राहत प्रदान करनी चाहिए.

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो महंगाई का असर और अधिक व्यापक हो सकता है. कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक मूल्य वृद्धि वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीकों से जनता की आवाज उठाती रहेगी.
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उन्होंने यह भी जोड़ा कि कांग्रेस पहले भी जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रही है और आगे भी किसानों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिक वर्ग के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी. साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके.



