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काशी में श्री जगन्नाथ महाप्रभु स्नान यात्रा के बाद अस्‍वस्‍थ, भव्य रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां तेज...

काशी में श्री जगन्नाथ महाप्रभु स्नान यात्रा के बाद अस्‍वस्‍थ, भव्य रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां तेज...
Jun 26, 2026, 11:52 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की पावन स्नान यात्रा के उपरांत 14 दिनों तक चलने वाली अनवसर लीला का शुभारंभ हो गया है. मान्यता के अनुसार इस दौरान भगवान अस्वस्थ होने के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं देते और विशेष सेवा-पूजन किया जाता है. इसके साथ ही आगामी भव्य रथयात्रा महोत्सव-2026 की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं.


शुक्रवार को श्री जगन्नाथ जी ट्रस्ट के अध्‍यक्ष ब्रिजेश सिंह ने मीडिया को बताया कि काशी भारत की प्राचीनतम सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक नगरी है, जहां सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराएं आज भी जीवंत हैं. काशी को धर्म की राजधानी कहा जाता है और यहां स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है.


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श्री जगन्नाथ महाप्रभु भगवान विष्णु का दिव्य स्वरूप माने जाते हैं. ओडिशा के पुरी धाम के साथ-साथ काशी में भी उनकी आराधना सदियों से श्रद्धा और परंपरा के साथ की जाती है. यहां श्री जगन्नाथ मंदिर को श्रीक्षेत्र पुरी धाम का प्रतीक स्वरूप माना जाता है, जहां भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना होती है. ट्रस्ट ने बताया कि ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार काशी में भगवान श्री जगन्नाथ की दिव्य प्रतिमा की प्रतिष्ठा वर्ष 1790 ईस्वी में हुई थी तथा इसके बाद से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.


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वर्ष 1802 से यहां लगातार श्री जगन्नाथ रथयात्रा मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसे शताब्दियों पुरानी परंपरा के रूप में आज भी श्रद्धा, सेवा और भक्ति भाव के साथ निभाया जा रहा है. हर वर्ष अनवसर लीला के उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा भव्य रथ पर आरूढ़ होकर भक्तों को दर्शन देते हैं. यह रथयात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा और सनातन आस्था का भव्य उत्सव भी मानी जाती है. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत, विद्वान एवं काशीवासी शामिल होकर दिव्यता, एकता और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव करते हैं.

वाराणसी में दो सड़क हादसों में 10 घायल: दो कारें भिड़ीं, ट्रक ने कार को टक्कर मारी
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वाराणसी : मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-19 पर कछवा सब्जी मंडी के पास दो कारों की आमने-सामने टक्कर में 10 लोग घायल हो गए. घायलों को निजी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया. हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया. घायलों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग जुट गए. इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ. पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया.रविवार रात करीब 2 बजे कछवा सब्जी मंडी के पास प्रयागराज से वाराणसी जा रही स्कॉर्पियो की सामने से आ रही कार से टक्कर हो गई. हादसे में स्कॉर्पियो सवार चका नैनी, प्रयागराज निवासी आशुतोष ओझा, रणवीर मिश्रा, राजरानी, गया बोध पांडेय, संगीता पांडेय, मीना देवी ओझा, सुषमा मिश्रा, ममता शुक्ला और प्राची मिश्रा घायल हो गए.दूसरी कार के चालक मिर्जापुर के इमामबाड़ा निवासी मोनू पुत्र फारूक अली को भी चोट आई. सूचना के बाद मिर्जामुराद पुलिस मौके पर पहुंची. सभी घायलों को कछवा के दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. टक्कर के बाद दोनों वाहन सड़क पर क्षतिग्रस्त हालत में पड़े थे, जिससे कुछ देर यातायात प्रभावित रहा. पुलिस ने क्रेन की मदद से दोनों वाहनों को हटवाया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो गया.ALSO READ: ओड़िसा की डिप्टी सीएम ने काशी के जगन्नाथ मंदिर मे किया दर्शन, बोली कॉरिडोर निर्माण मे मदद करेगी ओडिशा सरकारराजातालाब में कार-डंपर की टक्कर, बाल-बाल बचे लोगवहीं एक अन्‍य हादसा सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे राजातालाब सब्जी मंडी पेट्रोल पंप के आगे हुआ. यहां कार और डंपर की टक्कर हो गई. टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए. गनीमत रही कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. सूचना पर राजातालाब पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाकर किनारे कराया. इसके बाद यातायात सुचारू हो गया.
ओड़िसा की डिप्टी सीएम ने काशी के जगन्नाथ मंदिर मे किया दर्शन, बोली कॉरिडोर निर्माण मे मदद करेगी ओडिशा सरकार
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वाराणसी: ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने रविवार को काशी स्थित निर्माणाधीन जगन्नाथ मंदिर का निरीक्षण किया और भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए. मंदिर निर्माण कार्य को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई और कहा कि मंदिर के भव्य निर्माण में ओडिशा सरकार अपनी भूमिका निभाएगी.प्रवती परिदा ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन कर उन्हें बेहद खुशी और प्रसन्नता हुई. उन्होंने कहा कि जगन्नाथ मंदिर के निर्माण में सरकार की ओर से जो भी संभव होगा, वह सहयोग किया जाएगा. मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने उन्हें साधुवाद दिया.उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में विश्वास है कि जब प्रभु की इच्छा होती है, तभी कोई कार्य संपन्न होता है, महाप्रभु जब चाहेंगे, तब काशी में भी भव्य और दिव्य जगन्नाथ मंदिर का निर्माण होगा, उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में जो लोग दायित्व निभा रहे हैं, वे प्रशंसा के पात्र हैं.ALSO READ: साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तारओडिशा की उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में आकर उन्हें विशेष अनुभूति हुई है, उन्होंने भरोसा जताया कि सभी के सहयोग और प्रयास से यहां भव्य-दिव्य जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा, मंदिर निर्माण में ओडिशा सरकार की जो भी भूमिका होगी, उसे पूरी करने का प्रयास किया जाएगा.
साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तार
साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तार
वाराणसी : कमिश्‍नरेट की साइबर क्राइम सेल और चेतगंज पुलिस की संयुक्‍त टीम ने अंतरराज्‍यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस संबंध में गिरोह के सरगना नीतीश कुमार पांडेय समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस मामले में फर्जी फर्म, गेमिंग और बेटिंग एप के जरिये खाते खुलवाकर और कमीशन का लालच देकर देश भर के 143 लोगों से 116.86 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को उजागर किया गया है.आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 40 डेबिट कार्ड, दो क्रेडिट कार्ड, चार शॉपिंग कार्ड, एक ग्रीन रेमिट कार्ड, एक गेमिंग कार्ड, 19 चेकबुक, छह पासबुक और 48 क्यूआर कोड स्कैनर बरामद हुए हैं. एक बुलेट और एक स्कोडा रैपिड कार भी जब्त की गई है.एसीपी साइबर क्राइम विनय द्विवेदी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना मूलरूप से बिहार के रोहतास निवासी नीतीश कुमार पांडेय है, जो वर्तमान में चितईपुर थाना क्षेत्र के करौंदी स्थित विवेकानंदपुरम कॉलोनी के आदित्य रेजिडेंसी में रहता है. अन्य आरोपियों में दुर्गाकुंड के कबीर नगर निवासी दुष्यंत सिंह, सिगरा थाना क्षेत्र के शिवपुरवा-छित्तूपुर निवासी हिमांशु झा और भेलूपुर थाना क्षेत्र के शिवाला निवासी मो. रेहान शामिल हैं. दो अन्य वांछित आरोपियों में सामनेघाट निवासी प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी और रोमिल वर्मा की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं.पुलिस की छानबीन में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के 41 बैंक खातों से संबंधित कुल 143 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज हैं. इन शिकायतों में 116 करोड़ 86 लाख 58 हजार 321 रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है. गिरोह के सदस्य लोगों को कमीशन का लालच देते थे. इसके बाद उनके नाम से फर्जी फर्म, चालू और बचत खाते खुलवाते थे. बैंक किट, इंटरनेट बैंकिंग विवरण और मोबाइल नंबर भी प्राप्त कर लेते थे.साइबर क्राइम सेल प्रभारी मनोज तिवारी ने बताया कि इस गिरोह में शामिल प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी, रोमिल वर्मा समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों में दुर्गाकुंड निवासी दुष्यंत सिंह के खिलाफ हरियाणा और वाराणसी के भेलूपुर थाने में साइबर ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज है. सरगना नीतीश पांडेय समेत अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है.बीसीए, एमसीए कर चुके हैं आरोपी, 2021 से साइबर ठगी को दे रहे अंजामगिरफ्तार आरोपियों में नीतीश पांडेय, दुष्यंत, हिमांशु समेत अन्य आरोपी कंप्यूटर कोर्स कर चुके हैं. कुछ ने बीसीए और एमसीए की डिग्री भी ली है. चितईपुर से ही आरोपी पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे. छानबीन में सामने आया कि वे 2021-22 से ही साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं. आरोपियों के वाट्सएप चैट, लैपटॉप और मोबाइल की सीडीआर भी खंगाली जा रही है. आशंका है कि इस नेटवर्क के तार दुबई से जुड़े हुए हैं. देश भर में साइबर ठगी करने वाले इस गिरोह के संपर्क निजी बैंकों के कर्मियों से भी होने की आशंका है. जानबूझकर साइबर ठगी को बढ़ावा देने वाले बैंक कर्मियों की भूमिका का भी सत्यापन किया जा रहा है.ALSO READ: बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशीविदेश से गिरोह के संचालन की आशंकासाइबर क्राइम सेल के अनुसार, साइबर ठग कमीशन का लालच देकर लोगों के नाम पर फर्जी फर्म बनवाते थे. इसके बाद वे इन फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे. इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी (बेटिंग) और गेमिंग एप के जरिये अवैध धन के लेन-देन और ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था. साइबर ठग बेरोजगार या लालच में फंसे लोगों को कम समय में ज्यादा मुनाफा और कमीशन का झांसा देते थे. इन खातों को चीन, कंबोडिया, दुबई समेत अन्य देशों से संचालित होने वाले सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग एप से जोड़ दिया जाता था. ठगी गई रकम को इन खातों में मंगाया जाता था और तुरंत अलग-अलग चैनलों के माध्यम से निकाल लिया जाता था.शिकायत कहां और कैसे करेंसाइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. अपनी शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं. ठगी के शुरुआती एक-दो घंटे के भीतर शिकायत करने पर पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है.