तेलियाबाग में बिजली विभाग के संविदाकर्मी की करंट से मौत, सामने आई गंभीर लापरवाही

वाराणसी : चेतगंज थाना क्षेत्र के तेलियाबाग तिराहे पर शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया. यहां लाइन पर कार्य करने के दौरान करंट लगने से चौकाघाट विद्युत विभाग के संविदाकर्मी शिव प्रकाश यादव की मौत हो गई. इस हादसे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया. सबसे चौंकाने वाला खुलासा खुद विभाग के अधिशासी अभियंता की जांच में हुआ है, जिन्होंने इस मौत के लिए सीधे तौर पर अवर अभियंता वीरेंद्र कुमार की घोर लापरवाही और मनमानी को जिम्मेदार ठहराया है. अधिशासी अभियंता ने चेतगंज थाना प्रभारी को पत्र लिखकर आरोपी जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की आधिकारिक संस्तुति की है.
बिना शटडाउन और बिना सुरक्षा उपकरणों के पोल पर चढ़ाया
विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह घटना 18 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 12:00 बजे की है. विद्युत उपकेन्द्र चौकाघाट के अंतर्गत तेलियाबाग फीडर पर पेड़ों की छंटाई का काम चल रहा था. चंदौली के मकौली निवास शिव प्रकाश यादव पुत्र राजकुमार यादव एक अकुशल श्रमिक थे. आरोप है कि मौके पर मौजूद अवर अभियंता वीरेंद्र कुमार ने सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद, शिव प्रकाश को बिना किसी सेफ्टी गियर के जबरन पोल पर चढ़ने के लिए बाध्य किया. इसी दौरान कैलगढ़ फीडर में बिजली सप्लाई चालू रहने के कारण संविदाकर्मी हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आ गए.

कुछ दिन पहले ही दी गई थी ट्रेनिंग
अधिशासी अभियंता ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि घटना के वक्त जेई वीरेंद्र कुमार स्वयं मौके पर उपस्थित थे. उन्हें पहले भी कई बार सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश व चेतावनी दी जा चुकी थी. यहाँ तक कि महज 4 दिन पूर्व ही विद्युत दुर्घटनाओं से बचाव के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था. इसके बावजूद, जेई ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बिना शटडाउन लिए लाइन पर काम कराया, जो इस जानलेवा हादसे का मुख्य कारण बना.
अस्पतालों के चक्कर काटते रहे परिजन
करंट लगने के बाद शिव प्रकाश गंभीर रूप से झुलसकर सीधे पोल से नीचे गिर पड़े. उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए पहले ‘सिंह मेडिकल’ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए उन्हें एडमिट करने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद परिजन उन्हें तुरंत मंडलीय चिकित्सालय (कबीरचौरा) लेकर भागे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. कबीरचौरा अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है.
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इस हादसे ने एक बार फिर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में संविदाकर्मियों की सुरक्षा और अधिकारियों की तानाशाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे आरोपी जेई की तत्काल गिरफ्तारी व सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.



