Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

बनारस लिट फेस्ट में पीयूष मिश्रा के कंसर्ट से पहले बवाल, पुलिस पर महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप

बनारस लिट फेस्ट में पीयूष मिश्रा के कंसर्ट से पहले बवाल, पुलिस पर महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप
Feb 02, 2026, 09:37 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : बनारस लिट फेस्ट के तीसरे दिन रविवार को ताज होटल परिसर में भारी अव्यवस्था और हंगामे की स्थिति देखने को मिली. कार्यक्रम में प्रवेश को लेकर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि धक्का-मुक्की, भगदड़ जैसे हालात और पुलिस पर महिलाओं से अभद्रता व मारपीट के आरोप लगे. आयोजन के अंतिम दिन निमंत्रण से अधिक संख्‍या में लोग ताज होटल पहुंच गए. भीड़ इतनी बढ गई उन्‍हें नियंत्रण के लिए पुलिस को जमकर मशक्‍कत करनी पडी. लोगों की भीड़ ने गेट पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी और जबरन प्रवेश की कोशिशें होने लगी. हालात बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लाउडस्पीकर से समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं माने.


भीड़ को हटाने के लिए सिपाहियों ने लोगों को तितर-बितर किया, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई. कुछ युवक दीवार फांदकर अंदर जाने की कोशिश करते दिखे, जिन्हें रोका गया. इसी दौरान जब एक कार को बाहर निकालने के लिए गेट खोला गया, तो भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिसकर्मियों व लोगों के बीच नोकझोंक हुई.प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि स्थिति को नियंत्रित करने के नाम पर एक सब-इंस्पेक्टर ने कई युवकों को पीट कर भगाया. इसके साथ ही महिलाओं और युवतियों से अभद्रता, हाथ पकड़कर खींचने और थप्पड़ मारने के आरोप भी लगे.


बताया गया कि यह सब एसीपी नितिन तनेजा और कैंट इंस्पेक्टर की मौजूदगी में हुआ. इस दौरान कई युवतियां डरी-सहमी नजर आईं. आरोप है कि वीवीआईपी पास लेकर पहुंचे लोग भी अंदर नहीं जा सके. कई युवतियां, जो मुख्य आयोजक दीपक मधोक के स्कूल की छात्राएं थीं और जिनके पास वीवीआईपी पास थे, उन्हें भी प्रवेश नहीं दिया गया.लोगों ने मुख्य आयोजक दीपक मधोक, अमित सेवारामानी और बृजेश सिंह से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिले, जिससे आक्रोश और बढ़ गया.


ALSO READ : कफ सिरप प्रकरण में फर्म संचालिका के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर, पासपोर्ट होगा जब्त


हंगामे के दौरान करीब 10 लोगों के घायल होने की सूचना है. हालात काबू में करने के लिए एसीपी नितिन तनेजा ने रस्सियां लगवाकर बैरिकेडिंग कराई. पुलिस ने 200 सीटों पर बैठे और स्टैंड में खड़े लगभग 250 लोगों को अंदर रहने दिया, जबकि बाकी लोगों को लाठी भांजकर कर कैंपस से बाहर निकाल दिया गया. पूरा घटनाक्रम शाम 6 बजे से रात 9.30 बजे तक चलता रहा. इसके बाद रात करीब 10 बजे पीयूष मिश्रा मंच पर पहुंचे, तब जाकर उनका बहुप्रतीक्षित कंसर्ट शुरू हो सका.

नेपाल चुनाव में वोटों की गिनती जारी, नतीजों पर टिकी हर किसी की नजर
नेपाल चुनाव में वोटों की गिनती जारी, नतीजों पर टिकी हर किसी की नजर
नेपाल में आम चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है. मतगणना के सिलसिले में नेपाल के चुनाव आयोग ने मतगणना से पहले 24 घंटे के भीतर 165 सीटों (एफपीटीपी) के परिणाम जारी करने की बात कही थी. साथ ही यह भी कहा है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मतपेटियों को इकट्ठा करके मतगणना केंद्रों तक लाने में कम से कम एक दिन लग जाता है. इसिलए बाकी के बचे चुनावी नतीजे बाद में घोषित किए जाएंगे.60 प्रतिशत मतदाताओं ने डाला वोटआपको बता दें कि, बीते 05 मार्च गुरुवार को नेपाल में हुए चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं ने अपना वोट डाला था. इस चुनाव में 65 पार्टियों के 3,400 से अधिक उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे हैं. नेपाल चुनाव में किस सीट पर कौन आगे चल रहा है और किसकी पार्टी सरकार बनाने के सफर पर है. नेपाल में वोटों की गिनती जारी है, शुरुआती रुझानों में रैपर से राजनेता बने बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) 41 सीटों पर आगे चल रही है. दूसरे नंबर पर नेपाली कांग्रेस 4 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल 2 और श्रम शक्ति पार्टी एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है.बालेन शाह को 814 वोट मिलेझापा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 5 में शुरुआती मतगणना के रुझान में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उम्मीदवार बालेन शाह आगे चल रहे हैं। कमल ग्रामीण नगरपालिका के बसबारी स्कूल मतदान केंद्र (ए और बी) और गौरादहा ग्रामीण नगरपालिका के मोती स्कूल मतदान केंद्र (ए और बी) में डाले गए 1,400 मतों में से बालेन शाह को 814 वोट मिले हैं। वहीं, सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली 384 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं. नेपाल चुनाव के लिए हो रही काउंटिंग के शुरुआती रुझानों में Gen-Z के हीरो बालेन शाह की राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी सबसे आगे चल रही है. राष्‍ट्रीय स्‍वतंत्र पार्टी 41 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं, दूसरी पार्टियां उनके बेहद पिछड़ती हुई नजर आ रही हैं.
वीकेंड पर देर तक सोना आपके लिए हो सकता है खतरनाक, जानें क्यों
वीकेंड पर देर तक सोना आपके लिए हो सकता है खतरनाक, जानें क्यों
नींद की कमी और थकान आज के दौर की एक बड़ी समस्या बन चुकी है. हम अक्सर बेहतर नींद के लिए महंगे गद्दे, अंधेरा कमरा या सुकून देने वाले संगीत का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बहुत ही साधारण और मुफ्त बदलाव आपकी नींद की गुणवत्ता को पूरी तरह बदल सकता है. हर दिन एक ही समय पर जागना काफी अच्छा होता है, भले ही यह सुनने में थोड़ा मुश्किल या वीकेंड्स पर देर तक सोना काफी अच्छा लगता है, लेकिन सप्ताह के सातों दिन जागने का एक ही समय तय करना आपकी सेहत के लिए काफी बेहतरीन फैसला साबित हो सकता है.आखिर क्यों जरूरी इस समय पर जगनाहमारे शरीर के भीतर एक घड़ी काम करती है जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है. यह 24 घंटे के साइकिल पर चलती है, इस घड़ी के लिए सुबह की रोशनी एक बहुत ही अहम संकेत है. जैसे ही हम सुबह अपनी आंखें खोलते हैं और रोशनी के संपर्क में आते हैं, हमारा दिमाग उस रोशनी का इस्तेमाल शरीर को सेट करने के लिए करता है. इसमें हार्मोन सीक्रेशन, शरीर का तापमान और आपकी अलर्टनेस शामिल हैं. जब आप रोज एक ही समय पर उठते हैं, तो आपकी यह घड़ी सही ढंग से काम करने लगती है. अपने उठने के समय को बदलने के लिए आपको रातों-रात बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है. आप इन आसान टिप्स को अपना सकते हैं.नींद के शेड्यूल में ऐसे करें बदलावअगर आप सुबह जल्दी उठना चाहते हैं, तो हर दिन केवल आधा घंटा पहले उठने का लक्ष्य रखें. जब तक आप अपने फिक्स समय तक न पहुंच जाएं, तब तक इसे धीरे-धीरे शिफ्ट करें. किसी भी नए रूटीन में ढलने के लिए शरीर को समय चाहिए होता है. ज्यादातर लोगों को नई रिदम पकड़ने में कम से कम तीन दिन लगते हैं, एक हफ्ते के बाद, आप फोकस करने की क्षमता और मूड में पॉजिटिव बदलाव महसूस करने लगेंगे. सही समय पर उठने के लिए अलार्म का इस्तेमाल करें, अपने नए समय को पक्का करने के लिए अलार्म क्लॉक की जरूर से जरूर मदद लें. यह आपको एक फिक्स समय पर उठने में मदद करेगा. सुबह की रोशनी को प्राथमिकता देने के लिए जागने के बाद अंधेरे कमरे में लेटे रहने के बजाय, जितनी जल्दी हो सके नेचुरल लाइट में आएं. यह आपके दिमाग को संकेत देता है कि दिन शुरू हो गया है.यह भी पढ़ें: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव, नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभावीकेंड पर भी जल्दी उठना जरूरी हैअक्सर शनिवार या रविवार को देर तक बिस्तर में पड़े रहने का मन करता है. अगर आप खुद को रोक नहीं पा रहे हैं, तो कोशिश करें कि यह देरी बहुत ज्यादा न हो, फ्री-फॉर-ऑल यानी घंटों देर तक सोने के बजाय बैलेंस बनाए रखें, ताकि आपकी पूरी हफ्ते की मेहनत खराब न हो. नींद केवल शरीर को आराम देने के लिए नहीं है, बल्कि यह आपके पूरे स्वास्थ्य की नींव है. रोज एक ही समय पर जागना आपके शरीर को एक लय देता है, जिससे न केवल आपको रात में बेहतर नींद आती है, बल्कि आप दिन भर ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं.
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव, नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव, नीतीश कुमार जाएंगे राज्यसभा
Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर विराम लगा दिया है और उन्होंने ख़ुद को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की पुष्टि की है.एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी ...गौरतलब है कि, नितीश कुमार के राज्यसभा जानें के ऐलान से यह तय हो गया कि बिहार में दो दशकों के बाद राज्य की सत्ता में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. नीतीश कुमार लेकर बिहार के सियासी गलियारों में लगातार यह चर्चा चल रही थी कि वो बिहार की सत्ता से अलग राज्यसभा का रुख़ करने वाले हैं. नीतीश कुमार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है, "पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है.नीतीश ने लिखा, "आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है. इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है.यह भी पढ़ें: नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, JDU नेताओं को नहीं हो रहा हजमनीतीश का कहना है, "संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ. इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूँ."नितीश कुमार का विकिपीडिया हुआ अपडेट...बता दें कि राज्यसभा जानें की चर्चा के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार का विकिपीडिया अपडेट हो गया है. जिसमें उनके 22 वें मुख्यमंत्री का कार्यकाल ख़त्म होने की 16 मार्च 2026 अपडेट किया गया है. वहीँ, इसके साथ राज्यसभा का विकिपीडिया भी अपडेट किया गया है. जिसमें बिहार से 4 राज्यसभा सदस्यों के नाम शामिल है. इस सूची में , नितीश कुमार, रामनाथ ठाकुर, नितिन नबीन और शिवेश कुमार शामिल है.PK ने की थी भविष्वाणी...बता दें कि, इसे पहले बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भविष्वाणी की थी कि, नवंबर 2025 के बाद नितीश कुमार राज्य के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और अब PK की भविष्वाणी सही साबित हो रही है.निशांत कुमार संभालेंगे जेडीयू की कमान, बन सकते हैं नए डिप्टी सीएम नितीश कुमार के राज्यसभा जानें की बीच अब चर्चा यह भी है कि- नितीश के बेटे निशांत कुमार JDU की कमान संभालेंगे और दूसरी नई सरकार के गठन में उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद दिया जा सकता है.सीएम हाउस के बाहर JDU कार्यकर्ताओं का हंगामासीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के एलान से जदयू कार्यकर्ताओं में आक्रोश है. गुस्साए कार्यकर्ता जदयू दफ्तर पहुंच चुके हैं. जदयू नेताओं ने एमएलसी संजय गांधी की गाड़ी को घेर लिया और हंगामा कर रहे हैं. इतना ही नहीं कई जदयू नेताओं पर भाजपा से मिले होने का भी आरोप लगाया. जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीएम नीतीश कुमार के चेहरे पर ही हमलोगों ने वोट दिया है. जनता और कार्यकर्ताओं की बात नीतीश कुमार को सुननी ही पड़ेगी. वहीं नये मुख्‍यमंत्री के लिए भी अलकलों को बाजार गरम है.