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कफ सिरप प्रकरण में शुभम समेत नौ आरोपियों पर गैंगस्‍टर, भोला प्रसाद गैंग लीडर घोषित...

कफ सिरप प्रकरण में शुभम समेत नौ आरोपियों पर गैंगस्‍टर, भोला प्रसाद गैंग लीडर घोषित...
May 02, 2026, 06:34 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : अरबों के कफ सीरप तस्करी प्रकरण में रोहनिया पुलिस ने कायस्थ टोला प्रह्लाद घाट थाना आदमपुर निवासी शुभम जायसवाल और उसके गिरोह के नौ सदस्यों को गैंगस्‍टर एक्ट में निरुद्ध किया है. पुलिस ने शुभम के पिता भोला प्रसाद को गैंग का लीडर घोषित किया है. गैंगस्‍टर एक्ट के नए मुकदमे का आरोपितों को न सिर्फ सामना करना पड़ेगा, बल्कि पुलिस गिरोह के एक-एक सदस्य की बची-कुची संपत्ति भी धारा 14 (3) में सीज करेगी. रोहनिया पुलिस ने बीते 19 नवंबर को भदवर स्थित जिम के तहखाने में छिपा कर रखे गए 500 पेटी से ज्यादा कफ सीरप की बरामदगी मामले में तस्करों का नेटवर्क सामने आने के बाद गैंगस्‍टर एक्ट लगाया है.


इस मामले में सभी नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पहले से ही लग चुकी है. रोहनिया पुलिस ने भदवर स्थित जिम में बरामद 18,600 सीसी फेंसाडिल और 75,150 सीसी स्कफ सीरप की जांच शुरू की तो आरोपितों के तार गाजियाबाद, त्रिपुरा तक फैला मिला. इंस्पेक्टर राजू सिंह ने जांच शुरू की तो जिम के तहखाने से एक ई-वेबिल मिला. जिसकी जांच में पता चला कि कफ सीरप गाजियाबाद की दवा फर्म आरएस फार्मा ने चंदौली के सिंह मोडिकोज को भेजा था.

ई-वेबिल से उस ट्रक नंबर का पता चला, जिसके कफ सीरप ढोया गया था. जांच आगे बढ़ी तो गाजियाबाद निवासी आरएस फार्मा का मालिक सौरभ त्यागी, शिवाकांत उर्फ शिवा, कृष्णा नगर चंधासी थाना मुगलसराय चंदौली निवासी व सिंह मेडिकोज के मालिक स्वप्निल केसरी, सप्तसागर मैदागिन थाना कोतवाली निवासी दिनेश यादव, ईश्वरगंगी थाना जैतपुरा निवासी आशीष यादव का नाम सामने आया था.


एसीपी संजीव शर्मा ने बताया कि सौरभ त्यागी और शिवाकांत उर्फ शिवा ने आरएस फार्मा से कफ सीरप स्वप्निल केसरी के फर्म को भेजा था. स्वप्निल केसरी ने पूछताछ में शुभम जायसवाल के करीब दिनेश यादव व आशीष यादव की संलिप्तता बताई. उधर, बरामद फैंसाडील के बैच नंबर के आधार पर कफ सीरप बनाने वाली कंपनी एबाट से रिपोर्ट मांगी गई तो पता चला कि उसने शुभम के पिता भोला प्रसाद की फर्म शैली ट्रेडर्स को आपूर्ति की की थी.

जबकि 19 नवंबर को कफ सीरप बरामदगी के शुभम, महेश सिंह (भदवर के ग्राम प्रधान के पति महेश जिसके तहखाने में कफ सीरप बरामद था.) और रमाकान्त नगर सिगरा के आजाद जायसवाल के खिलाफ नामजद केस दर्ज था. इस तरह पुलिस ने सभी नौ आरोपियों का गिरोह सामने आने पर गैंगस्‍टर एक्ट में निरुद्ध किया गया.


कफ सिरप प्रकरण में कब क्‍या हुआ


19 नवंबर 2025 को रोहनिया पुलिस ने 500 पेटी से ज्यादा कफ सीरप बरामदगी का केस किया.

22 जनवरी को गैर जमानती वारंट जारी हुआ.

24 फरवरी को कुर्की पूर्व का उद्घोषणा नोटिस जारी हुआ.

26 फरवरी को नोटिस सहजदृश्य स्थान पर नोटिस चस्पा किया.

27 फरवरी को विभिन्न अखबारों में इश्तेहार प्रकाशित कराए गए.

30 मार्च को अदालत ने उपस्थित होने का अंतिम अवसर मिला.

01 अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पेश न होने का केस दर्ज किया।

05 अप्रैल को पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया.

01 मई को गैंगस्‍टर एक्ट की कार्रवाई हुई.



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कोतवाली और सारनाथ पुलिस भी गैंगस्‍टर लगाने की तैयारी में


वाराणसी में कोतवाली और सारनाथ पुलिस भी शुभम, भोला और अन्य आरोपितों के खिलाफ गैंगस्‍टर लगाने की तैयारी में हैं. पुलिस एक- एक तस्कर की कुंडली तैयार कर रही है. पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है. डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि गैंगस्‍टर की धारा 14 (1) में संपत्ति जब्त करने का प्रविधान है. गैंगस्‍टर लगने के साथ ही पुलिस आगे के प्रयास में जुट गई है. सारनाथ पुलिस भी तेजी से जांच कर रही है.

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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
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वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.