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अग्निकांड के बाद सख्‍ती : वाराणसी में 35 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील, 20 को नोटिस...

अग्निकांड के बाद सख्‍ती : वाराणसी में 35 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील, 20 को नोटिस...
Jun 25, 2026, 07:52 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद वाराणसी प्रशासन सख्‍ती के मोड में है. विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने शहरभर में विशेष अभियान चलाकर भवन मानकों, मानचित्र स्वीकृति और अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले 35 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया. वहीं 20 अन्य संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. सील किए गए सभी संस्थानों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है. अब तक की यह सबसे बडी कार्रवाई बताई जा रही है.


वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत शहर को पांच जोनों में विभाजित कर व्यापक जांच की गई. निरीक्षण के दौरान कई संस्थान बिना स्वीकृत मानचित्र, आवश्यक अनुमति और फायर सेफ्टी मानकों का पालन किए संचालित होते पाए गए. अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया.


वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिन संस्थानों को पहले नोटिस जारी किए गए थे और जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं किया, उनके विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की गई है.


उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी संचालकों को भवन निर्माण मानकों, स्वीकृत मानचित्र और अग्नि सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा. उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी अभियान लगातार जारी रहेगा. वीडीए की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की.


जोन आधारित कार्रवाई


जोन-1 (पांडेयपुर, भरलाई, टैगोर टाउन): रैंकर्स कोचिंग, ट्राइस क्लासेज, एपिस ट्यूटोरियल्स, कौटिल्य एकेडमी, मोमेंटम कैरियर क्लासेज समेत कई संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई.


जोन-2 (सारनाथ, आशापुर): बिना निर्धारित मानकों के संचालित एक कोचिंग संस्थान और एक लाइब्रेरी को सील किया गया.


जोन-3 (सिगरा, महमूरगंज): कई प्रशिक्षण केंद्रों और कोचिंग संस्थानों के पास आवश्यक स्वीकृतियां नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई.


जोन-4 (दुर्गाकुंड, संकटमोचन): इसरो कोचिंग, इंडिविजुअल कोचिंग, अड्डा कोचिंग और माइक्रोटेक कोचिंग को सील किया गया.


जोन-5 (रामनगर, कटेसर, साहित्यनाका, कैलाशपुरी, नई बस्ती): सबसे अधिक कार्रवाई (Varanasi) करते हुए कई कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को बंद कराया गया.


फायर विभाग की जांच में भी सामने आईं गंभीर कमियां


मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में फायर विभाग ने भी लगभग 20 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया. जांच में कई गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं. भोजूबीर स्थित पीडब्ल्यू विद्यापीठ में मुख्य सीढ़ी बाधित मिली, जिससे आपातकालीन निकासी प्रभावित हो सकती थी. वहीं कौटिल्य कोचिंग सेंटर और मोमेंटम कोचिंग सेंटर में सीढ़ियों के पास एयर कंडीशनर की बाहरी यूनिट लगी मिलीं, जो फायर सेफ्टी मानकों के विपरीत हैं. पांडेयपुर स्थित लक्ष्य कोचिंग सेंटर निरीक्षण के दौरान बंद मिला. फायर विभाग ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं.


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सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता


अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में अध्ययन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में भवन की संरचनात्मक मजबूती, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, स्वीकृत मानचित्र और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है. प्रशासन का मानना है कि इन नियमों की अनदेखी भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. वीडीए और अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. जो भी संस्थान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सभी कोचिंग संचालकों से आवश्यक अनुमति, फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है.

यूपी भाजपा की नई टीम घोषित, अशोक चौरिसया काशी क्षेत्र के नए अध्‍यक्ष...
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वाराणसी : उत्‍तरप्रदेश भारतीय जनता पार्टी की नई टीम की घोषणा कर दी गई है. इसके साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी और क्षेत्रीय अध्यक्षों की सूची गुरुवार को जारी होने के साथ ही प्रदेश की कार्यकार‍िणी के दाय‍ित्‍वों को भी तय कर द‍ि‍या गया है. इसमें काशी क्षेत्र के महामंत्री अशोक चौरसिया को काशी क्षेत्र अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अशोक चौरसिया पिछले दो क्षेत्र अध्यक्षों दिलीप पटेल और उसके पहले महेश चंद्र श्रीवास्तव के साथ के महामंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. अशोक चौरसिया की गिनती भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं में होती रही है.अशोक चौरसिया वर्तमान में जौनपुर जिले के प्रभारी भी हैं. साथ ही वाराणसी और उसके आसपास के जनपदों में चौरसिया समाज में विशेष पकड़ है. उनकी गिनती व्यवसायी और वैश्य समाज के नेता के रूप में भी होती है. अशोक चौरसिया की पहचान संकल्प कोचिंग के संचालक की वजह से भी रही है. एक समय में काशी और उसके आसपास के जिलों के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को सस्ती कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी जाने जाते रहे.दिलीप पटेल बने प्रदेश महामंत्रीभाजपा काशी क्षेत्र के निवर्तमान वर्तमान अध्यक्ष दिलीप पटेल को प्रमोट करके प्रदेश कार्यकारिणी में महामंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है. वह पिछले करीब तीन वर्ष से काशी क्षेत्र के अध्यक्ष रहे. इसी प्रकार गाजीपुर के संजय राय को भी प्रदेश महामंत्री बनाया गया है. भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में वाराणसी के शंकर गिरी को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली है.इन नेताओं को मिली प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारीसुरेश राणा - उपाध्यक्षसत्यपाल सैनी - उपाध्यक्षब्रज बहादुर - उपाध्यक्षडॉ धर्मेंद्र सिंह - उपाध्यक्षमोहित बेनीवाल - उपाध्यक्षदेवेश कोरी - उपाध्यक्षप्रियंका रावत - उपाध्यक्षदुर्विजय शाक्य - उपाध्यक्षरमेश सिंह - उपाध्यक्षनीरज सिंह - उपाध्यक्षअर्चना मिश्रा - उपाध्यक्षपूजा पाल - उपाध्यक्षशंकर गिरी - उपाध्यक्षकामेश्वर सिंह - उपाध्यक्षकृतिका अग्रवाल - उपाध्यक्षसुरेश मौर्य - उपाध्यक्षराजेश यादव - उपाध्यक्षकृष्ण बिहारी राय - उपाध्यक्षआलोक गुप्ता - उपाध्यक्षइन नेताओं को प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गयारामप्रताप सिंह चौहान - महामंत्रीगीता शाक्य - महामंत्रीअभिजात मिश्रा - महामंत्रीउपेंद्र रावत - महामंत्रीसंजय राय - महामंत्रीशंकर लोधी - महामंत्रीदिलीप पटेल - महामंत्रीराजेश चौधरी - महामंत्रीइन नेताओं को संगठन में मंत्री पद दिया गयाविजय शिवहरे - मंत्रीबसंत त्यागी - मंत्रीशिवभूषण सिंह - मंत्रीसहजानंद राय - मंत्रीअंकुर शर्मा - मंत्रीअनिल यादव - मंत्रीअवधेश श्रीवास्तव - मंत्रीविनय राजभर - मंत्रीप्रमेंद्र जांगड़ा विश्वकर्मा - मंत्रीकिरण लोधी निषाद - मंत्रीएकेश बिंद - मंत्रीसचिता सिंह चौहान (लूनिया) - मंत्रीरजनी पांडेय - मंत्रीराहुल वाल्मीकि - मंत्रीमहामेधा नागर - मंत्रीदीपमाला संतोषी - मंत्रीसुहासिनी जायसवाल - मंत्रीयतेन्द्र शर्मा - मंत्रीआकांक्षा सोनकर - मंत्रीइन नेताओं को क्षेत्रीय अध्यक्ष पद दिया गयानवाब सिंह नागर - क्षेत्रीय अध्यक्ष (पश्चिम)पूरन लाल लोधी - क्षेत्रीय अध्यक्ष (ब्रज)राम किशोर साहू - क्षेत्रीय अध्यक्ष (कानपुर)अवधेश द्विवेदी - क्षेत्रीय अध्यक्ष (अवध)अशोक चौरसिया - क्षेत्रीय अध्यक्ष (काशी)विनोद राय - क्षेत्रीय अध्यक्ष (गोरखपुर)कार्यालय पदाधिकारीभारत दीक्षित - कार्यालय मंत्रीअतुल अवस्थी - कार्यालय सह-मंत्रीलक्ष्मण सिंह - कार्यालय सह-मंत्रीमीडिया एवं सोशल मीडिया की इन्हें मिली जिम्मेदारी व ये बने मोर्चा अध्यक्षदिनेश प्रताप सिंह - मुख्य प्रवक्तामनीष दीक्षित - प्रदेश मीडिया संयोजकहिमांशु राज पंडित - प्रदेश सोशल मीडिया संयोजकALSO READ : व्यापारी गौरव महोत्सव में नई कार्यकारिणी ने संभाली जिम्मेदारी...मोर्चा अध्यक्षरोहित मिश्रा - प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा)प्रकाश पाल - प्रदेश अध्यक्ष (पिछड़ा मोर्चा)देवेन्द्र सिंह - प्रदेश अध्यक्ष (किसान मोर्चा)अशोक रावत - प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित मोर्चा)सरोज कुशवाहा - प्रदेश अध्यक्ष (महिला मोर्चा)विद्याभूषण गोंड - प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित जनजाति मोर्चा)यह सूची पंकज चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा उत्तर प्रदेश) द्वारा घोषित की गई है.
व्यापारी गौरव महोत्सव में नई कार्यकारिणी ने संभाली जिम्मेदारी...
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वाराणसी : किराना व्यापार समिति की ओर से बुधवार को विशेश्वरगंज स्थित एक होटल में व्यापारी गौरव महोत्सव का आयोजन किया गया.इस अवसर पर नव-निर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत, शपथ ग्रहण और सम्मान समारोह आयोजित किया गया.कार्यक्रम में व्यापार जगत से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही.समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्रम मंत्री अनिल राजभर, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ तथा भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी शामिल हुए.अतिथियों की मौजूदगी में नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली.समिति के नव-निर्वाचित अध्यक्ष अनूप जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष संतोष सैनी, महामंत्री नारायण केसरी और कोषाध्यक्ष राजू जागिड़िया सहित अन्य पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया.कार्यक्रम के दौरान समिति से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों और पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया.संरक्षक मंडल में सुनील चौरसिया, ओंकारनाथ माहेश्वरी, राजू जायसवाल, हरि लड्डू, बसंत सिंह, संतोष अग्रवाल और महेश्वर जायसवाल को शामिल किया गया.अपने संबोधन में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि संगठित व्यापारी समाज किसी भी क्षेत्र के विकास की महत्वपूर्ण ताकत होता है.वहीं आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ने कहा कि किसी भी पद के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है और पदाधिकारियों को समाज तथा व्यापारियों के हित में कार्य करना चाहिए.कार्यकारी अध्यक्ष संतोष सैनी ने कहा कि समिति व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी.कार्यक्रम का संचालन सचिन अग्रवाल ने किया.इस दौरान प्रमोद अग्रहरी, सुधीर त्रिपाठी, गौरव राठी, संजय चौरसिया, दिनेश कुमार सिंह सहित कई व्यापारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.ALSO READ : बीएचयू को एनसीआइएसएम का नोटिस, डीएससीपी योजना पर उठाए सवाल...यह आयोजन व्यापारियों के सम्मान, संगठन की मजबूती और नए नेतृत्व के स्वागत का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ.
बीएचयू को एनसीआइएसएम का नोटिस, डीएससीपी योजना पर उठाए सवाल...
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वाराणसी : बीएचयू स्थित आईएमएस के आयुर्वेद संकाय में संचालित डीएसीपी (डिस्टिंग्विश्ड स्पेशलिटी क्लिनिकल प्रोफेसर) योजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआइएसएम) ने इस मामले में बीएचयू प्रशासन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया है.आयोग का आरोप है कि डीएससीपी योजना को लागू करने में उसके निर्धारित नियमों और विनियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया. एनसीआइएसएम द्वारा 23 जून को जारी पत्र में कहा गया कि योजना के तहत नियुक्त किए गए चिकित्सकों और शिक्षकों को कई तरह के अनुचित लाभ दिए गए हैं. आयोग का मानना है कि योजना लागू करने से पहले आवश्यक प्रक्रियाओं और मानकों का पालन किया जाना चाहिए था.नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयोग ने पहले भी 10 जून को बीएचयू को पत्र भेजकर डीएसीपी योजना से संबंधित विज्ञापन वापस लेने और योजना पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था. हालांकि विश्वविद्यालय द्वारा योजना को जारी रखा गया, जिसके बाद आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है.एनसीआइएसएम ने बीएचयू प्रशासन को निर्देश दिया है कि डीएसीपी योजना से जुड़े सभी दस्तावेज, विज्ञापन और नियुक्ति प्रक्रिया का पूरा विवरण आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए. आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि नियमों के विपरीत किसी प्रकार की नियुक्ति या पदोन्नति पाई जाती है तो संबंधित शिक्षक, शिक्षक कोड और संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.ALSO READ : ग्रीन वाराणसी कॉन्क्लेव में विरासत को संजोने के साथ ही सतत भविष्य के निर्माण पर होगा मंथन...आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय संस्थानों में किसी भी नई योजना को लागू करने से पहले नियामक संस्थाओं के दिशा-निर्देशों और मानकों का पालन अनिवार्य है. मामले की सुनवाई के लिए बीएचयू के कुलपति अथवा कुलसचिव को 25 जून को आयोग के नई दिल्ली स्थित कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है. इस नोटिस के बाद आयुर्वेद संकाय की डीएसीपी योजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय के जवाब तथा आयोग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं.