Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

वाराणसी में समलैंगिक ऐप्‍स से फंसाकर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार, 8 फरार

वाराणसी में समलैंगिक ऐप्‍स से फंसाकर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार, 8 फरार
Jul 14, 2026, 09:42 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : बड़ागांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत समलैंगिक डेटिंग ऐप्स के जरिए जाल में फंसाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का राजफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के एक मुख्य सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके 8 अन्य साथी फरार होने में सफल रहे जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है. यह गिरोह 'पोलो' (Polo) और 'ग्राइंडर' (Grindr) जैसे समलैंगिक दोस्ती ऐप्स का सहारा लेकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था और मिलने के बहाने बुलाकर उनके बैंक खातों से ऑनलाइन धनराशि साफ कर देता था.


इस तरह हुआ भंडाफोड़


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब पीड़ित मिथिलेश रघुवंशी ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ₹85,000 की ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल और बड़ागांव पुलिस की टीम सक्रिय हुई और ठगों के नेटवर्क को खंगालना शुरू किया. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि समलैंगिक दोस्ती ऐप के जरिए पीड़ित को फंसाकर सातोमहुआ अहरक गांव के पास बुलाया गया था, जहां गिरोह के आधा दर्जन से अधिक लड़के पहले से ही जाल बिछाए बैठे थे. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और मौके से आरोपी आदर्श चौबे (निवासी परसादपुर, बड़ागांव) को दबोच लिया, जबकि उसके अन्य साथी पुलिस को देखकर भाग निकले.


मीठी बातों से फंसाते थे जाल में


गिरफ्तार आरोपी आदर्श चौबे ने पूछताछ में पुलिस के सामने इस गिरोह के काम करने के अनोखे और शातिराना तरीके काे उजागर किया. बताया कि "हम लोग 'पोलो' और 'ग्राइंडर' जैसे एलजीबीटी ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर समलैंगिक प्रवृत्ति के लोगों से दोस्ती करते थे. इसके बाद उन्हें मीठी-मीठी बातों में फंसाकर सुनसान या तय स्थान पर मिलने के लिए बुलाते थे. जैसे ही पीड़ित हमसे मिलने पहुंचता था, गिरोह के सभी सदस्य उसे घेर लेते थे. इसके बाद डरा-धमकाकर उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लेते और उसके फोन से धोखे से यूपीआई या नेट बैंकिंग के जरिए अपने खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेते थे."


ALSO READ: संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुस्लिम छात्रा को मिलेगा गोल्ड मेडल संस्कृत के प्रति समर्पण बना चर्चा का विषय



शर्म के मारे पीड़ित, बेखौफ आरोपी


आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि यह खेल पिछले कई महीनों से चल रहा था. अधिकांश पीड़ित लोकलाज और समाज में बदनामी के डर से पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने नहीं जाते थे, जिसका फायदा उठाकर यह गिरोह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहा था. पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है. फरार आरोपियों में आयुष सिंह, उत्कर्ष सिंह, शनि शर्मा, अंकित सिंह, दिव्यांशु यादव, नितेश दुबे, हर्ष तिवारी और आयुष दीक्षित शामिल हैं. इस गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली टीम में बड़ागांव थाने के उप निरीक्षक सुनील कुमार यादव, उप निरीक्षक अमन कुमार यादव, आरक्षी विकास कुमार और आरक्षी अजय यादव शामिल रहे.

साइबर अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा: एक साल में 58 गैंग ध्वस्त, 277 शातिर गिरफ्तार, 25 करोड़ की ठगी की रकम होल्ड...
साइबर अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा: एक साल में 58 गैंग ध्वस्त, 277 शातिर गिरफ्तार, 25 करोड़ की ठगी की रकम होल्ड...
वाराणसी :कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार को पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने साइबर थाना और साइबर सेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न साइबर पोर्टलों, शिकायत रजिस्टर और लंबित मामलों की प्रगति की गहन समीक्षा की।पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि साइबर शिकायतों का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से किया जाए। पीड़ितों को थाने पर भटकना न पड़े, इसके लिए Dedicated Help Desk स्थापित करने का आदेश दिया गया है। इस हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मी पीड़ितों को शिकायत दर्ज करने से लेकर कानूनी और तकनीकी मदद तक मुहैया कराएंगे।डीजीपी के निर्देशन में एक साल में रिकॉर्ड कार्रवाईउत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन और पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन में, DCP (अपराध) सुश्री नीतू कादयान के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी ने पिछले एक साल में साइबर माफियाओं की कमर तोड़ दी है। ADCP अपराध श्री नृपेन्द्र के पर्यवेक्षण और ACP साइबर विदुष सक्सेना, विनय द्विवेदी, अपूर्व पाण्डेय तथा इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह और मनोज तिवारी की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ये कार्रवाईयां की हैं।एक साल की 9 बड़ी उपलब्धियां:1. साइबर गैंग पर वार: 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर सरगना समेत 277 अपराधियों को जेल भेजा गया।2. डिजिटल अरेस्ट का खौफ खत्म:डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले 5 गैंग के 36 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से ₹1.20 करोड़ कैश, लग्जरी कारें और मोबाइल फोन बरामद हुए।3. फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़:15 अवैध कॉल सेंटर पकड़े गए, 175 ठग गिरफ्तार। ये गैंग निवेश में मोटे मुनाफे, अमेजन-फ्लिपकार्ट की PPC सर्विस और नौकरी के नाम पर GST, रजिस्ट्रेशन फीस वसूल कर ठगी करते थे। विदेशियों को खुद को Federal Officer बताकर डराते थे।4. पीड़ितों को राहत:16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण किया गया। तत्परता दिखाते हुए ₹25 करोड़ की ठगी की रकम को होल्ड कराया गया और ₹4.5 करोड़ की रकम पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई।5. अपराधियों की सिम-फोन ब्लॉक: अपराध में इस्तेमाल हुए 10,176 मोबाइल नंबर और 8,262 मोबाइल के IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए, ताकि दोबारा इस्तेमाल न हो सके।6. गैंगस्टर एक्ट:21 शातिर साइबर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया।7. 550 लोगों का रेस्क्यू: MLM और पिरामिड स्कीम में फंसाए गए 550 लोगों को साइबर अपराधियों के चंगुल से छुड़ाया गया।8. 17 लग्जरी गाड़ियां बरामद: ठगी के पैसों से खरीदी गई 17 चार पहिया गाड़ियां जब्त की गईं।9. 25 हजार लोगों को किया जागरूक: स्कूल, कॉलेज, चौराहों और कैंप लगाकर 25,000 से ज्यादा लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और बचाव के उपायों के बारे में बताया गया। पम्पलेट और पुस्तिकाएं भी बांटी गईं।ALSO READ:लोलार्क कुंड व सुरहिया मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधाएं,महापौर व नगर आयुक्त ने तैयारियों का लिया जायजापुलिस आयुक्त की जनता से अपील -पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने आमजन से अपील की है कि:- अपना ATM PIN, CVV, OTP किसी को न बताएं।- "घर बैठे लाखों कमाएं, बिना परीक्षा सीधी भर्ती" जैसे लालच में न आएं।- MLM कंपनी में पैसा लगाने से पहले MCA पोर्टल पर जांच कर लें।- अनजान लिंक, APK फाइल, SMS Forwarder App कभी डाउनलोड न करें।- ऑनलाइन सट्टा-जुआ वाले ऐप से दूर रहें।- ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.inपर शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसा वापस आने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।
लोलार्क कुंड व सुरहिया मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधाएं,महापौर व नगर आयुक्त ने तैयारियों का लिया जायजा
लोलार्क कुंड व सुरहिया मेले में श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधाएं,महापौर व नगर आयुक्त ने तैयारियों का लिया जायजा
वाराणसी : भदैनी स्थित ऐतिहासिक लोलार्क कुंड पर 16 और 17 सितंबर को आयोजित होने वाले लोलार्क छठ मेले तथा लक्सा स्थित लक्ष्मी कुंड पर 19 सितंबर को सजने वाले सुरहिया मेले की तैयारियों को लेकर नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड में है।सोमवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने विभागीय अधिकारियों एवं क्षेत्रीय पार्षदों के साथ दोनों मेला स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ​निरीक्षण के दौरान महापौर ने कहा कि पूर्वांचल समेत देश के विभिन्न कोनों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा, सुगमता और सुविधा में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले से पूर्व ही सफाई, सीवर, पेयजल, मार्ग प्रकाश, सड़क मरम्मत, गड्ढामुक्त इंटरलॉकिंग और अतिक्रमण हटाने से संबंधित सभी कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिए जाएं।ALSO READ: अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पना की उड़ान, 15 सितंबर को संजय मिश्र के साथ होगा हिंदी दिवस समारोह​महापौर ने अधिकारियों के साथ लोलार्क कुंड और लक्ष्मी कुंड को जाने वाले गलियों व मुख्य मार्गों का पैदल जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मेला परिसर, कुंड के आसपास और संपर्क मार्गों पर निरंतर विशेष सफाई अभियान चलाकर अतिरिक्त कूड़ेदान रखे जाएं। मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए चूना, एंटी-लार्वा का छिड़काव और नियमित फॉगिंग सुनिश्चित की जाए। जलकल विभाग को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, आवश्यकतानुसार वाटर टैंकर की उपलब्धता और सीवर लीकेज को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए पर्याप्त संख्या में मोबाइल शौचालय और खराब स्ट्रीट लाइटों की त्वरित मरम्मत कराने पर भी जोर दिया गया।कहा कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ​सफल संचालन और पर्यवेक्षण के लिए नगर आयुक्त ने लोलार्क कुंड मेले के लिए अपर नगर आयुक्त अमित कुमार तथा सुरहिया मेले के लिए अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा को नोडल अधिकारी नामित किया है। ​निरीक्षण के दौरान लोलार्क कुंड पर पार्षद राजेश यादव, विजय द्विवेदी, सहायक अभियंता (जलकल) विकास निषाद, अवर अभियंता (सिविल) पंकज पटेल, सफाई निरीक्षक शिवेश तिवारी, अवर अभियंता (जलकल) दीपक कुमार सिंह और अवर अभियंता (मार्ग प्रकाश) हरीश मिश्रा उपस्थित रहे। वहीं लक्ष्मी कुंड (लक्सा) के निरीक्षण में जोनल अधिकारी (दशाश्वमेध), अवर अभियंता (सिविल) नागेंद्र कुमार, सफाई निरीक्षक वेद प्रकाश राय, अवर अभियंता (जलकल) कुमारी चंदन यादव, अवर अभियंता (मार्ग प्रकाश) हरीश मिश्रा तथा वेलस्पन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पना की उड़ान, 15 सितंबर को संजय मिश्र के साथ होगा हिंदी दिवस समारोह
अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पना की उड़ान, 15 सितंबर को संजय मिश्र के साथ होगा हिंदी दिवस समारोह
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग स्थित एसपीआरसी हाल में आयोजित ‘अन्विति हिंदी सप्ताह’ का पांचवां और अंतिम आयोजन ‘रंगों की उड़ान’ चित्रकला प्रतियोगिता के साथ संपन्न हुआ। हिंदी प्रकाशन समिति की ओर से आयोजित इस श्रृंखला में विद्यार्थियों ने शब्दों के बजाय रंगों और रेखाओं के माध्यम से विज्ञान, तकनीक, प्रकृति और भविष्य की अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उकेरा।हिंदी सप्ताह की शुरुआत सात सितंबर को ‘काव्य सरिता’ से हुई थी। इसके बाद आठ सितंबर को ‘कथा सृजन’, नौ सितंबर को वाद-विवाद और दस सितंबर को ‘ज्ञान प्रभा’ का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के बाद 12 सितंबर को विद्यार्थियों ने चित्रकला प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।सेमिनार कॉम्प्लेक्स परिसर में लगाए गए कैनवासों पर विद्यार्थियों ने भविष्य की दुनिया, अंतरिक्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरण और विज्ञान से जुड़े विविध चित्र बनाए। मंगल ग्रह पर कृषि और मानव बस्तियां, ऑक्सीजन सिलेंडरों वाला नगर, गुंबदनुमा हरित आवास, भारतीय ध्वज के साथ अंतरिक्ष यात्री, रोबोट, उड़न तश्तरी, डीएनए की सर्पिल संरचना, एआई और पौधों से भरे बल्ब जैसे विषय चित्रों में नजर आए।स्वीकृति कुमारी, श्रुति पाठक, अंकिता बिंद, प्राची तिवारी, सत्य राव और वैष्णवी बजाज सहित अनेक विद्यार्थियों ने विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया। कुछ चित्रों में मंगल ग्रह पर भविष्य की बस्तियों और कृषि की कल्पना दिखाई दी तो कुछ में पृथ्वी से दूर विकसित होती काल्पनिक नगरियां नजर आईं। कई चित्रों में तकनीक और प्रकृति के बीच संतुलन का संदेश दिया गया।प्रतियोगिता में एक ओर प्रदूषण और धुएं से घिरे शहर तथा ऑक्सीजन सिलेंडर दिखाई दिए, तो दूसरी ओर हरित गुंबदों, अंतरिक्ष यानों और भविष्य की प्रयोगशालाओं के जरिए एक बेहतर और टिकाऊ दुनिया की कल्पना प्रस्तुत की गई। यही विरोधाभास प्रतियोगिता की प्रमुख विशेषताओं में रहा।ALSO READ: हिंदी दिवस पर BHU में शिक्षामंत्री के संदेश का हुआ वाचन, कार्यालयी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोरअब ‘अन्विति हिंदी सप्ताह’ का समापन 15 सितंबर को हिंदी दिवस समारोह के साथ होगा। कार्यक्रम महामना हॉल, सेमिनार कॉम्प्लेक्स, विज्ञान संकाय में दोपहर 2:45 बजे आयोजित किया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि प्रख्यात अभिनेता संजय मिश्र होंगे। इस अवसर पर ‘अचिंत्य’ पत्रिका की नई कड़ी ‘क्षितिज से परे’ का विमोचन भी प्रस्तावित है।