शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर 17.12 लाख की साइबर ठगी, मुनाफा भी चोरी का...

वाराणसी : शेयर बाजार में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर युवक से टेलीग्राम के माध्यम से 17.12 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. पीड़ित ने इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. कैंट थाना क्षेत्र के सिकरौल निवासी कपिल देव राजभर ने पुलिस को बताया कि उन्हें ‘नताली’ नाम के टेलीग्राम प्रोफाइल से संपर्क किया गया था. एक टेलीग्राम चैनल से जोड़ा और खुद को ‘नालंदा कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड’ का प्रतिनिधि बताया.
दावा किया कि वह ‘ब्लॉक ट्रेडिंग’ के जरिये कम समय में मोटा मुनाफा दिला सकते हैं. शुरुआत में 21 और 25 मार्च को 5,000 और 10,000 का ऑनलाइन भुगतान कराया. 8 अप्रैल को बैंक खाते में 15000 रुपये मुनाफे के तौर पर भेजे. शुरुआती ‘मुनाफे’ से कंपनी पर पूरा भरोसा हो गया. विश्वास जीतने के बाद ठगों ने अलग-अलग तारीखों में बड़े निवेश के नाम पर पैसे मंगवाने शुरू किए(. पीड़ित से 17 लाख 12 हजार रुपये जमा करा लिए गए. जब कुल जमा राशि और मुनाफे को डिमैट खाते में ट्रांसफर करने को कहा तो ठगों ने 25 लाख 48 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि जमा करने की मांग की.
धमकी दी कि ऐसा न करने पर सारा पैसा फ्रीज हो जाएगा. 6 जून को भारतीय स्टेट बैंक ने सूचित किया कि उनके खाते में 15000 रुपये को साइबर पुलिस ने होल्ड कर दिया है. पड़ताल करने पर पता चला कि यह कार्रवाई पटना साइबर पुलिस की ओर से की गई थी. जालसाजों ने जो 15000 रुपये का शुरुआती मुनाफा भेजा था, वह भी किसी अन्य साइबर अपराध की ठगी का पैसा था. ब्लॉक ट्रेडिंग में निवेश का लालच देकर 9 अप्रैल को 92,000 रुपये यूपीआई से जमा कराए गए. 16 अप्रैल को 5 लाख और 55,000 रुपये ट्रांसफर कराए गए. मई में अलग-अलग तिथियों में 50,000 रुपये, पांच लाख रुपये और दोबारा पांच लाख रुपये की बड़ी रकम ली. सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) विदुष सक्सेना ने बताया कि आईडी को ट्रैक किया जा रहा है.
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फर्जी बैंक प्रोफाइल एप से 6.31 लाख की साइबर ठगी
एक अन्य मामले में जालसाजों ने फर्जी बैंक प्रोफाइल, एप से युवक के क्रेडिट कार्ड से 6.31 लाख की साइबर ठगी की है. पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और शिवपुर थाने के साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित विनय कुमार झा ने पुलिस को बताया कि 24 जून को व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया. जालसाज ने प्रोफाइल पर बैंक का नकली लोगो लगा रखा था. आरबीएल और आईडीएफसी बैंक क्रेडिट कार्ड के नाम पर कुछ संदिग्ध एप फाइलें फोन में इंस्टॉल करवा दी. ऐप इंस्टॉल होते ही फोन हैक हो गया. बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साइबर अपराधियों तक पहुंच गईं. ओटीपी, सीवीवी, पिन या पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं किया था. जालसाजों ने भारतीय स्टेट बैंक और आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर चार अनधिकृत लेनदेन किए. इन लेनदेन से 6 लाख 31 हजार रुपये की धोखाधड़ी हुई. 36 हजार रुपये का एक और लेनदेन विफल हो गया. थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि साइबर विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है.



