दालमंडी चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार, सातवें दिन 11वें मकान पर चल रहा हथौड़ा

वाराणसी : दालमण्डी सड़क चौड़ाीकरण के लिए क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के सातवें दिन मंगलवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा कार्रवाई जारी है. यह दालमण्डी चौड़ीकरण योजना के तहत तोड़ा जाने वाला 11वां मकान है. वीडीए की टीम ने मुनादी के बाद मकान के ग्राउंड फ्लोर पर चल रही दुकानों और पहले तल के गोदाम को खाली कराया. इसके बाद मशीनों और हथौड़ों की सहायता से ध्वस्तीकरण का कार्य आरंभ किया गया. क्योंकि दालमण्डी एक संकरी गली है, इसलिए यहाँ बुलडोजर का उपयोग नहीं किया जा सकता, इसीलिए मशीनों से यह कार्रवाई की जा रही है.

इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक कराने के लिए दालमण्डी से नई सड़क जाने वाली गली को दोनों ओर से बैरिकेडिंंग लगाकर बंद कर दिया गया है. सुरक्षा के लिए सिविल फोर्स, पीएससी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.
मंगलवार को ध्वस्तीकरण का कार्य जिस मकान पर किया गया, वह CK 43/175 है, जिसके मालिक संजू हैं. यह तीन मंजिला मकान है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर कटरा में दो दुकानें हैं और पहले तल पर गोदाम बना हुआ है. इस मकान में गर्म कपड़ों की बिक्री की जा रही थी. कार्रवाई से पहले आज सुबह मुनादी कराकर दुकानदारों को खाली करने के लिए कहा गया. जब वीडीए की टीम दोपहर 2 बजे के बाद ध्वस्तीकरण के लिए पहुँची, तो वहाँ की दुकानें खुली हुई थीं, जिन्हें तुरंत खाली कराया गया.
ध्वस्तीकरण के समय मौके पर एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा, वीडीए के जोनल अधिकारी रविंद्र प्रकाश, एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के साथ-साथ सिविल फोर्स, पीएससी और अर्द्धसैनिक बल भी मौजूद रहे. एसीपी ने बताया कि इस मकान को वीडीए द्वारा ध्वस्तीकरण के लिए कई नोटिस पहले ही दिए जा चुके थे और कई बार मुनादी भी कराई गई थी. आज से इस मकान को वीडीए द्वारा ध्वस्त किया जा रहा है, जिसकी निगरानी ड्रोन से की जा रही है.
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स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया
दालमण्डी क्षेत्र में चल रही इस ध्वस्तीकरण प्रक्रिया को लेकर स्थानीय निवासियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानते हैं, जबकि अन्य इसे उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला मान रहे हैं. वीडीए का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माणों के खिलाफ है और यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि विकास योजनाओं का सही तरीके से कार्यान्वयन हो सके. दालमण्डी में चल रही ध्वस्तीकरण प्रक्रिया ने स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है.



