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दालमंडी चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार, सातवें दिन 11वें मकान पर चल रहा हथौड़ा

दालमंडी चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार, सातवें दिन 11वें मकान पर चल रहा हथौड़ा
Jan 13, 2026, 10:59 AM
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Posted By Monisha Rai

वाराणसी : दालमण्डी सड़क चौड़ाीकरण के लिए क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के सातवें दिन मंगलवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा कार्रवाई जारी है. यह दालमण्डी चौड़ीकरण योजना के तहत तोड़ा जाने वाला 11वां मकान है. वीडीए की टीम ने मुनादी के बाद मकान के ग्राउंड फ्लोर पर चल रही दुकानों और पहले तल के गोदाम को खाली कराया. इसके बाद मशीनों और हथौड़ों की सहायता से ध्वस्तीकरण का कार्य आरंभ किया गया. क्‍योंकि दालमण्डी एक संकरी गली है, इसलिए यहाँ बुलडोजर का उपयोग नहीं किया जा सकता, इसीलिए मशीनों से यह कार्रवाई की जा रही है.


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इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक कराने के लिए दालमण्डी से नई सड़क जाने वाली गली को दोनों ओर से बैरिकेड‍िंंग लगाकर बंद कर दिया गया है. सुरक्षा के लिए सिविल फोर्स, पीएससी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.

मंगलवार को ध्वस्तीकरण का कार्य जिस मकान पर किया गया, वह CK 43/175 है, जिसके मालिक संजू हैं. यह तीन मंजिला मकान है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर कटरा में दो दुकानें हैं और पहले तल पर गोदाम बना हुआ है. इस मकान में गर्म कपड़ों की बिक्री की जा रही थी. कार्रवाई से पहले आज सुबह मुनादी कराकर दुकानदारों को खाली करने के लिए कहा गया. जब वीडीए की टीम दोपहर 2 बजे के बाद ध्वस्तीकरण के लिए पहुँची, तो वहाँ की दुकानें खुली हुई थीं, जिन्हें तुरंत खाली कराया गया.


ध्वस्तीकरण के समय मौके पर एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा, वीडीए के जोनल अधिकारी रविंद्र प्रकाश, एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के साथ-साथ सिविल फोर्स, पीएससी और अर्द्धसैनिक बल भी मौजूद रहे. एसीपी ने बताया कि इस मकान को वीडीए द्वारा ध्वस्तीकरण के लिए कई नोटिस पहले ही दिए जा चुके थे और कई बार मुनादी भी कराई गई थी. आज से इस मकान को वीडीए द्वारा ध्वस्त किया जा रहा है, जिसकी निगरानी ड्रोन से की जा रही है.


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स्‍थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया


दालमण्डी क्षेत्र में चल रही इस ध्वस्तीकरण प्रक्रिया को लेकर स्थानीय निवासियों में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग इसे विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानते हैं, जबकि अन्य इसे उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला मान रहे हैं. वीडीए का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माणों के खिलाफ है और यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि विकास योजनाओं का सही तरीके से कार्यान्वयन हो सके. दालमण्डी में चल रही ध्वस्तीकरण प्रक्रिया ने स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है.

वाराणसी में बटुकों ने  कंठी माला और धोती कुर्ता पहनकर खेला क्रिकेट, संस्‍कृत में कमेंट्री
वाराणसी में बटुकों ने कंठी माला और धोती कुर्ता पहनकर खेला क्रिकेट, संस्‍कृत में कमेंट्री
वाराणसी : महादेव की नगरी में यूं तो नित कोई न कोई आयोजन होते रहते हैं लेकिन काशी आज मंगलवार को एक अनोखे क्रिकेट मैच की साक्षी बनी. इस मैचे में खेल से अधिक मनोरंजन ने लोगों को आकर्षित किया. ऐसा इसलिए क्‍यांकि बटुकों ने कंठी माला और धोती-कुर्ता पहनकर गेंद और बल्‍ले से कमाल दिखाया. इस विशेष आयोजन में बटुकों ने बल्‍ला थामकर टीका-त्रिपुण्ड लगाकर क्रिकेट खेला. इस दौरान मैच की कमेंट्री संस्कृत भाषा में की गई, जो दर्शकों के लिए कौतूहल का केंद्र रही.यह आयोजन शास्त्रार्थ महाविद्यालय (दशाश्वमेध) के 82वें स्थापनोत्सव के अवसर पर किया गया. इस बार मैच का स्थान जयनारायण इंटर कॉलेज, रामापुरा था. संस्कृत भाषा के जानकार बटुकों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया, जिससे यह आयोजन और भी विशेष बन गया. बटुकों ने साधु संतों के भेष में क्रिकेट खेलते हुए दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया. मैच के दौरान बटुकों ने न केवल क्रिकेट के चौके-छक्के लगाए, बल्कि संस्कृत में चल रही कमेंट्री ने भी माहौल को और जीवंत बना दिया.ALSO READ : सप्‍ताह में पांच दिन काम की मांग को लेकर बैंककर्मी हड़ताल पर, करोड़ों के लेनदेन प्रभावितसंस्कृत भाषा के प्रति प्रेम और सम्मान को दर्शाते हुए, इस आयोजन ने सभी उपस्थित लोगों को एक नई ऊर्जा प्रदान की. इस क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बटुकों ने न केवल खेल का आनंद लिया, बल्कि संस्कृत भाषा के प्रति अपनी रुचि को भी प्रदर्शित किया. संस्कृत में कमेंट्री करने वाले कमेंटेटर ने मैच के हर पल को जीवंत कर दिया, जिससे दर्शकों को खेल का आनंद लेने में कोई कमी नहीं आई. इस प्रकार के आयोजनों से न केवल खेल को बढ़ावा मिलता है, बल्कि संस्कृत भाषा के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है. इस विशेष क्रिकेट मैच में भाग लेने वाले बटुकों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया.
 KMC Alumni Meet में अध्यक्ष बने संदीप तिवारी, कुलपति ने दी शुभकामनाएं ...
KMC Alumni Meet में अध्यक्ष बने संदीप तिवारी, कुलपति ने दी शुभकामनाएं ...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के IIM इलाके में स्थित KMC भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में पुरातन छात्र सम्मेलन (Alumni Meet) का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर एलुमनी एसोसिएशन की कोर कमेटी का गठन किया गया, जिसमें पत्रकार संदीप तिवारी को सर्वसम्मति से अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। वहीं उपाध्यक्ष पद पर नावेद माजिद, महामंत्री आकांक्षा यादव, कोषाध्यक्ष आयुष तिवारी और सचिव आशीर्वाद गौतम चुने गए।कुलपति ने दी शुभकामनाएं कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ चीफ प्रॉक्टर डॉ. नीरज शुक्ला, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचिता चौधरी समेत विभाग के अन्य प्रोफेसरों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में अध्यक्ष संदीप तिवारी ने कहा कि एलुमनी नेटवर्क को मजबूत कर छात्रों के लिए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। सम्मेलन में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र शामिल हुए।कुलपति बोले- हर संभव मदद करेगा विश्वविद्यालयKMC भाषा विश्वद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने पुरातन छात्र सम्मेलन के सफल आयोजन पर आयोजकों और नवनिर्वाचित कोर कमेटी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के पूर्व छात्र विश्वविद्यालय की पहचान हैं। एलुमनी मंच के माध्यम से अनुभवों का आदान-प्रदान और छात्रों का मार्गदर्शन निश्चित रूप से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। कुलपति ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन भविष्य में इस तरह की गतिविधियों के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को आशीर्वाद देते हुए अपेक्षा जताई कि वो एकजुट होकर विभाग और विश्वविद्यालय के हित में सकारात्मक कार्य करेंगे.2020 में किया स्नातकलखनऊ से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद देश की राजधानी दिल्ली से डिप्लोमा किया। इसके उपरांत उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के KMC भाषा विश्वद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से 2020 में स्नातक की डिग्री हासिल की। संदीप तिवारी ने चुनौतियों और संघर्षों से भरे जीवन में पत्रकारिता को अपना पेशा बनाया। इस दौरान जनतंत्र टीवी, पंजाब केसरी और कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम कर अनुभव अर्जित किया। इस दौरान जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल पत्रकारिता तक का व्यापक अनुभव अर्जित किया। वर्ष 2021 से मैं देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नवभारत टाइम्स (NBT Online) में बतौर संवाददाता कार्यरत हैं.
सप्‍ताह में पांच दिन काम की मांग को लेकर बैंककर्मी हड़ताल पर, करोड़ों के लेनदेन प्रभावित
सप्‍ताह में पांच दिन काम की मांग को लेकर बैंककर्मी हड़ताल पर, करोड़ों के लेनदेन प्रभावित
वाराणसी : सप्‍ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर देशभर के बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का असर वाराणसी में भी व्यापक रूप से देखने को मिला. आज सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों सहित कई निजी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे शहर के अधिकांश बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा. नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट, ऋण संबंधी कार्य और शाखाओं से जुड़ी अन्य सेवाएं प्रभावित रहीं. इससे करोडों का लेनदेन प्रभावित हाेने की खबर है.बैंक यूनियनों के अनुसार 22–23 जनवरी को बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बैठक में किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी. इसी के चलते कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया. यूनियनों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों, विशेषकर पाँच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लागू करने को लेकर ठोस निर्णय न होने से कर्मचारियों में नाराजगी है. उनका तर्क है कि अन्य सरकारी और कई निजी संस्थानों में पहले से ही पाँच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है, ऐसे में बैंककर्मियों को भी समान सुविधा मिलनी चाहिए.हड़ताल और अवकाशों के कारण बैंक लगातार चार दिनों तक बंद रहे. 24 जनवरी शनिवार को बैंक पहले से ही बंद थे, 25 जनवरी रविवार की साप्ताहिक छुट्टी रही और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय अवकाश रहा. इसके साथ ही हड़ताल के चलते ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित रहना पड़ा. सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, पेंशनधारकों, छोटे व्यापारियों और दैनिक नकद लेन-देन पर निर्भर लोगों को हुई.ALSO READ : 77 गणतंत्र दिवस की थीम बनी "वंदे मातरम्", जाने इसका उद्देश्यहालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे एटीएम, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग आंशिक रूप से चालू रहीं, लेकिन नकद निकासी और शाखा से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े. कई एटीएम में नकदी की कमी की शिकायतें भी सामने आईं.बैंक प्रशासन के अनुसार, 28 जनवरी से बैंकों में सामान्य रूप से कामकाज शुरू हो जाएगा. शाखाओं में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्राहकों को जल्द से जल्द राहत मिल सके. वहीं, बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है.