Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

दालमंडी में ध्वस्तीकरण की शुरू कार्रवाई, 14 मकानों पर चलाया जा रहा बुलडोजर

दालमंडी में ध्वस्तीकरण की शुरू कार्रवाई, 14 मकानों पर चलाया जा रहा बुलडोजर
May 31, 2026, 08:56 AM
|
Posted By Preeti Kumari

Demolition action begins in Dal Mandi, bulldozers are being used on 14 houses.


वाराणसी: उत्तर-प्रदेश के वाराणसी की मशहूर दालमंडी में रविवार सुबह पीडब्ल्यूडी और प्रशासन की टीम ने अवैध घोषित 14 मकानों के खिलाफ फिर से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया है. जहां बुलडोजर की गड़गड़ाहट के बीच भारी पुलिस बलों की तैनाती की गई है. पूरे इलाके को सुरक्षा के घेरे में लेकर बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है. बता दें, दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत चल रही इस कार्रवाई के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं. ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. ताकि किसी तरह की कोई भी अनहोनी ना हो सकें.


र


दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई


बताया जा रहा है कि, दालमंडी में हो रही इस बुलडोजर कार्रवाई के पहले मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था. इतना ही नहीं, बीते शनिवार को मुनादी कराकर भवन खाली करने की अंतिम चेतावनी भी दी गई थी. जिसके बाद से एडीएम सिटी राजेश कुमार, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के.के. सिंह और एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है.


प


दालमंडी के एक दुकानदार ने बताया कि, वीडीए ने जिस हिस्से को अवैध बताया है, वह भवन का ऊपरी भाग है. लेकिन कार्रवाई के दौरान नीचे बनी दुकानों के शटर भी तोड़ दिए गए, इससे दुकानों में रखा लाखों रुपए का सामान खराब हो गया. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि, मकान की रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है और कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है.


ब


14 मकानों को नोटिस जारी


जानकारी के मुताबिक, वीडीए के जोनल अधिकारी वेदप्रकाश ने बताया कि कुल 14 मकानों को नोटिस जारी की गई थी. नोटिस के माध्यम से भवन स्वामियों को अपने मानचित्र और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर किसी भी मकान मालिक की ओर से वैध मानचित्र या अन्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, इसके बाद इन सभी भवनों के खिलाफ अंतिम ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया.


रप


हाईकोर्ट की ओर से कोई आदेश नहीं


उसी आदेश के क्रम में रविवार को 14 मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है. इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से कोई स्थगन (स्टे) आदेश नहीं दिया गया है, हाईकोर्ट ने केवल भवन स्वामियों की आपत्तियों (ऑब्जेक्शन) पर नियमानुसार निर्णय लेने के लिए समय दिया है. इसलिए प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों का नियमों के तहत निस्तारण किया जाएगा, जबकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी.


च


Also Read: महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर दे दी जान, जांच में जुटी पुलिस

बनारसीपन से बनाई खास पहचान, संजय मिश्रा को मिला राष्ट्रीय सम्मान
बनारसीपन से बनाई खास पहचान, संजय मिश्रा को मिला राष्ट्रीय सम्मान
वाराणसी। बनारस से निकली प्रतिभा जब देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाती है तो काशी का गौरव बढ़ता है। फिल्म अभिनेता संजय मिश्रा को राष्ट्रपति द्वारा सर्वश्रेष्ठ कलाकार के राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किए जाने पर शिव बारात समिति, वाराणसी ने बधाई दी है।बिहार के दरभंगा में जन्मे संजय मिश्रा का बचपन और शिक्षा-दीक्षा बनारस में हुई। काशी के रंग-ढंग में रचे-बसे संजय मिश्रा ने फिल्मी दुनिया में लंबा संघर्ष कर अपनी अलग पहचान बनाई। उनके अभिनय के साथ उनका खास बनारसी अंदाज, अल्हड़पन, मिठास और ‘गुरु’ वाली बोली भी लोगों के बीच पहचान बनी।फिल्मी सफर में कई सम्मान हासिल करने वाले संजय मिश्रा को राष्ट्रपति के हाथों मिला यह राष्ट्रीय सम्मान उनके प्रशंसकों और बनारस के लोगों के लिए खास उपलब्धि है। व्यस्त फिल्मी जीवन के बावजूद उनका बनारस से जुड़ाव कायम है। समय मिलते ही वह काशी आते हैं और अपने पुराने मित्रों से मुलाकात कर वक्त बिताते हैं।ALSO READ : वाराणसी एयरपोर्ट के नए निदेशक बने संतोष ढोके, पुनीत गुप्ता का भुवनेश्वर तबादलासंजय मिश्रा काशी की विश्व प्रसिद्ध शिव बारात समिति के संरक्षक भी हैं और महाशिवरात्रि पर बनारस में रहकर शिव बारात का हिस्सा बनने का प्रयास करते हैं। शिव बारात समिति ने उनके सम्मान पर शुभकामनाएं देते हुए बाबा विश्वनाथ से उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वाराणसी एयरपोर्ट के नए निदेशक बने संतोष ढोके, पुनीत गुप्ता का भुवनेश्वर तबादला
वाराणसी एयरपोर्ट के नए निदेशक बने संतोष ढोके, पुनीत गुप्ता का भुवनेश्वर तबादला
वाराणसी : लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जल्द ही प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिलने वाला है. एयरपोर्ट के नए निदेशक के रूप में संतोष ढोके को नियुक्त किया गया है. वहीं, वर्तमान निदेशक पुनीत गुप्ता का स्थानांतरण भुवनेश्वर एयरपोर्ट के निदेशक पद पर कर दिया गया है. संतोष ढोके वर्तमान में पुणे एयरपोर्ट पर निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उनके पास एयरपोर्ट निदेशक के रूप में 11 वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. अपने अब तक के कार्यकाल के दौरान वे देश के कई अन्य महत्वपूर्ण एयरपोर्ट्स पर भी निदेशक की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा चुके हैं. एयरपोर्ट पर विकास और विस्तार कार्यों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण दौर चल रहा है. लगभग 2800 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य तेजी से प्रगति पर हैं. नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन इसी वर्ष दिसंबर तक करने की योजना है.भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की ओर से मंगलवार को तबादला आदेश जारी हुआ. एएआई के आदेश के मुताबिक संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि में नए पद का कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं. मौजूदा निदेशक पुनीत गुप्ता के कार्यकाल के दौरान वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं में काफी सुधार देखने को मिला. उनके समय में एयरपोर्ट विस्तार, टर्मिनल अपग्रेडेशन और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचों के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर काफी काम हुआ. यहां तक कि नए टर्मिनल भवन के निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ.ALSO READ : सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की यूनिफॉर्म बदली, नीला जैकेट-ट्राउजर और चेक वाला कुर्ता नई पहचानअब नए निदेशक संतोष ढोके के सामने वाराणसी एयरपोर्ट की बड़ी विस्तार परियोजनाओं को रफ्तार देने की मुख्य चुनौती होगी. खासकर वाराणसी एयरपोर्ट पर प्रस्तावित नए हाई-टेक टर्मिनल का निर्माण, रनवे विस्तार और टनल निर्माण सहित कई अन्य योजनाओं को जमीन पर उतारना उनके लिए महत्वपूर्ण होगा.मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी संतोष ढोके ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन से बीटेक किया है. उन्होंने 1994 में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में अपनी सेवाएं शुरू की थीं. ढोके के पास 'इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोफेशनल' की भी डिग्री है.
वाराणसी में लेखपाल का प्राइवेट मुंशी घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, खारिज-दाखिल के लिए मांगे एक लाख
वाराणसी में लेखपाल का प्राइवेट मुंशी घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, खारिज-दाखिल के लिए मांगे एक लाख
वाराणसी : एंटी करप्शन टीम वाराणसी मंडल ने 1 लाख रुपये घूस लेते हुए एक लेखपाल के प्राइवेट मुंशी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी मुंशी को यूपी कॉलेज गेट के पास इंडियन बैंक के समीप से मंगलवार की दोपहर दबोचा गया. वहीं, मामले में आरोपी लेखपाल फरार बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है. लेखपाल का क्षेत्र सीरगोवर्धन बताया जा रहा है.शिकायतकर्ता कमल कान्त विक्रम (निवासी: जैपार (उन्‍दी), थाना शिवपुर ने एंटी करप्शन थाना कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता के पिता ओमप्रकाश सिंह द्वारा पुश्तैनी जमीन के विक्रय से संबंधित खारिज-दाखिल (म्यूटेशन) के लिए आवेदन किया गया था. आरोप है कि क्षेत्र के हल्का लेखपाल कुन्दन सिंह द्वारा खारिज-दाखिल कराने के एवज में 1,00,000 रुपये घूस की मांग की जा रही थी. मंगलवार को जब शिकायतकर्ता और लेखपाल के बीच फोन पर वार्ता हुई, तो लेखपाल ने अपने प्राइवेट मुंशी अशोक को मिलने के लिए भेजा. मुंशी अशोक ने शिकायतकर्ता को यूपी कॉलेज गेट के पास बुलाया और 1 लाख रुपये की रिश्वत प्राप्त की.ALSO READ: काशी को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर, ‘संत परंपरा’ पर स्टोरीटेलिंग सत्र का आयोजनइस बीच घात लगाए बैठी एंटी करप्शन वाराणसी की टीम ने मौके से ही आरोपी मुंशी अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत के पूरे पैसे बरामद कर लिए. आरोपी मुंशी बीएलडब्ल्यू रोड, शिवदासपुर, थाना मंडुवाडीह का निवासी बताया गया. पूछताछ में गिरफ्तार मुंशी ने कबूला कि लेखपाल के कहने पर ही वह रिश्वत लेने आया था. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसमें लेखपाल कुन्दन सिंह और मुंशी के बीच रिश्वत के लेन-देन से संबंधित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है. एंटी करप्शन टीम के प्रभारी नीरज सिंह ने बताया की घटना के बाद आरोपी लेखपाल कुन्दन सिंह (हल्का लेखपाल क्षेत्र सीरगोवर्धनपुर, तहसील सदर, वाराणसी) फरार है. एंटी करप्शन टीम तहसील सदर और अन्य संभावित ठिकानों पर उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है. दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कैंट में कानूनी कार्रवाई की जा रही है.