दालमंडी चौड़ीकरण: एक दर्जन से ज्यादा जगहों पर टीन शेड बैरिकेडिंग, स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी...

वाराणसी : दालमंडी चौड़ीकरण अभियान के तहत प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए चौक थाने की ओर से दालमंडी जाने वाले मार्ग और नई सड़क की तरफ से प्रवेश मार्गों पर टीन शेड लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई है. इसके चलते आम लोगों के साथ-साथ क्षेत्र के निवासियों और दुकानदारों को भी आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पूछताछ के बाद ही उन लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है जिनके घर या दुकानें क्षेत्र के भीतर हैं. सुरक्षा कारणों से मीडिया की एंट्री पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है. केवल अधिकृत अधिकारी, कर्मचारी और अभियान से जुड़े लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है.
दालमंडी को जोड़ने वाली प्रमुख गलियों, जैसे नारियली बाजार, कुंजी टोला, छतातले, घुंगरानी गली सहित एक दर्जन से अधिक स्थानों पर टीन शेड लगाकर रास्तों को बंद या नियंत्रित किया गया है. इससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कई लोगों को अपने घर और प्रतिष्ठान तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है.
ध्वस्तीकरण के दौरान कई जगह बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है. बांसफाटक, छतातले और आसपास के इलाकों से वैकल्पिक व्यवस्था कर बिजली सप्लाई दी जा रही है. वहीं कुछ स्थानों पर पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है.
प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 105 भवनों को हटाया जा चुका है. अभियान के तहत पांच चिन्हित मस्जिदों के पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है. पोकलेन मशीन, जेसीबी और मजदूरों की मदद से भवनों को हटाने के साथ-साथ मलबा भी लगातार साफ किया जा रहा है.
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मुतवल्लियों ने ध्वस्तीकरण के लिए सहमति दे दी है
इनमें करीमुल्लाह बेग, संगमरमर, अली रजा, नेसारन और रंगीले शाह मस्जिद शामिल हैं. लंगड़ा हाफिज मस्जिद को लेकर अभी बातचीत चल रही है. पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के. के. सिंह ने बताया कि इस महीने के अंत तक सड़क निर्माण शुरू करा दिया जाएगा. दालमंडी में दो नए भवनों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई है.
650 मीटर लंबी सड़क 17.5 मीटर होगी चौड़ी
जुलाई 2025 से सितंबर 2025 के बीच 181 भवनों और छह धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर उन पर लाल निशान लगाने की कार्रवाई की गई थी. इस योजना के तहत 650 मीटर लंबी सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा किया जाना है. इसके लिए शासन ने 215 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है.
पूरे अभियान के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं. क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.



